मध्यप्रदेश में तेल-गैस की किल्लत से ज्यादा अफवाहों का संकट, रसोई गैस की बुकिंग में परेशानी से एजेंसियों पर ग्राहकों की कतारें, पेट्रोल पंप पर सामान्य
भोपाल। मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़े भीषण युद्ध के दायरा बढ़ने और ईरान और इजरायल के तेल रिफाइनरियों के निशाने बनाने के बाद वैश्विक स्तर पर तेल और गैस को लेकर संकट खड़ा हो गया है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई का भारत में भी असर देखा जा रहा है।
अगर बात करें मध्यप्रदेश की तो प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई जहां अभी तक सामान्य बनी हुई है, वहीं रसोई गैस को लेकर लोगों में घबराहट का माहौल देखा जा रहा है। ऑयल कंपनियों की ओर से गैस बुकिंग का अंतर 25 दिन किए जाने से लोग गैस बुकिंग को लेकर पैनिक हो रहे है, जिससे कई गैस एजेंसियों पर गैस एजेंसियों कर्मचारियों और लोगों में बहस होती देखी जा रही है। वहीं लोगों की बड़ी संख्या में ऑनलाइन बुकिंग करने की कोशिश से इंडेन का नेशनल सॉफ्टवेयर क्रैश हो गया है। वहीं कई गैस एजेंसियों ने ऑफलाइन बुकिंग बंद कर दी है।
गैस एजेंसियों पर लोग सिलेंडर की पर्ची और सिलेंडर के लिए कतार लगाए नजर आ रहे है। वहीं गैस बुकिंग के लिए आए कई लोगों ने यह भी कहा कि वह आने वाले दिनों में गैस की होने वाले किल्लत की आंशका के चलते गैस बुक कराने आए है।
अफवाहों से गैस एजेंसियों पर कतारें-ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के मध्यप्रदेश प्रेसीडेंट आरके गुप्ता ने वेबदुनिया से बात करते हुए कहा कि वैश्वविक हालात को देखते हुए रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग पर 25 दिन की पाबंदी लगा दी है। जैसे आज आप सिलेंडर लेंगे तो अगला सिलेंडर आप 25 दिन बाद ही बुक कर पाएंगे। उन्होने कहा कि युद्ध के बढ़ने और गैस सिंलेडर की ऑनलाइन बुकिंग में समस्या आने के बाद लोगों के बीच कई तरह की अफवाह है। वह कहते है कि रसोई गैस सिलेंडर को लेकर अभी कोई बड़ी किल्लत नहीं है। वह लोगों से अपील करते है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही गैस सिलेंडर का स्टॉक करें, ऐसी कोई समस्या नहीं है।
उपभोक्ता परेशान न हो,सप्लाई सामान्य- मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में पेट्रोल, डीजल एवं घरेलू गैस सिलेण्डर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है एवं आपूर्ति बनी हुई है। प्रदेश में एलपीजी उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी नही हो, इसके लुए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि किसी भी स्थिति में एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी की स्थिति निर्मित नहीं होने दें।
गौरतलब है कि वैश्विक परिदृश्य के कारण पेट्रोलिय उत्पादों के आयात में हुई रुकावट को देखते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कम्पनियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं कि एलपीजी की आपूर्ति एवं विपणन केवल घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को किया जाये।
ऑयल कम्पनियों द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिये रसोई गैस की बुकिंग में बदलाव करते हुए पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही नया रिफिल बुकिंग करने का नियम लागू कर दिया है। जिसका उद्देश्य गैस की कालाबाजारी और अफरा-तफरी को रोकना तथा उपभोक्ताओं को नियमित रूप से समान वितरण सुनिश्चित करना है। इन परिस्थितियों में ऑयल कम्पनियों द्वारा तय किया गया है कि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थाओं के अलावा होटल, मॉल, ब्लक एलपीजी का उपयोग करने वाले औद्योगिक क्षेत्र, फैक्ट्री आदि को कॉमर्शियल एलपीजी की सप्लाई नहीं की जायेगी।
इसके साथ सरकार ने सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया है कि जिला स्तर पर खाद्य विभाग तथा ऑयल कम्पनी के अधिकारी और एलपीजी वितरकों के साथ नियमित रूप से बैठक कर वाणिज्यिक और घरेलू सिलेण्डर की उपलब्धता की समीक्षा करें। साथ ही जिले के बड़े वाणिज्यिक उपभोक्ताओं की भी बैठक कर उनके पास उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं उनकी ईंधन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये वैकल्पिक ईंधन स्रोतों का उपयोग करने की सलाह दी जाये।