उद्घाटन के 22 दिन बाद धंसा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, पंखे से सुखाई जा रही सड़क, अखिलेश का तंज
Lucknow Kanpur Expressway Repair: उद्घाटन के महज 22 दिन बाद ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का 'दम' उखड़ने लगा है। कुल 8 जगहों पर धंस चुकी इस सड़क की मरम्मत के लिए इंजीनियरों ने अब 'हास्यास्पद थेरेपी' शुरू की है। सड़क को सुखाने के लिए बड़े-बड़े पंखे लगा दिए गए हैं। इस अनूठे 'तकनीकी चमत्कार' को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखा तंज कसा है, वहीं चौतरफा फजीहत के बाद एनएचएआई (NHAI) ने टोल वसूली रोक दी है।
दावा किया जा रहा है कि हाल ही में उद्घाटन किए गए एक एक्सप्रेसवे की सड़क कुछ ही हफ्तों में खराब हो गई और उसकी मरम्मत के दौरान पैच को जल्दी सुखाने के लिए पंखों का इस्तेमाल किया जा रहा है। #uttarpradesh #fan #road #kanpurlucknowexpressway pic.twitter.com/FY0im8oniE
— Webdunia Hindi (@WebduniaHindi) August 6, 2026
22 दिन में खुली 'विकास' की कलई
उत्तर प्रदेश के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर इन दिनों सड़कों को पंखे और ब्लोअर से हवा दी जा रही है। वजह बेहद साधारण है—14 जुलाई को चालू हुआ यह एक्सप्रेसवे जगह-जगह से धंस गया है और बारिश के मौसम में तेजी से मरम्मत निपटाने के लिए ठेकेदार पंखों का सहारा ले रहे हैं। वायरल वीडियो के मुताबिक 60 मीटर के दायरे में 10 पंखे लगाए गए हैं।
26 जुलाई को पहली दरार
14 जुलाई को बड़े गाजे-बाजे के साथ चालू हुए इस एक्सप्रेसवे की उम्र एक महीना भी पूरा नहीं कर सकी। 26 जुलाई को उन्नाव जिले के कुरारी गांव के पास (किलोमीटर 64 पर) सड़क का डामर अचानक उखड़ गया और अगल-बगल की जमीन धंस गई। देखते ही देखते 22 दिनों के भीतर एक्सप्रेसवे एक या दो नहीं, बल्कि 8 अलग-अलग स्थानों से धंस गया और कई जगहों पर जानलेवा गड्ढे बन गए। जिस सड़क पर गाड़ियों को 100 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ना था, वहां अब गाड़ियां गड्ढे बचाती नज़र आ रही हैं।
क्या कहा सपा नेता अखिलेश यादव ने?
सड़क सुखाने के लिए पंखे लगाने का वीडियो और तस्वीरें सामने आते ही विपक्षी दलों ने सरकार को आड़े हाथों लिया। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर इस अनोखी मरम्मत का जमकर मज़ाक उड़ाया है। अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा- ये है भाजपाई तरक्की की नई हवा… कुछ दिनों पहले ही जिसका उद्घाटन हुआ हो, उस सड़क को मरम्मत की जरूरत पड़ गई और एक्सप्रेस स्पीड से मरम्मत को सुखाने के लिए पंखे का इस्तेमाल किया जा रहा है, ये हास्यास्पद है। 2-3 हफ्ते में ही जिस एक्सप्रेसवे का दम उखड़ने लगा है, उस पर चलने का जोखिम कौन उठाएगा?
उन्होंने 'अटल प्रोग्रेस वे' का जिक्र करते हुए आगे कहा कि सवाल यह भी है कि योजनाएं सिर्फ कागज़ों में बनकर 'हिस्सा-बांट' का जरिया बन रही हैं या सच में बनेंगी। भाजपा राज में बना हर निर्माण चलता कम है... धंसता, ढहता और गिरता ज़्यादा है।
ये है भाजपाई तरक़्क़ी की नई हवा… कुछ दिनों पहले ही जिसका उद्घाटन हुआ हो उस सड़क को मरम्मत की ज़रूरत पड़ गई और एक्सप्रेस स्पीड से मरम्मत को सुखाने के लिए पंखे का इस्तेमाल किया जा रहा है ये भी हास्यास्पद है। 2-3 हफ़्ते में ही जिस एक्सप्रेसवे का दम उखड़ने लगा है उस पर चलने का जोखिम… pic.twitter.com/zfoydUzRAL
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 6, 2026
NHAI एक्शन में, टोल वसूली रोकी
इस मामले में किरकिरी होने के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की नींद खुली है। NHAI के मुख्य महाप्रबंधक (उत्तर प्रदेश) गौतम विशाल ने बताया कि जब तक क्षतिग्रस्त हिस्से की पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली पूरी तरह से रोक दी गई है।
निर्माण कार्य करने वाली कंपनी के साथ-साथ प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे स्वतंत्र इंजीनियरिंग सलाहकारों और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। टोल न वसूलने से होने वाले पूरे वित्तीय नुकसान की भरपाई निर्माण एजेंसी (PNC) से ही की जाएगी।

