मंगलवार, 13 जनवरी 2026
  1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. राष्ट्रीय
  4. Latest weather news for 28 August 2025 in India
Last Updated :नई दिल्ली , गुरुवार, 28 अगस्त 2025 (09:18 IST)

Weather Update: बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से कई राज्यों में हाहाकार, जानिए कहां कैसा है मौसम?

mumbai rain
Weather Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार देशभर में मानसून (monsoon) काफी सक्रिय है और कई जगहों पर यह कहर बरपा रहा है। बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से अनेक लोगों की मौतों की खबरें भी आ रही है। वैष्णोदेवी (Vaishnodevi) के यात्रा मार्ग में भूस्खलन से 34 लोगों की मौत हो गई है। जम्मू-कश्मीर में मृतकों की संख्या कुल 41 हो गई है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में जलजमाव हो गया है।
 
नई दिल्ली से मिले समाचारों के अनुसार भारी बारिश के कारण पंजाब समेत उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों में निचले इलाकों में जलभराव हो गया, क्षेत्र में कई ट्रेन रद्द करनी पड़ीं और स्कूल बंद करने पड़े। बारिश के कारण जम्मू-कश्मीर में बुधवार को मृतकों की संख्या बढ़कर 41 हो गई जिनमें से 34 लोगों की मौत वैष्णोदेवी के यात्रा मार्ग में भूस्खलन में हुई है। हालांकि बारिश में कुछ कमी आने से राहत कार्य में तेजी आई है। पंजाब के गुरदासपुर में फंसे 400 स्टूडेंट्स-टीचर्स का रेस्क्यू किया गया। करतारपुर साहिब कॉरिडोर-गुरुद्वारा भारी वर्षा के कारण पानी में डूब गया।ALSO READ: jammu kashmir heavy rain : जम्मू-कश्मीर में बारिश से हाहाकार, अब तक 41 की मौत, ट्रेनें रद्द, स्कूलों में छुट्टी
 
बंगाल की खाड़ी पर बने निम्न दबाव के कारण लगातार हो रही बारिश से तटीय राज्य ओडिशा में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। दक्षिण भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून से कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई और तेलंगाना के निचले इलाकों में पानी भर गया। राष्ट्रीय राजधानी के लिए अगस्त अब तक का सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना रहा है, जहां सामान्य से 60 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई। यमुना नदी का जलस्तर बुधवार रात 8 बजे पुराने रेलवे पुल के पास 205.35 पर पहुंच गया जो खतरे के निशान से ऊपर है।
 
हिमाचल प्रदेश में मणिमहेश यात्रा पर निकले हजारों श्रद्धालु, बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण प्रदेश के चंबा में कई जगहों पर फंसे हुए हैं। खराब मौसम के कारण यह यात्रा सोमवार को स्थगित कर दी गई थी। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने अब तक 3,269 तीर्थयात्रियों को बचाया है।ALSO READ: उत्तर भारत में भारी बारिश से कई जगह सड़कें और पुल बहे, जम्मू में 10 लोगों की मौत, वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन
 
मंगलवार को भारी बारिश, भूस्खलन, अचानक बाढ़ और बादल फटने से राज्य के कई हिस्सों में तबाही मची। ब्यास नदी के उफान पर होने से मनाली में भारी तबाही मची जबकि चंबा जिले और मनाली के ज्यादातर हिस्सों में मोबाइल संपर्क टूट गया। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के 12 में से 10 जिलों में कुल 584 सड़कें बंद हैं और चंबा तथा लाहौल-स्पीति जिलों से रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है।
 
जम्मू-कश्मीर में, मंगलवार सुबह से 24 घंटों में उधमपुर में 629.4 मिमी और जम्मू में 380 मिमी बारिश के साथ बारिश के नए रिकॉर्ड बने हैं। क्षेत्र में उफनती नदियों में पूर्वाह्न 11 बजे से कमी के संकेत दिखाई दिए। लेकिन अनंतनाग और श्रीनगर में झेलम नदी बाढ़ की चेतावनी के निशान को पार कर गई और कई रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में पानी घुस गया।
 
अधिकारियों ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में जलाशयों के उफान पर आने और अचानक आई बाढ़ के कारण कई प्रमुख पुलों, आवासीय भवनों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि निचले बाढ़ग्रस्त इलाकों से 10,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है। अखनूर सेक्टर में उफनती नदी के तेज बहाव में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का एक जवान बह गया। बाद में उसका शव बरामद कर लिया गया। इस बीच शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने घोषणा की कि जम्मू-कश्मीर में शैक्षणिक संस्थान बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए बृहस्पतिवार को बंद रहेंगे।
 
उत्तर रेलवे ने बारिश से हुई तबाही के मद्देनजर बुधवार को जम्मू और कटरा स्टेशनों से आने-जाने वाली 58 ट्रेन को रद्द कर दिया जबकि 64 ट्रेन को विभिन्न स्टेशनों पर बीच में ही रोक दिया गया। एक दिन के निलंबन के बाद रेल यातायात बुधवार सुबह कुछ समय के लिए बहाल हुआ और जम्मू से 6 ट्रेन रवाना हुईं। अधिकारियों ने बताया कि चक्की नदी क्षेत्र में बाढ़ और मिट्टी के कटाव के कारण यातायात फिर से रुक गया है।
 
वैष्णोदेवी के यात्रा मार्ग में भूस्खलन से 34 मृत : वैष्णोदेवी के यात्रा मार्ग में भूस्खलन की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। मृतकों में से अब तक 24 की पहचान हो चुकी है। इनमें से 14 महिलाएं हैं। वैष्णोदेवी की तीर्थयात्रा दूसरे दिन भी स्थगित रही। पंजाब कई दिनों की भारी बारिश के बाद भीषण बाढ़ की चपेट में है। राज्य में एनडीआरएफ, सेना और अन्य एजेंसियों ने अपने बचाव अभियान तेज कर दिए हैं। वायुसेना ने पठानकोट जिले में माधोपुर बैराज के गेट खोलने के लिए तैनात 60 सिंचाई अधिकारियों को हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाल लिया है जबकि एक अधिकारी लापता है।
 
राज्य सरकार ने 27 अगस्त से 30 अगस्त तक सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। एनडीआरएफ और बीएसएफ की टीम ने बुधवार को गुरदासपुर जिले के दबुरी स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में फंसे 381 छात्रों और 70 शिक्षकों के लिए बचाव अभियान चलाया। ए छात्र स्कूल परिसर और आसपास के इलाकों में बाढ़ के कारण फंसे हुए थे।ALSO READ: पंजाब में भारी बारिश, नदियां उफान पर, 27 से 30 अगस्त तक सभी स्कूल रहेंगे बंद
 
बाढ़ प्रभावित पठानकोट में स्थिति गंभीर बनी हुई है क्योंकि रावी, उझ और जलालियां नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई गांव जलमग्न हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हुई बारिश के कारण रंजीत सागर बांध से पानी छोड़े जाने के बाद इन नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। बाढ़ प्रभावित फिरोजपुर जिले से 2 दिनों में 2,000 से ज्यादा लोगों को बचाया गया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरदासपुर जिले का दौरा करने के बाद अधिकारियों को राहत सामग्री पहुंचाने के लिए राज्य सरकार के हेलीकॉप्टरों को सेवा में लगाने का निर्देश दिया।
 
उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में एक बार फिर बाढ़ के हालात बन रहे हैं और गंगा-यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार शाम 4 बजे तक नैनी में यमुना नदी का जलस्तर 83.98 मीटर दर्ज किया गया। भारी बारिश से राज्य भर में जनजीवन अस्त-व्यस्त होने के बीच योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने बाढ़ प्रभावित 17 जिलों में राहत कार्य तेज कर दिए हैं। बाढ़ से 37 तहसीलें और 688 गांव प्रभावित हुए हैं और 2.45 लाख लोगों तथा 30,000 से ज्यादा मवेशियों को जलमग्न इलाकों से हटाना पड़ा है।
 
छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के कारण अचानक बाढ़ आने और बस्तर क्षेत्र के 4 जिलों के विशाल क्षेत्र जलमग्न हो जाने से पांच लोगों की मौत हो गई तथा 2,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों में सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हो गए, जहां पिछले 2 दिनों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं।
 
तेलंगाना के कामारेड्डी, मेडक और अन्य जिलों में भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है और छोटी नदियां और अन्य जलाशय उफान पर हैं। दक्षिण मध्य रेलवे ने पटरियों के ऊपर से पानी बहने के कारण 2 ट्रेन का मार्ग बदल दिया और एक अन्य को रद्द कर दिया। राज्य में बुधवार को बारिश से जुड़ी घटना में घर की दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु सहित राज्य के कई हिस्सों में बुधवार को भारी बारिश हुई जिससे प्रमुख चौराहों पर यातायात जाम लग गया। मौसम विभाग ने कहा कि राज्य के कई जिलों में 30 अगस्त तक भारी वर्षा होने का अनुमान है। तटीय, मालनाड, उत्तरी आंतरिक और दक्षिणी आंतरिक क्षेत्रों के लिए 29 अगस्त तक 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया गया है।
 
जम्मू में रिकॉर्ड बारिश के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 41 हुई, झेलम से श्रीनगर और अनंनाग में बाढ़ : जम्मू व श्रीनगर से मिले समाचारों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में पिछले 2 दिन में रिकॉर्ड बारिश के बाद संबंधित घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 41 हो गई जिनमें से अधिकतर लोग वो हैं, जो वैष्णोदेवी मार्ग पर हुए भूस्खलन की चपेट में आ गए थे। बुधवार को बारिश से कुछ राहत मिलने के बाद राहत कार्यों में तेजी आई।
 
जम्मू क्षेत्र में उफनती नदियों के जलस्तर में पूर्वाह्न 11 बजे से कमी आने के बीच अनंतनाग और श्रीनगर में झेलम नदी का जलस्तर बाढ़ की चेतावनी के निशान को पार कर गया तथा कई रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया। जम्मू में बुधवार सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटों में 380 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 1910 में शीतकालीन राजधानी में वेधशाला की स्थापना के बाद से 24 घंटे की अवधि में सबसे अधिक बारिश है।
 
अधिकारियों ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में जलाशयों के उफान पर आने और अचानक आई बाढ़ के कारण कई प्रमुख पुलों, आवासीय भवनों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि निचले बाढ़ग्रस्त इलाकों से 10,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है। इस बीच शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने घोषणा की कि जम्मू-कश्मीर में शैक्षणिक संस्थान बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए गुरुवार को बंद रहेंगे।
 
इटू ने बुधवार को 'एक्स' पर पोस्ट किया कि खराब मौसम को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के स्कूल और कॉलेज कल (28.08.2025) बंद रहेंगे। उत्तर रेलवे ने जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश से हुई तबाही के मद्देनजर बुधवार को जम्मू और कटरा स्टेशनों से आने-जाने वाली 58 ट्रेनों को रद्द कर दिया जबकि 64 ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर बीच में ही रोक दिया गया।
 
एक दिन के निलंबन के बाद रेल यातायात बुधवार सुबह कुछ समय के लिए बहाल हुआ और जम्मू से 6 ट्रेन रवाना हुईं। अधिकारियों ने बताया कि चक्की नदी क्षेत्र में बाढ़ और मिट्टी के कटाव के कारण यातायात फिर से रुक गया है। कुछ इलाकों में बारिश थम जाने के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व्यक्तिगत रूप से हालात का जायजा लेने के लिए श्रीनगर से जम्मू पहुंचे। अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में ऑप्टिकल फाइबर को हुए नुकसान के करीब 24 घंटे बाद दूरसंचार सेवाएं बहाल कर दी गईं।
 
वैष्णोदेवी में भूस्खलन की घटना में बचावकर्मियों द्वारा मलबे से और शव निकाले जाने के बाद, हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में पर्वतीय क्षेत्र में स्थित वैष्णोदेवी मंदिर के मार्ग पर एक दिन पहले भूस्खलन हुआ था। अधिकारियों के अनुसार 24 मृतकों की पहचान कर ली गई है जिनमें से 14 महिलाएं थीं। मृतकों में राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, पंजाब और महाराष्ट्र के लोग शामिल हैं। जिन 10 मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है, उनमें 4 महिलाएं हैं।
 
अधिकारियों ने कहा कि लगातार और भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में कम से कम 20 लोग घायल हुए हैं जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज हो रहा है। मंगलवार को डोडा जिले में 3 महिलाओं समेत 4 लोगों की मौत हो गई जबकि प्रागवाल में एक बीएसएफ जवान समेत 2 लोगों के शव मिले। अखनूर में मिले एक अन्य शव की अभी पहचान नहीं हो पाई है। पंजाब की सीमा से लगे लखनपुर में सिंचाई विभाग के एक कर्मचारी का शव मिला।
 
कश्मीर घाटी में भी रातभर भारी बारिश हुई, जहां मुख्य झेलम नदी अनंतनाग जिले के संगम और श्रीनगर के राम मुंशी बाग में आज सुबह बाढ़ की चेतावनी के निशान को पार कर गई। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर में कुर्सू, राजबाग, बेमिना और सेकिदाफर के रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया है जबकि मुख्य अनंतनाग शहर के अधिकतर स्थानों पर भी बाढ़ का पानी रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में घुस गया है जिससे बाजार जलमग्न हो गए हैं।ALSO READ: महाराष्‍ट्र से गुजरात तक भारी बारिश, उफान पर नदियां, कई स्‍थानों पर बाढ़ से हालात
 
मंगलवार को डोडा जिले में 3 महिलाओं सहित 4 लोगों की मौत हो गई जबकि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वह सभी की सुरक्षा और उनके कुशल होने की प्रार्थना करते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट में कहा कि श्री माता वैष्णोदेवी मंदिर के मार्ग पर भूस्खलन के कारण लोगों की जान जाने की खबर दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रशासन सभी प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है।
 
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को जम्मू क्षेत्र में भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति से अवगत कराया है और जम्मू-कश्मीर के लोगों को सहायता प्रदान करने के उनके आश्वासन के लिए आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुधवार को बारिश रुकने से उन्हें थोड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि कल की तुलना में, आज (बुधवार) बारिश रुकने से हमें थोड़ी राहत मिली है। निचले इलाकों में पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है।ALSO READ: झारखंड कई हिस्सों में भारी बारिश से 5 लोगों की मौत, एक लापता
 
अधिकारियों ने बताया कि किश्तवाड़ जिले के सुदूर मार्गी इलाके में अचानक आई बाढ़ में 10 मकान और एक पुल बह गया, लेकिन किसी के हताहत होने की तत्काल कोई खबर नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में जम्मू क्षेत्र के अधिकतर हिस्सों में लगातार बारिश जारी रही और तवी, चिनाब, उझ, रावी और बसंतर सहित लगभग सभी नदियों में पानी का स्तर खतरे के स्तर से कई फुट ऊपर है।
 
ओडिशा तट के पास बना लो-प्रेशर एरिया: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, ओडिशा तट के पास बना लो-प्रेशर एरिया पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ते हुए कल (27 अगस्त सुबह 5.30 बजे) एक वेल-मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया में बदल गया है। इसके साथ बना चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊंचाई तक फैला है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। अगले 24 घंटों में यह प्रणाली ओडिशा से होकर पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ेगी।
 
एक चक्रवाती परिसंचरण हरियाणा और उससे सटे उत्तर-पूर्वी राजस्थान पर समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। मानसून ट्रफ इस समय सूरतगढ़, अलवर, आगरा, सतना, डाल्टनगंज, जमशेदपुर, चांदबली से होते हुए वेल-मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया के केंद्र से दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। पश्चिमी विक्षोभ मध्यम और ऊपरी वायुमंडल में एक ट्रफ के रूप में 5.8 किमी की ऊंचाई पर 72°E देशांतर से 30°N अक्षांश के उत्तर की ओर देखा जा रहा है।
 
पिछले 24 घंटों के दौरान देशभर में हुई मौसमी हलचल : पिछले 24 घंटे के दौरान जम्मू डिवीजन में भारी से अति भारी बारिश हुई। आंध्रप्रदेश, तेलंगाना के कुछ हिस्सों, दक्षिण कोंकण और गोवा तथा तटीय कर्नाटक में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। अंडमान-निकोबार द्वीप, तमिलनाडु, केरल, लक्षद्वीप, आंतरिक कर्नाटक, विदर्भ, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, हरियाणा, उत्तर पंजाब और नगालैंड में हल्की से मध्यम बारिश हुई। असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और लद्दाख में हल्की बारिश दर्ज की गई।
 
आज गुरुवार के मौसम की संभावित गतिविधि : स्काईमेट वेदर (skymetweather) के अनुसार आज गुरुवार, 28 अगस्त को मध्यम से भारी बारिश तटीय कर्नाटक, केरल और कोंकण-गोवा में संभव है। हल्की से मध्यम बारिश, कहीं-कहीं भारी बौछारों के साथ ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़, तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा, मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों, राजस्थान, पश्चिमी उत्तरप्रदेश, उत्तर हरियाणा, उत्तर पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लक्षद्वीप में हो सकती है। हल्की से मध्यम बारिश पूर्वोत्तर भारत, सिक्किम, उपहिमालयी पश्चिम बंगाल, उत्तर छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्यप्रदेश, गुजरात क्षेत्र, जम्मू-कश्मीर, आंतरिक कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीपों में संभव है।
 
हल्की बारिश पूर्वी उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, गंगा-पश्चिम बंगाल, पश्चिम राजस्थान, लद्दाख, सौराष्ट्र-कच्छ और तमिलनाडु में हो सकती है। हल्की से मध्यम बारिश, कहीं-कहीं भारी बौछारों के साथ छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश के हिस्सों, मणिपुर और हिमाचल प्रदेश में भी संभावित है।(Photo courtesy: IMD)
 
Edited by: Ravindra Gupta
ये भी पढ़ें
जम्मू कश्मीर के गुरेज सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, 2 आतंकी ढेर