1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. राष्ट्रीय
  4. Indias FTA with the EU is a blueprint to transform the global world order
Last Updated :नई दिल्ली , मंगलवार, 27 जनवरी 2026 (20:50 IST)

'ग्लोबल वर्ल्ड ऑर्डर' को बदलने का ब्लूप्रिंट EU से भारत का FTA, कैसे बनेगा गेम-चेंजर, डोनाल्ड ट्रंप को नहीं आएगी नींद

india eu fta mother of all deals 2026
7 जनवरी 2026 की तारीख इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मंगलवार को घोषित हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को भारतीय उद्योग जगत ने इसे 'गेम-चेंजर' करार दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच हुई यह डील केवल 190 अरब डॉलर के व्यापार की बात नहीं है, बल्कि यह 'ग्लोबल वर्ल्ड ऑर्डर' को बदलने का एक ब्लूप्रिंट है।
 

सुपरपावर बनने की राह में यह डील क्यों है 'गेम चेंजर'?

 
अमेरिका और चीन पर निर्भरता खत्म अब तक भारत और यूरोप दोनों ही व्यापार के लिए अमेरिका की 'मनमर्जी' और चीन की 'सप्लाई चेन' पर निर्भर थे। ट्रंप की 'टैरिफ वॉर' और चीन की विस्तारवादी नीतियों के बीच भारत और EU ने एक-दूसरे के रूप में एक भरोसेमंद पार्टनर खोज लिया है। 
india-eu trad deal

दुनिया की 25% जीडीपी पर असर 

पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि यह समझौता वैश्विक जीडीपी के 25 प्रतिशत हिस्से को प्रभावित करता है। जब दुनिया की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक ताकतें हाथ मिलाती हैं, तो वैश्विक नियम वॉशिंगटन या बीजिंग में नहीं, बल्कि नई दिल्ली और ब्रुसेल्स में तय होते हैं।
 

टेक्निक और स्किल का महासंगम 

योरप के पास पूंजी और तकनीक है, जबकि भारत के पास स्किल और स्केल। जब यूरोपीय तकनीक भारतीय मैन्युफैक्चरिंग हब के साथ मिलेगी, तो भारत दुनिया का नया 'फैक्ट्री आउटलेट' बनकर उभरेगा, जो सुपरपावर बनने की पहली शर्त है।  सुरक्षा और रक्षा में नई साझेदारी इस डील के साथ भारत और EU ने रक्षा और सुरक्षा समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं। समुद्री सुरक्षा और साइबर डिफेंस में सहयोग का मतलब है कि भारत अब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में यूरोप का सबसे मजबूत रणनीतिक साझेदार बन गया है। Edited by : Sudhir Sharma
ये भी पढ़ें
LIVE: सिंगर अरिजीत सिंह प्लेबैक सिंगिंग से लिया संन्यास