मिसाइल टेस्टिंग से खौफ में चीन और अमेरिका, हिन्द महासागर में भेजे जासूसी जहाज, क्या भारत ने बदल दिया प्लान
भारत लगातार अपनी मिसाइल क्षमताओं को मजबूत कर रहा है और साथ ही क्षेत्रीय विरोधियों की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। भारत 15 से 17 अक्टूबर 2025 के बीच बंगाल की खाड़ी में एक लॉन्ग-रेंज मिसाइल परीक्षण करने जा रहा है। भारत के इस परीक्षण से पहले ही अमेरिका और चीन खौफ में आ गए हैं। अमेरिका और चीन दोनों ने ही अपने जासूसी जहाजों को बंगाल की खाड़ी के पास हिन्द महासागर में रवाना कर दिया। सैटेलाइट डाटा से इसकी गतिविधियों की पुष्टि हुई है, जो भारत और चीन के बीच बढ़ते सुरक्षा तनाव के बीच रणनीतिक निगरानी की प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।
चीन और अमेरिका क्यों कर रहे हैं जासूसी
चीन का जासूसी जहाज युआन वांग 5 मलेशिया से हिन्द महासागर में पहुंच चुका है। वहीं अमेरिका का भी जासूसी जहाज ओसेन टाइटन भी भारत के पश्चिमी तट पर पहुंचा हुआ है। मीडिया खबरों के मुताबिक विश्लेषक बता रहे हैं कि इस तरह की तैनाती को अक्सर मिसाइल टेस्ट का डेटा इकट्ठा करने और उसके प्रदर्शन को जांचने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय शक्तियां दुश्मन की ताकत का आकलन करने के लिए ऐसे जासूसी जहाजों को भेजती रहती हैं।
अमेरिका ने भी अपनी ओशन टाइटन नामक टोही (reconnaissance) जहाज को भारत के पश्चिमी तट के पास तैनात किया है। मीडिया खबरों के मुताबिक यह जहाज इस समय मालदीव की राजधानी माले के समीप लंगर डाले हुए है। भारतीय सैन्य परीक्षणों के दौरान अमेरिकी निगरानी गतिविधियों में यह तैनाती तेजी से बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है।
क्या कैंसिल कर दिया गया NOTAM
मीडिया खबरों के मुताबिक भारत द्वारा कथित तौर पर लंबी दूरी की मिसाइल टेस्टिंग के लिए बंगाल की खाड़ी में जो नोटाम जारी किया गया था, उसे अब कैंसिल कर दिया गया है। भारत ने यह मिसाइल परीक्षण भी रद्द कर दिया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी कोई जानकारी नहीं है। एजेंसियां Edited by : Sudhir Sharma