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बूंद-बूंद पानी को तरसेगा पाकिस्तान... भारत के चक्रव्यूह से बौखलाए पाकिस्तान ने दी 'युद्ध' की धमकी
Pakistan threatens India Indus Water Treaty: खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते.... भारत का यह कड़ा रुख अब पाकिस्तान के लिए काल बनता जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद भारत ने जब से ऐतिहासिक 'सिंधु जल समझौते' (Indus Water Treaty) को ठंडे बस्ते में डाला है, तब से इस्लामाबाद के हुक्मरानों की रातों की नींद उड़ी हुई है। अब हालत यह हो गई है कि पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसने की आशंका से घबराए पाकिस्तान ने भारत को सीधे 'युद्ध' की गीदड़भभकी दे डाली है।
यह तो युद्ध की कार्रवाई है
भारत के कड़े तेवरों को देखकर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी बुरी तरह बौखला गए हैं। अंद्राबी ने एक बयान जारी कर कहा कि भारत के इस कदम से 25 करोड़ से अधिक पाकिस्तानियों की जिंदगी दांव पर लग जाएगी। इंटरनेशनल नियमों की दुहाई देते हुए अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान पानी को एक राजनीतिक हथियार या दबाव बनाने के साधन के रूप में इस्तेमाल करने के विचार को खारिज करता है। पानी रोकने की किसी भी कोशिश के गंभीर नतीजे होंगे और इसे UN चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत 'युद्ध की कार्रवाई' (Act of War) माना जा सकता है। ALSO READ: रूस-तालिबान डिफेंस डील से उड़े पाकिस्तान के होश, भारत के लिए क्या हैं इसके कूटनीतिक मायने?
दरअसल, चेनाब नदी का पानी पाकिस्तान के कृषि प्रधान पंजाब प्रांत के लिए रीढ़ है। अगर यह पानी रुक गया, तो पहले से ही कंगाली और सूखे की मार झेल रहा पाकिस्तान का यह हिस्सा पूरी तरह अकाली और भुखमरी के दलदल में धंस जाएगा। भारत ने पहले ही साफ कर दिया है कि आतंकवाद और बातचीत (या पानी) साथ-साथ नहीं चल सकते। अब देखना यह है कि वैश्विक मंचों पर घुटनों के बल रोने वाला पाकिस्तान, भारत के इस 'वॉटर स्ट्राइक' का सामना कैसे करता है!
...तो रेगिस्तान बन जाएगा पाक का पंजाब
आखिर भारत ऐसा क्या करने जा रहा है जिससे पाकिस्तान में हाहाकार मचा है? दरअसल, रणनीति बेहद सटीक है। 1960 के समझौते के तहत जिन तीन पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम और चेनाब) का पानी पाकिस्तान को मिलता था, भारत अब उसमें से चेनाब नदी के पानी को डाइवर्ट करने की महायोजना पर काम कर रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत चेनाब के लगभग 1.9 मिलियन एकड़ फीट (MAF) पानी को एक विशाल टनल (सुरंग) के जरिए भारत की 'ब्यास नदी' में मोड़ दिया जाएगा। ALSO READ: ट्रंप के जाल में फंसे मुनीर, लश्कर की खुली चेतावनी, पाकिस्तान में भड़क सकता है गृहयुद्ध
क्या कहा सीआर पाटिल ने?
केंद्रीय जल संसाधन मंत्री सीआर पाटिल ने सिंधु जल समझौते (Indus Water Treaty) को लेकर भारत के रुख और भविष्य की रणनीति पर बेहद कड़ा और स्पष्ट बयान दिया है। पाटिल ने साफ किया कि सिंधु जल समझौते को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का हवाला देते हुए कहा कि जब से पीएम मोदी ने यह फैसला लिया है, तब से सरकार हर संभव कोशिश कर रही है कि आने वाले सालों में पानी की एक भी बूंद पाकिस्तान न जाने पाए। केंद्रीय मंत्री ने यह भी खुलासा किया कि देश के गृह मंत्री अमित शाह खुद व्यक्तिगत रूप से इस पूरे मामले और पानी रोकने से जुड़े प्रोजेक्ट्स की निगरानी कर रहे हैं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
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