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Last Updated :नई दिल्ली , शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 (21:51 IST)

Shaksgam Valley : शक्सगाम वैली पर मोदी सरकार ने चीन-पाकिस्तान को दिखाई आंखें, हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित

Shaksgam Valley
Shaksgam Valley News : भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि शाक्सगाम घाटी (Shaksgam Valley)भारत का संप्रभु हिस्सा है। विदेश मंत्रालय ने 1963 के चीन-पाकिस्तान 'सीमा समझौते' को अवैध और अमान्य बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया। साथ ही भारत ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) पर भी अपना विरोध दोहराया, क्योंकि यह भारतीय क्षेत्र से होकर गुजरता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि शाक्सगाम घाटी भारतीय क्षेत्र है। हमने 1963 में हस्ताक्षरित तथाकथित चीन-पाकिस्तान 'सीमा समझौते' को कभी स्वीकार नहीं किया है। हमारा रुख स्पष्ट है कि यह समझौता अवैध है।
शक्सगाम वैली में चीन के अवैध निर्माण पर भारत ने स्पष्ट किया-
• शक्सगाम वैली भारत का अभिन्न हिस्सा है।
• 1963 में हुआ तथाकथित चीन‑पाकिस्तान सीमा समझौता भारत ने कभी मान्यता नहीं दी यह अवैध और अमान्य है।
• चीन‑पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) को भी भारत मान्यता नहीं देता, क्योंकि यह भारत के उस क्षेत्र से होकर गुजरता है जो पाकिस्तान के अवैध कब्ज़े में है।
 
सियाचिन के उत्तर में चीन का अवैध सड़क निर्माण
भारत की यह तीखी प्रतिक्रिया उन रिपोर्टों के बाद आई है जिनमें कहा गया है कि चीन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शाक्सगाम क्षेत्र में एक लंबी 'ऑल-वेदर' (हर मौसम में चालू रहने वाली) सड़क का निर्माण कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक लगभग 10 मीटर चौड़ी इस सड़क का 75 किलोमीटर हिस्सा पहले ही बनकर तैयार हो चुका है और निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। यह क्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर के उत्तर में स्थित है, जो भारतीय सेना के लिए अत्यधिक सामरिक महत्व रखता है।
जायसवाल ने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के संपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं। यह बात कई बार पाकिस्तानी और चीनी अधिकारियों को स्पष्ट रूप से बताई जा चुकी है। हम शाक्सगाम घाटी में जमीनी हकीकत बदलने के चीनी प्रयासों का लगातार विरोध करते रहे हैं और अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं।
 
 MEA India ने साफ कहा
- जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के सभी क्षेत्र भारत के अखंड और अविभाज्य हिस्से हैं। यह बात पाकिस्तान और चीन को कई बार स्पष्ट रूप से बताई जा चुकी है।
-  शक्सगाम वैली में जमीनी हकीकत बदलने की किसी भी कोशिश का भारत ने चीन के सामने लगातार विरोध किया है।
- भारत अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है शक्सगाम घाटी
शक्सगाम घाटी दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर, चीन और पाकिस्तान के बीच स्थित है जो भारतीय क्षेत्र का एक हिस्सा है। पूर्वी लद्दाख में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच 2020 में गतिरोध देखने को मिला था। इसके बाद सियाचिन पर नियंत्रण को भारत के लिए और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। भारत-चीन युद्ध के एक साल बाद 1963 में पाकिस्तान ने इसे चीन को सौंपने का काम किया जिसका भारत लगातार विरोध करता आया है। कुछ दिन पहले सैटेलाइट तस्वीरों से जो बात सामने आई उसके अनुसार, चीन निचली शक्सगाम घाटी में सड़क का निर्माण कर रहा है। Edited by: Sudhir Sharma
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