India China LAC dispute : आगे और माहौल खराब होगा : विदेश मंत्रालय

Last Updated: शुक्रवार, 26 जून 2020 (00:57 IST)
नई दिल्ली। गलवान घाटी में एक बार फिर चीन की एक बड़ी धोखेबाजी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, गलवान घाटी में हिंसा वाली जगह पर चीन ने टेंट लगा दिए हैं। यह वही जगह है, हाल ही में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हुई सैन्य झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। मामले से जुड़ी हर जानकारी...
-पूर्वी लद्दाख में गतिरोध पर विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर कभी भी यथास्थिति को बदलने का प्रयास नहीं किया। मौजूदा स्थिति बने रहने से आगे और माहौल खराब होगा।

-विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि गलवान घाटी संघर्ष के बाद दोनों पक्षों ने क्षेत्र में बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती की। चीन वहां मई की शुरुआत से ही बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती कर रहा था, ऐसे में भारत को जवाब में तैनाती करनी ही पड़ी।

-विदेश मंत्रालय के अनुसार वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी पक्ष का व्यवहार मौजूदा समझौतों के प्रति उसके पूर्ण असम्मान को दर्शाता है।
-कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चीन के साथ पुराने और गहरे संबंध होने के बावजूद चीन हमारी जमीन पर कब्जा करता है तथा लगातार आगाह किए जाने के बाद भी सरकार इस बारे में मौन रहती है। इस चुप्पी की वजह देश को बताई जानी चाहिए।
-वाणिज्य मंत्रालय की चीनी सामान पर शिकंजा कसने की तैयारी। ई-कॉमर्स कंपनियों से उत्पादों पर देश का नाम छापने को कहा।
-भाजपा के महासचिव राम माधव ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि उसके शासन काल में ‘विपरीत भूदान’ आंदोलन चलता रहा और चीन एवं पाकिस्तान को देश की ज़मीन दी जाती रही। उन्होंने कहा कि अब केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार किसी को भी देश की इंच भर ज़मीन हड़पने नहीं देगी।
-कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने गलवान घाटी पर चीन के दावे की पृष्ठभूमि में गुरुवार को सवाल किया कि क्या नरेंद्र मोदी सरकार लद्दाख में अप्रैल, 2020 की यथास्थिति की बहाली पर जोर देगी?
-अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने चीन को चेतावनी दी कि उनका देश चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के कदमों से पैदा होने वाले खतरों को लेकर सचेत हो गया है और वह उसकी विचारधारा के प्रसार पर लगाम लगाने के लिए कार्रवाई करेगा।
- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने भारत-चीन गतिरोध को बहुत गंभीर, चिंताजनक स्थिति करार दिया, वार्ता की अपील की
- सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि चीन ने फिर से वहां अपने टेंट लगा दिए हैं।
-सैन्य तनाव के बाद दोनों देशों की तरफ से तनाव घटाने के प्रयास किए गए लेकिन एक बार फिर चीन अपने वादों से मुकर गया है। चीन का ये फैसला तनाव बढ़ा सकता है।
-हालांकि भारतीय सेना ने सीमा पर ऐसे किसी भी नए स्ट्रक्चर होने से इनकार किया है।
-स्पेस टेक्नॉलॉजी कंपनीमैक्सर की ये सैटेलाइट तस्वीरें 22 जून की है। दावा किया गया है कि ये टेंट 16 से 22 जून के बीच बनाए गए हैं। इससे पहले एक और कंपनी प्लानेट लैब ने 16 जून की सैटेलाइट तस्वीरें जारी की थी। उस दिन यहां कोई ऐसा स्ट्रक्चर नहीं था।
- डेपसांग इलाके में भी गतिविधयां संदिग्ध : चीन के डेपसांग इलाके में भी चीन की गतिविधियां संदिग्ध नजर आ रही है। यहां स्थि‍त LAC पर भी चीन ने अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है। दौलत बेग ओल्डी के पास पास पेट्रोलिंग पाइंट पर भी चीन बाधा डालने की कोशिश कर सकता है।
उल्लेखनीय है कि चीनी सैनिकों की सक्रियता को देखते हुए भारतीय सेना भी वॉर अलर्ट मोड पर है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने भारत-चीन गतिरोध को ‘बहुत गंभीर, चिंताजनक स्थिति’ करार दिया, वार्ता की अपील की



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