IIT कानपुर के इस लड़के ने 26 की उम्र में 1 दिन में कमाए 77 करोड़! कैसे AI ने बदली सिद्धार्थ सक्सेना की किस्मत
Siddharth Saxena Inspirational Story: जब भारत का कोई युवा वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाता है, तो पूरे देश का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। ऐसी ही एक हैरान कर देने वाली और बेहद प्रेरणादायक कहानी सामने आई है आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) के ग्रेजुएट सिद्धार्थ सक्सेना की। सिद्धार्थ ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि उन्होंने महज 26 साल की उम्र में एक ही दिन में 8 मिलियन डॉलर यानी करीब 77 करोड़ रुपए की कमाई की थी।
जहां इस उम्र में ज्यादातर युवा अपने करियर को सेट करने में संघर्ष कर रहे होते हैं, वहीं सिद्धार्थ ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बना ली है।
कौन हैं सिद्धार्थ सक्सेना?
राजस्थान के अलवर (Alwar) के रहने वाले सिद्धार्थ सक्सेना एक साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं। बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहने वाले सिद्धार्थ ने साल 2019 में देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CS) में बीटेक (B.Tech) पूरा किया।
सिद्धार्थ ने बताया कि भारत में आईआईटी से कंप्यूटर साइंस करना कितना कठिन है। मशहूर कंटेंट क्रिएटर विराज अला को दिए इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया, "आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस कोर्स में एडमिशन पाना, अमेरिका की विश्व प्रसिद्ध हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) में दाखिला मिलने से भी 20 गुना ज्यादा मुश्किल है।" ALSO READ: AI का नया कारनामा! मास्को में दो ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने की शादी, रोबोट डॉग लाया ब्रेस्लेट्स
कैसे एक ही दिन में कमाए ₹77 करोड़?
आईआईटी से पास आउट होने के बाद, सिद्धार्थ अपने सपनों को पूरा करने के लिए अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को चले गए। साल 2022 में, जब दुनिया में जनरेटिव एआई (Generative AI) की लहर शुरू हो रही थी, तब सिद्धार्थ ने अपने आईआईटी कानपुर के बैचमेट्स प्रग्युष राय और सिर्शेंदु सरकार के साथ मिलकर 'मर्लिन' (Merlin) नाम का एक एआई-पावर्ड क्रोम एक्सटेंशन (AI Chrome Extension) लॉन्च किया।
यह टूल देखते ही देखते कामकाजी लोगों और प्रोफेशनल्स के बीच सुपरहिट हो गया। आज इनके इस स्टार्टअप की वैल्यूएशन 50 मिलियन डॉलर (लगभग ₹415 करोड़ से अधिक) हो चुकी है।
जब इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि उन्होंने एक साल में सबसे ज्यादा कितना कमाया, तो सिद्धार्थ ने मुस्कुराते हुए कहा, "मैं आपको इससे भी बेहतर कुछ बताता हूं। मैंने एक ही दिन में 8 मिलियन डॉलर (करीब 77 करोड़ रुपए) कमाए।" जब उनसे पूछा गया कि क्या वह रातोंरात करोड़पति बन गए, तो उन्होंने कहा, "हां, कुछ ऐसा ही समझ लीजिए।"
"भारतीयों की सोच और अमेरिका के माहौल में है बड़ा फर्क"
सिद्धार्थ ने इस मुकाम तक पहुंचने के अपने अनुभव को साझा करते हुए एक बहुत गहरी बात कही। उन्होंने कहा कि भारत में सीमित संसाधनों की वजह से ज्यादातर लोग 'कमी की मानसिकता' (Scarcity Mindset) के साथ बड़े होते हैं, जहां रिस्क लेने से डर लगता है।
सिद्धार्थ सक्सेना के अनुसार, "हम एक ऐसी मानसिकता से आते हैं जहां पैसे की कमी होती है, लेकिन एक बड़ी कंपनी खड़ी करने के लिए आपको 'प्रचुरता की मानसिकता' (Abundance Mindset) की जरूरत होती है। अमेरिका में लोग रिस्क इसलिए लेते हैं क्योंकि वे उस काम से प्यार करते हैं, सिर्फ इसलिए नहीं कि उन्हें सर्वाइव करने के लिए वो काम करना ही है।"
सिद्धार्थ ने यह भी स्वीकार किया कि जब वह 16 साल के थे, तब उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि वह कभी जीवन में इस मुकाम पर पहुंचेंगे। भारत के एक छोटे से शहर से निकलकर अमेरिका में मल्टी-मिलियन डॉलर कंपनी खड़ी करने वाले सिद्धार्थ आज देश के लाखों युवाओं के लिए रोल मॉडल बन चुके हैं।

