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दिल्ली में बिजली होगी महंगी, इन उपभोक्‍ताओं पर पड़ेगा सीधा असर, जानिए क्या है नया नियम?

Electricity to become costlier in Delhi
Electricity to become costlier in Delhi : दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं को जल्द बिजली के बढ़े हुए बिल का झटका लग सकता है, क्योंकि अब बिजली महंगी होने जा रही। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) वैश्विक तनाव के कारण पैदा हुए ऊर्जा संकट और बिजली खरीद लागत में वृद्धि के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में बिजली बिल बढ़ाने की तैयारी कर रही है। DERC ने बिजली वितरण कंपनियों को उपभोक्ताओं से अधिक ईंधन और बिजली खरीद समायोजन अधिभार (FPPAS) वसूलने की अनुमति दे दी है। दिल्ली में 3 बिजली वितरक कंपनियां हैं। तीनों के इलाके में PPAC का अलग-अलग असर पड़ेगा।
 

FPPAS ने दी यह अनुमति

दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं को जल्द बिजली के बढ़े हुए बिल का झटका लग सकता है, क्योंकि अब बिजली महंगी होने जा रही। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) वैश्विक तनाव के कारण पैदा हुए ऊर्जा संकट और बिजली खरीद लागत में वृद्धि के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में बिजली बिल बढ़ाने की तैयारी कर रही है। DERC ने बिजली वितरण कंपनियों को उपभोक्ताओं से अधिक ईंधन और बिजली खरीद समायोजन अधिभार (FPPAS) वसूलने की अनुमति दे दी है।

500 यूनिट से ज्यादा पर लगेगा झटका

दिल्ली में 3 बिजली वितरक कंपनियां हैं। तीनों के इलाके में PPAC का अलग-अलग असर पड़ेगा। DERC के इस फैसले का सीधा असर उन विद्युत उपभोक्ताओं पर होगा, जो 500 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करते हैं। हालांकि पूर्ण या 50 फीसदी सब्सिडी प्राप्त करने वाले विद्युत उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा। पूर्वी और मध्य दिल्ली में BSES यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) से बिजली लेने वाले ग्राहकों के बिल में लगभग 5.7 फीसदी की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

जून का आएगा महंगा बिल

दिल्ली में जून का बिजली बिल अब महंगा हो जाएगा। बिजली कंपनियों के लिए फिलहाल FPPAS यानी फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज वसूलने की लिमिट 10 फीसदी तय थी, अब इसे बढ़ाकर 16-17 फीसदी करने की परमिशन दे दी है। फ्यूल सरचार्ज बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

इन उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा खास असर

दिल्ली में कमर्शियल और इंडस्ट्रीज के लिए बिजली की दरें पहले से ही पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश की तुलना में बहुत ज्यादा हैं। शून्‍य से 200 यूनिट और 200 से 400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले अधिकांश उपभोक्ताओं पर फिलहाल खास असर नहीं पड़ेगा। वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच महंगा कोयला और बिजली खरीद की लागत बढ़ गई है।
Edited By : Chetan Gour
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