प्रदर्शनकारियों को मिला सपा सांसदों का साथ, डिंपल यादव समेत कई सांसद हिरासत में
कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के बीच सपा नेता डिंपल यादव भी इकरा हसन और प्रिया सरोज समेत सभी सपा सांसदों के साथ संसद से जंतर मंतर की ओर निकल पड़ीं। सभी उनके हाथ में पोस्टर थे, 'जिन पर लिखा था नीट है या चिट है'। कई सांसदों के हाथ में 'पेपर लिक' वाले पोस्टर्स भी दिखाई दे रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारी सांसदों को हिरासत में ले लिया। ALSO READ: LIVE: संसद पहुंचे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोका, सभी गेट बंद, बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात
डिंपल यादव ने सोनम वांगचुक और छात्र आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर संवाद शुरू करने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।
मार्च के दौरान डिंपल यादव ने कहा कि देश के युवा अपनी बात रखना चाहते हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने और संवाद करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक भी लगातार सरकार से बातचीत की अपील कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही। उनके मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था से सबसे ज्यादा नुकसान छात्रों और युवाओं को हो रहा है, जिससे उन पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है। छात्र बस निष्पक्ष परीक्षा चाहते हैं। ALSO READ: CJP Protest Live Updates: NEET पेपर लीक पर संसद से सड़क तक संग्राम, जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज के दावों पर गरम हुई राजनीति
छात्रों पर लाठी और अत्याचार
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) July 20, 2026
इसकी ज़िम्मेदार है भाजपा सरकार
अति निंदनीय ! pic.twitter.com/Tbtf8WPCgx
सपा ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि दिल्ली में छात्रों की आवाज़ उठा रहीं लोकसभा सांसद डिंपल यादव एवं अन्य सपा सांसदों को पुलिस द्वारा डिटेन किया जाना, साथ ही छात्रों पर लाठीचार्ज किया जाना बेहद निंदनीय एवं अलोकतांत्रिक है।
दिल्ली में छात्रों की आवाज़ उठा रहीं लोकसभा सांसद श्रीमती डिम्पल यादव जी एवं अन्य सपा सांसदों को पुलिस द्वारा डिटेन किया जाना, साथ ही छात्रों पर लाठीचार्ज किया जाना बेहद निंदनीय एवं अलोकतांत्रिक है।
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) July 20, 2026
बच्चों की पिटाई से अखिलेश नाराज
इस बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे सांसदों को पुलिस स्टेशन में रखा गया है, जबकि बाहर बच्चों को पीटा जा रहा है। यह कैसी सरकार है? आप बच्चों की बात नहीं सुनना चाहते। अगर NEET परीक्षा हुई और उसमें गड़बड़ी हुई, तो इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है? ALSO READ: जंतरमंतर पर लाठीचार्ज कर रही पुलिस के सामने खड़ा हो चिल्लाया युवक “मारो… मुझे मारो और मारो…”
उन्होंने कहा कि आप 'विश्वगुरु' बनना चाहते हैं; आप दावा करते हैं कि दुनिया 'अमृत काल' में है, फिर भी आप अपने मंत्रियों को नहीं हटा सकते... आपने नौकरियां या रोजगार नहीं दिया। अगर नौकरियां दी गई होतीं, तो क्या बच्चे सड़कों पर उतरते? अभी मुख्य सवाल यह है कि NEET छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और यहां विरोध कर रहे छात्रों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाना चाहिए... जब लोग विरोध प्रदर्शन करते थे, तो अंग्रेज उनकी बात सुनते थे। इसीलिए आज पूरी दुनिया में गांधी का सम्मान किया जाता है। उन्होंने विरोध का रास्ता दिखाया। जिस तरह से वे प्रदर्शनकारियों को हटा रहे हैं - उम्मीद है कि सरकार को अंत में 'सम्मानजनक विदाई' न मिल जाए।"

