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मीनाक्षी नटराजन ने सुप्रीम कोर्ट से मांगा चुनाव लड़ने का अधिकार, भोपाल से दिल्ली तक सड़क पर कांग्रेस
भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने को लेकर कांग्रेस अब सड़क से लेकर कोर्ट तक लड़ाई लड़ रही है। भोपाल से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस सड़क पर उतकर विरोध प्रदर्शन कर रही है। दिल्ली में कांग्रेस विधायकों ने राष्ट्रपति भवन तक विरोध मार्च निकाला। कांग्रेस विधायक राष्ट्रपति से मिलने दिल्ली पहुंचे थे लेकिन राष्ट्रपति भवन से समय नहीं मिलने के बाद कांग्रेस विधायकों ने विरोध मार्च निकाला। वहीं इस पूरे मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में अभी अहम सुनवाई हुई।
मीनाक्षी नटराजन ने रिटर्निंग अफसर के फैसले पर उठाए सवाल-वहीं कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार रही मीनाक्षी नटराजन के साथ आज कांग्रेस के नेताओं ने दिल्ली में प्रेस कॉफ्रेंस की। मीडिया से बात करते हुए मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि मामला कोर्ट में है,इसलिए वह कानूनी पक्ष पर बात नहीं करेगी। वहीं उन्होंने अपने नामांकन को निरस्त करने को गलत बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ एक लीगल नोटिस है, जिसकी जानक्री मेरे ईसीआई मेमोरेंडम में दी गई है। जिस पर आज तक कोर्ट ने संज्ञान नहीं लिया है। अगर उम्मीदवार पर अगर कोई लंबित आपराधिक मामला है तो इसकी जानकारी देनी होती है। अगर किसी मामले में दोषी ठहराया जाता है तो इसकी जानकारी देनी होती है, जाहिर है यह दोनों ही बातें लागू नहीं है, इसलिए नामांकन रद्द करना गलत है।
दूसरी ओर इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई भी चल रही है। जिसमें मीनाक्षी नटराजन की ओर से कांग्रेस के सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी पैरवी कर रहे है। उन्होंने कोर्ट में कहा मीनाक्षी नटराजन केवल चुनाव लड़ने का अधिकार मांग रही है। उन्होंने कहा कि रिटर्निंग अफसर ने उनके नामांकन को शुरुआती चरणों में खारिज कर दिया, वहीं सुप्रीम कोर्ट में मामला होने के बाद भी एक दिन पहले चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए गए।
