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Cockroach Janata Party का बड़ा ऐलान, जंतर मंतर के बाद अब पुणे में प्रदर्शन, देखें Video
देशभर में परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आवाज उठाने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने आंदोलन को अगले चरण में ले जाने का ऐलान कर दिया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद अब संगठन 11 जून को पुणे में बड़ा विरोध प्रदर्शन करने जा रहा है। इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने साफ कहा है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) जवाबदेही स्वीकार नहीं करते, तब तक विरोध जारी रहेगा।
जंतर-मंतर के बाद पुणे बना आंदोलन का नया केंद्र
CJP ने हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
अब संगठन ने महाराष्ट्र के शैक्षणिक केंद्र माने जाने वाले पुणे को अपने अगले आंदोलन के लिए चुना है। जानकारी के अनुसार, 11 जून को सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय परिसर के आसपास छात्रों और युवाओं का शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। संगठन का दावा है कि देश के विभिन्न हिस्सों से छात्र इस अभियान से जुड़ रहे हैं।
भेटूया पुण्यात! जय महाराष्ट्र! https://t.co/3L3IUarDUF
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) June 8, 2026
NEET, CBSE और भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवाल
CJP का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर लगातार विवाद सामने आए हैं। संगठन विशेष रूप से NEET, CBSE, CUET और SSC जैसी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को उठा रहा है। उनका आरोप है कि इन मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
अभिजीत दीपके ने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी एक परीक्षा या घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने की मांग से जुड़ा है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में देश के अन्य शहरों में भी प्रदर्शन आयोजित किए जा सकते हैं।
'युवाओं के मुद्दों पर हो चर्चा'
दीपके ने यह भी कहा कि देश में युवाओं के रोजगार, शिक्षा और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अधिक गंभीर चर्चा की जरूरत है। उनका मानना है कि छात्रों की समस्याओं को राजनीतिक बहसों से ऊपर रखकर देखा जाना चाहिए।
हालांकि कई राजनीतिक नेताओं ने आंदोलन के प्रति समर्थन जताया है, लेकिन CJP का दावा है कि उसका अभियान किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है और यह पूरी तरह छात्रों तथा युवाओं की आवाज को मंच देने का प्रयास है।
दिल्ली से शुरू हुआ यह आंदोलन अब पुणे पहुंच चुका है। ऐसे में 11 जून का प्रदर्शन इस बात का संकेत दे सकता है कि शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की नाराजगी कितनी व्यापक है और आने वाले दिनों में यह अभियान किस दिशा में आगे बढ़ता है।
