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हमारा समय बर्बाद न करें : CJI सूर्यकांत बोले, छात्रों पर पुलिस बर्बरता के खिलाफ याचिका की त्वरित सुनवाई से किया इनकार

CJI Surya Kant
CJI Surya Kant: नीट (NEET) परीक्षा पत्र लीक और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित 'संसद मार्च' के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के मामले में उच्चतम न्यायालय से तत्काल राहत नहीं मिली है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने पुलिस बर्बरता के खिलाफ दायर याचिका पर जल्द सुनवाई करने की अर्जी को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि अदालत के पास ऐसे वीडियो देखने का समय नहीं है। 

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या हुआ? 

अधिवक्ता नरेंद्र मिश्रा ने याचिका का उल्लेख (Mentioning) करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ से मामले को तुरंत सूचीबद्ध (Urgent Listing) करने का अनुरोध किया था।
  • याचिकाकर्ता की दलील : अधिवक्ता ने पीठ को बताया कि छात्र नीट परीक्षा में पारदर्शिता और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) में सुधार जैसे देश से जुड़े गंभीर मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि पुलिस की बर्बरता और लाठीचार्ज के प्रत्यक्ष वीडियो सबूत मौजूद हैं। 
  • सीजेआई की तीखी टिप्पणी : याचिकाकर्ता की बात बीच में ही काटते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “बहुत-बहुत धन्यवाद।” 
जब वकील ने वीडियो साक्ष्यों पर जोर दिया, तो CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा: 
 
“हमारा समय बर्बाद न करें, और अपना समय भी बर्बाद न करें। हमारी वीडियो में कोई रुचि नहीं है; हमारे पास देखने का समय नहीं है।” 
 

दिल्ली उच्च न्यायालय का भी सख्त रुख 

उच्चतम न्यायालय से पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी इस मामले पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था, “अदालत को इसमें मत घसीटिए।” हालांकि, उच्च न्यायालय में जनहित याचिका पर अलग से सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।

कैसे अस्तित्व में आई 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP)? 

यह मामला इस लिहाज से भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि 'कॉकरोच जनता पार्टी' का गठन मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी के बाद ही हुआ था: 
1. सीजेआई का बयान : एक सुनवाई के दौरान मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा गया था कि "समाज में ऐसे परजीवी मौजूद हैं, जो तंत्र पर हमला करते हैं... बेरोजगारी के चलते कुछ युवा कॉकरोच की तरह सोशल मीडिया व अन्य मंचों पर सक्रिय हो जाते हैं..." 
2. सफाई : बाद में सीजेआई ने स्पष्ट किया था कि उनके बयान को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया था और उनकी टिप्पणी केवल फर्जी डिग्री धारकों के संदर्भ में थी। 
3. आंदोलन का रूप : इस टिप्पणी के विरोध स्वरूप डिजिटल रणनीतिकार अभिजीत दिपके द्वारा प्रतीकात्मक रूप से CJP' की शुरुआत की गई, जो देखते ही देखते लाखों छात्रों और युवाओं का एक बड़ा आंदोलन बन गया।
 
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