BRICS Summit 2026 : कल दिल्ली में क्या-क्या रहेगा बंद और चीनी राष्ट्रपति के दौरे का भारत पर असर
BRICS Summit 2026 : भारत में आयोजित हो रहे BRICS Summit 2026 को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस दौरे में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे को विशेष माना जा रहा है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन और नियंत्रित आवाजाही की व्यवस्था की है। जिनपिंग के भारत आने पर 11 सितंबर को दोपहर 2 बजे से रात 8.30 बजे तक राजधानी के कई इलाकों में यातायात प्रभावित रहेगा। इस दौरान 35 से अधिक सड़कों पर ट्रैफिक नियंत्रण और 22 डायवर्जन प्वाइंट बनाए गए हैं।
दिल्ली में किन रास्तों पर असर पड़ेगा?
BRICS सम्मेलन के दौरान वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए मध्य दिल्ली, दक्षिण दिल्ली और नई दिल्ली से जुड़े प्रमुख मार्गों पर अस्थायी ट्रैफिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। मथुरा रोड, तिलक मार्ग, राजेश पायलट मार्ग, अकबर रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ और कौटिल्य मार्ग समेत कई प्रमुख रास्तों पर यातायात व्यवस्था बदली गई है।
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इन मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचें, घर से निकलने से पहले अतिरिक्त समय लेकर चलें और जहां संभव हो, मेट्रो का इस्तेमाल करें। एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी समय से पहले निकलने और ट्रैफिक अपडेट देखकर यात्रा शुरू करने की सलाह दी गई है।
11 सितंबर को दोपहर 2 बजे से रात 8.30 बजे तक विशेष ट्रैफिक व्यवस्था
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के मुताबिक 11 सितंबर को दोपहर 2 बजे से रात 8.30 बजे तक विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी। 35 से अधिक सड़कें नियंत्रण में रहेंगी और 22 प्रमुख डायवर्जन प्वाइंट बनाए गए हैं। वीवीआईपी काफिलों की आवाजाही और सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुसार ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव भी किया जा सकता है। हालांकि, आपातकालीन और जरूरी सेवाओं वाले वाहनों को प्राथमिकता से रास्ता दिया जाएगा।
भारत में हो रहा 18वां BRICS Summit
भारत इस साल 18वें BRICS Leaders Summit की मेजबानी कर रहा है। सम्मेलन का मुख्य कार्यक्रम 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में प्रस्तावित है। भारत मंडपम, प्रगति मैदान को सम्मेलन का प्रमुख आयोजन स्थल बनाया गया है। विदेशी नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के कारण राजधानी के कई हिस्सों में सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को अस्थायी रूप से नियंत्रित किया जा रहा है।
सात साल बाद भारत आएंगे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग
BRICS Summit 2026 के बीच चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा भी बेहद अहम मानी जा रही है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने उनकी भारत यात्रा की घोषणा की है। शी जिनपिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आ रहे हैं और यह करीब सात साल बाद उनकी भारत यात्रा होगी। वे शनिवार और रविवार को नई दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS Summit में हिस्सा लेंगे।
शी जिनपिंग के दौरे को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में सीमा विवादों के कारण तनाव रहा है, लेकिन हाल के समय में रिश्तों में सुधार के संकेत भी दिखाई दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शी की यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने का अवसर बन सकती है। भारत और चीन केवल पड़ोसी देश ही नहीं, बल्कि BRICS के संस्थापक और महत्वपूर्ण सदस्य भी हैं। इसलिए दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति का असर BRICS के भविष्य और उसके सहयोग पर भी पड़ सकता है। भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है, जबकि अगले साल चीन इसकी जिम्मेदारी संभालेगा। ऐसे में मोदी-शी वार्ता को दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ाने के साथ-साथ BRICS के भीतर बेहतर समन्वय की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मोदी-शी मुलाकात पर रहेगी नजर
BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय मुलाकात होने की उम्मीद है। 25 अगस्त को चीन में भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा मुद्दों पर 25वें दौर की वार्ता हुई थी। बातचीत के दौरान आठ सूत्रीय समझौते पर सहमति बनी थी, जिसे दोनों पक्षों के रिश्तों में सुधार की दिशा में सकारात्मक संकेत माना गया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक मोदी-शी वार्ता में रणनीतिक, राजनीतिक और आर्थिक संबंधों के साथ-साथ दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क जैसे मुद्दे भी अहम हो सकते हैं।
चीन और भारत के बीच कारोबार भी बड़ा मुद्दा
भारत और चीन के बीच राजनीतिक मतभेदों के बावजूद आर्थिक संबंध काफी महत्वपूर्ण बने हुए हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का व्यापार करीब 151 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इसके साथ चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है। भारत और चीन की आर्थिक क्षमताओं को एक-दूसरे का पूरक भी माना जा रहा है। चीन की ताकत मैन्युफैक्चरिंग और हार्डवेयर क्षेत्र में है, जबकि भारत की मजबूत स्थिति सॉफ्टवेयर और बड़े युवा कार्यबल के कारण है।
BRICS में ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने पर जोर
शी जिनपिंग की भारत यात्रा का महत्व केवल भारत-चीन संबंधों तक सीमित नहीं है। इसे ग्लोबल साउथ, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और वैश्विक संस्थाओं में सुधार के व्यापक संदर्भ में भी देखा जा रहा है। BRICS के विस्तार के बाद संगठन का दायरा पहले से बड़ा हो गया है। ऐसे में सदस्य देशों के बीच एकता, आर्थिक सहयोग और साझा प्राथमिकताओं को संतुलित करना सम्मेलन की बड़ी चुनौती होगी। भारत ने इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता संभाली है।
इस साल BRICS एजेंडे में स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन, सीमा पार डिजिटल भुगतान, विकासशील देशों की वैश्विक वित्तीय संस्थाओं में अधिक भागीदारी, न्यू डेवलपमेंट बैंक का विस्तार, ऊर्जा सुरक्षा, क्लीन एनर्जी, ग्रीन फाइनेंस, जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस गवर्नेंस जैसे मुद्दे शामिल रहने की उम्मीद है।
दिल्ली आने-जाने वालों के लिए क्या करें?
- 11 सितंबर को दोपहर 2 बजे से रात 8:30 बजे तक प्रभावित मार्गों से बचें।
- यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें।
- संभव हो तो दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल करें।
- एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्री पहले निकलें।
- ट्रैफिक पुलिस के डायवर्जन और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
वीवीआईपी मूवमेंट के कारण ट्रैफिक प्लान में बदलाव हो सकता है, इसलिए यात्रा से पहले अपडेट जरूर देखें।

