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अयोध्या राम मंदिर घोटाला, करोड़ों की चोरी से लेकर इस्तीफों और गिरफ्तारियों तक की पूरी टाइमलाइन

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft
Ayodhya Ram Mandir Scam: अयोध्या के भव्य राम जन्मभूमि मंदिर में दान और चढ़ावे की चोरी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। रूटीन ऑडिट में पकड़ी गई इस वित्तीय हेराफेरी के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित एसआईटी (SIT) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। इस महाघोटाले में जहां एक तरफ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को इस्तीफा देना पड़ा है, वहीं 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

क्या है पूरा मामला?

यह महाघोटाला तब सामने आया जब रूटीन ऑडिट के दौरान दान पेटियों से निकली राशि और बैंक में जमा रकम में भारी अंतर पाया गया। जांच में सामने आया कि मंदिर के कर्मचारियों, पैसों की गिनती करने वाले लोगों और पर्यवेक्षकों (सुपरवाइजरों) ने मिलकर दान में आए नकद, जेवरात और चांदी के आभूषणों की सुनियोजित तरीके से हेराफेरी की। ALSO READ: अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की खुलती जा रहीं परतें, SIT ने सौंपी रिपोर्ट, चंपत की भूमिका संदिग्ध

दिन-प्रतिदिन की कार्रवाई

6-7 जून 2026 : आंतरिक खुलासा व सार्वजनिक आरोप : दान पेटियों से करोड़ों रुपए गायब होने की आंतरिक आशंका सामने आई। सपा नेता तेज नारायण पांडेय ने 7 करोड़ से अधिक के गबन का सार्वजनिक आरोप लगाया।
 
8-9 जून 2026 : PM से CBI जांच की मांग : सोशल मीडिया पर मामला गरमाने के बाद बीजेपी नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की। पीएमओ (PMO) ने राम मंदिर ट्रस्ट से तत्काल रिपोर्ट मांगी। इसी दिन चंपत राय ने आरोपों को खारिज किया।
 
10-11 जून 2026 : बैठकों का दौर व पुराना वीडियो लीक : मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र अयोध्या पहुंचे और 4 घंटे लंबी बैठक की। अगले ही दिन पूर्व लेखापाल महिपाल सिंह का वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि 2021-2022 में भी चोरी पकड़ी गई थी, जिसके सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दिए गए। ALSO READ: हे राम! चढ़ावा चोरी के बाद अब 40% कमीशन के आरोप से गरमाई अयोध्या
 
13 जून 2026 :  मुख्यमंत्री का 'SIT' एक्शन : मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्वरित SIT जांच का आदेश दिया और 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपने को कहा।
 
14 से 20 जून 2026 : SIT की सघन मैराथन जांच : एसआईटी ने मंदिर परिसर, सुरक्षा व्यवस्था और वित्तीय रिकॉर्ड को कब्जे में लिया। महासचिव चंपत राय, गोपाल राय और डॉ. अनिल मिश्रा से कई-कई घंटों तक तीखे सवाल-जवाब किए गए। बैंक अधिकारियों, कैशियरों और नोट गिनने वाली निजी एजेंसी के प्रतिनिधियों से पूछताछ हुई। सभी संदिग्धों के बैंक खातों को खंगाला गया।
 
CM योगी का बड़ा बयान : अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा— जहां 500 वर्षों का इंतजार किया, वहां केवल 15 दिनों का और इंतजार कर लो, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
 
23 जून 2026 : गृह विभाग को रिपोर्ट : एसआइटी ने 15 पन्नों की शुरुआती रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं और चोरी की पुष्टि करते हुए FIR दर्ज करने की सिफारिश की गई।
 
25 जून 2026 : आधिकारिक FIR दर्ज : एसआईटी की रिपोर्ट के बाद ट्रस्ट के कृष्ण मोहन की शिकायत पर रामजन्मभूमि थाने में धोखाधड़ी और चोरी की धाराओं में पहली आधिकारिक FIR दर्ज की गई।
 
26 जून 2026 : पुलिस एक्शन और इस्तीफे : पुलिस ने परिसर के भीतर जाकर जांच की। इसी दिन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया, जिसकी पुष्टि कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने पत्र के जरिए की (हालांकि FIR में इन दोनों का नाम शामिल नहीं है)।

SIT जांच रिपोर्ट के 4 सबसे बड़े खुलासे

70 से अधिक बार संदिग्ध गतिविधियां : सुरक्षा के कड़े घेरे के बावजूद मंदिर के भीतर सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में 70 से अधिक बार संदिग्ध हरकतें रिकॉर्ड पाई गईं।
 
2020 की ऑडिट रिपोर्ट में अंदेशा : जांच में सामने आया कि 2020 की ऑडिट रिपोर्ट में भी उचित दान रिकॉर्ड न होने, स्टॉक रजिस्टर मेंटेन न करने और वित्तीय प्रबंधन कमजोर होने जैसी गंभीर खामियां उजागर की गई थीं, जिन्हें नजरअंदाज किया गया।
 
भारी मात्रा में कैश व चांदी गायब : एसआईटी की पूछताछ में नकद पैसों के साथ-साथ कीमती जेवरात और 60 किलो चांदी के आभूषण गायब होने का आधिकारिक खुलासा हुआ।
 
कड़े सुरक्षा उपाय की सिफारिश : एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में दान की पारदर्शिता बढ़ाने, स्टॉक का सही रिकॉर्ड रखने और सीसीटीवी बैकअप क्षमता को 45 दिनों से बढ़ाकर 180 दिन करने की मजबूत सिफारिश की है।

गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों के नाम

पुलिस ने मंदिर प्रबंधन और नोटों की गिनती करने वाले 8 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनके पास से चोरी की गई रकम भी बरामद हुई है। इनमें लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, रमाशंकर यादव (टिन्नू यादव), मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, अविनाश शुक्ला, सुभाष, करुणेश शामिल हैं। साथ ही आगे की कार्रवाई और पुलिस अनुसंधान वर्तमान में जारी है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
 
लेखक के बारे में
संदीप श्रीवास्तव
संदीप श्रीवास्तव करीब 25 वर्ष से ज्यादा समय से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वेबदुनिया के लिए उत्तर प्रदेश में स्ट्रिंगर के रूप में कार्य करते हैं। .... और पढ़ें
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