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आंध्र प्रदेश में कोरोना से 2 मौतें, 8 नए मरीज मिले; किस वैरिएंट से फैला संक्रमण?

corona cases in Andhra Pradesh
Corona in Andhra Pradesh : आंध्र प्रदेश के वाईएसआर कडप्पा और अन्नमय्या जिलों में कोरोना संक्रमण से जुड़ी दो मौतों की पुष्टि से हड़कंप मच गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग तुरंत सक्रिय हो गया। दोनों जिलों में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग अभियान चलाया गया, जिसमें 8 नए सक्रिय मरीज मिले। कोरोना के किस वैरिएंट से संक्रमण फैल रहा है, इसकी पहचान की जा रही है।
 
डॉक्टरों के अनुसार, इन सभी मरीजों की हालत स्थिर है। इनमें किसी में भी गंभीर लक्षण नहीं हैं और सभी होम आइसोलेशन में रहकर स्वस्थ हो रहे हैं। ALSO READ: भारत में फिर बढ़ने लगे कोरोना के मामले: कुमार सानू के बेटे जान अस्पताल में भर्ती
 
गौरतलब है कि साल 2019 से 2022 के बीच कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था। इस महामारी में लाखों लोगों की जान गई और दुनिया भर के देशों ने इसे नियंत्रित करने के लिए व्यापक प्रयास किए। हालांकि, कोरोना वायरस के नए-नए वैरिएंट समय-समय पर सामने आते रहे हैं।
 

वैरिएंट की पहचान के लिए पुणे भेजे गए सैंपल

वाईएसआर कडप्पा और अन्नमय्या जिलों में मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तेज कर दी है। एहतियात के तौर पर सरकारी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड भी तैयार किए गए हैं।
 
संक्रमित मरीजों के सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजे गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संक्रमण किस वैरिएंट के कारण हुआ है। शुरुआती संकेतों के अनुसार, यह वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) से मिलता-जुलता हो सकता है।
 

क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस के नए वैरिएंट का समय-समय पर सामने आना सामान्य प्रक्रिया है। इसलिए लोगों को घबराने की बजाय सावधानी बरतनी चाहिए।
 
 विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि जब तक स्वास्थ्य विभाग किसी नए वैरिएंट को लेकर आधिकारिक पुष्टि न करे, तब तक अफवाहों से बचें और सामान्य एहतियाती उपाय अपनाते रहें।
 

इन सावधानियों का पालन करें

  • भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाते समय मास्क जरूर पहनें।
  • सार्वजनिक स्थानों पर नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें।
  • हाथों को नियमित रूप से साफ करें या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
  • तेज सर्दी, बुखार, खांसी या अन्य लक्षण दिखाई दें तो लापरवाही न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
लेखक के बारे में
डॉ. आई. वेंकटेश्वर राव
Possessing over 27 years of experience in journalism, the author has served as an Assistant Scriptwriter and Researcher for the electronic Media ETV and ETV2, as well as a Sub-Editor for the magazines Swathi Sapariwara patrika and Sunday Indian. In addition to these roles, the author has contributed short stories.... और पढ़ें
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