अमित शाह की फटकार के बाद अहमदाबाद में महामारी रोकने के लिए AMC का मास्टर प्लान: जानें पानी की शिकायतों के लिए क्या बदला?
अहमदाबाद शहर में पिछले कुछ समय से दूषित पानी की आपूर्ति के कारण स्थानीय इलाकों में बीमारियां बहुत तेजी से फैल रही थीं। नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा सख्त रुख अपनाए जाने के बाद अहमदाबाद नगर निगम (AMC) का प्रशासनिक तंत्र आखिरकार जाग गया है।
पीने के पानी की गुणवत्ता पर उठे सवालों के बाद नगर निगम आयुक्त और उच्च अधिकारियों ने तुरंत बैठक की और स्थिति पर काबू पाने के लिए एक नई सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार की है। इस नई गाइडलाइन के तहत अब अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
शिकायतों के निपटारे के लिए सख्त समय-सीमा तय : नई घोषित SOP के मुताबिक, प्रशासन द्वारा शिकायतों के निपटारे के लिए बेहद सख्त समय-सीमा तय की गई है। अब से शहर में कहीं से भी दूषित पानी आने की शिकायत मिलने पर, प्रशासन को सामान्य परिस्थितियों में अधिकतम 12 घंटे के भीतर उस शिकायत का पूरी तरह निपटारा करना होगा। इसके अलावा, जिन इलाकों को हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है या जहां दूषित पानी की अधिक शिकायतें हैं, ऐसे संवेदनशील इलाकों में शिकायत मिलने के मात्र 6 घंटे के भीतर समस्या का समाधान करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है ताकि महामारी को आगे बढ़ने से रोका जा सके।
बार-बार आने वाली शिकायतों पर सख्त कार्रवाई : प्रशासन द्वारा लिए गए सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक यह है कि यदि किसी एक ही इलाके से दूषित पानी को लेकर 5 बार शिकायत आती है, तो इसे अत्यंत गंभीर मामला माना जाएगा। ऐसी स्थिति में प्रशासनिक तंत्र द्वारा बिना किसी देरी के तुरंत सख्त कदम उठाए जाएंगे और परमानेंट फॉल्ट या ब्रेकडाउन को जल्द से जल्द ठीक किया जाएगा। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बार-बार उत्पन्न होने वाली पानी की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना है।
वैकल्पिक जल आपूर्ति, हेल्थ चेकिंग और डेली रिपोर्टिंग : जिन इलाकों में मुख्य पाइपलाइन में बड़ा ब्रेकडाउन या कोई तकनीकी खराबी होगी, वहां नागरिकों के लिए नगर निगम के टैंकरों द्वारा शुद्ध पीने के पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही, बीमारी को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा प्रभावित इलाकों में घर-घर जाकर (डोर-टू-डोर) हेल्थ चेकिंग की जाएगी। काम में पारदर्शिता लाने के लिए संबंधित क्षेत्र के एडिशनल सिटी इंजीनियर को दैनिक रिपोर्ट सीधे डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर को सौंपनी होगी। नागरिकों की सुविधा के लिए यह पूरा प्लान amc.gov.in/sop-water पर उपलब्ध कराया गया है।
Edited By: Naveen R Rangiyal
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