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अमरनाथ यात्रा 2026 में आस्था का नया रिकॉर्ड! सिर्फ 15 दिनों में 4 लाख श्रद्धालु, क्या इस बार टूटेगा 2022 का सबसे बड़ा रिकॉर्ड?

20 वर्षों के आंकड़े बता रहे हैं नई कहानी

amarnath yatra 2026
आतंकवादी हमले की आशंकाओं, मौसम की चुनौतियों और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई श्री अमरनाथ यात्रा 2026 अब रिकॉर्ड बनाने की ओर तेजी से बढ़ रही है। यात्रा शुरू होने के महज 15 दिनों के भीतर चार लाख से अधिक के आंकड़े को छूने वाली यात्रा में अभी श्रद्धालुओं के कदम थम नहीं रहे हैं। इस साल अभी तक बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके श्रद्धालुओं की संख्‍या पिछले दो दशकों में सबसे तेज गति से यह आंकड़ा पार करने वाला वर्ष बन गया है। यदि यही रफ्तार बनी रही तो इस बार यात्रा समाप्त होने तक श्रद्धालुओं की कुल संख्या 2022 में बने लगभग 6.35 लाख श्रद्धालुओं के सर्वकालिक रिकार्ड को भी पीछे छोड़ सकती है। ALSO READ: क्या है अमरनाथ हिमलिंग के पिघलने का राज? क्या कहते हैं पर्यावरणविद
 
इस वर्ष यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। यात्रा अवधि अपेक्षाकृत लंबी होने के साथ-साथ देशभर से पंजीकरण कराने वालों की संख्या भी काफी अधिक रही है। प्रशासन को सबसे बड़ी चुनौती बिना पंजीकरण और निर्धारित तिथि से पहले पहुंच रहे श्रद्धालुओं को नियंत्रित करने की पड़ रही है। इसी कारण प्रशासन ने बार-बार अपील की है कि श्रद्धालु केवल अपनी निर्धारित तिथि पर ही यात्रा करें, क्योंकि प्रतिदिन यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की संख्या सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सीमित रखी गई है।
 
विशेषज्ञों का मानना है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद यात्रा प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन इसके उलट श्रद्धालुओं का उत्साह पहले से अधिक दिखाई दे रहा है। पहले 15 दिनों में चार लाख के करीब श्रद्धालुओं के दर्शन इस बात का संकेत हैं कि श्रद्धालुओं का विश्वास और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था दोनों मजबूत साबित हुए हैं।
 
amarnath yatra
2022 में कोविड महामारी के बाद श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व आमद ने 6.35 लाख का नया रिकॉर्ड बनाया था। 2023 और 2024 में भी यात्रा में भारी भीड़ रही, हालांकि 2022 का आंकड़ा नहीं टूट पाया। इस वर्ष शुरुआती रुझान बताते हैं कि यदि प्रतिदिन 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं का औसत बना रहा और मौसम सामान्य रहा तो नया कीर्तिमान बन सकता है। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026: क्या बर्फ के शिवलिंग के साथ पार्वती और गणेश भी होते हैं प्रकट?
 
यात्रा की सफलता के पीछे सुरक्षा व्यवस्था भी बड़ी वजह मानी जा रही है। इस बार बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा, ड्रोन निगरानी, आरएफआईडी ट्रैकिंग, हाई-टेक कंट्रोल रूम, सीसीटीवी नेटवर्क और बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधाओं, पोनी एंबुलेंस, हेलीकॉप्टर सहायता तथा आपदा प्रबंधन व्यवस्था को भी पहले से अधिक मजबूत किया गया है।
 
हालांकि चुनौतियां अभी भी कम नहीं हैं। जम्मू में समय से पहले पहुंचने वाले हजारों अपंजीकृत श्रद्धालुओं के कारण आवास, यातायात और पंजीकरण व्यवस्था पर दबाव बना हुआ है। प्रशासन लगातार अपील कर रहा है कि श्रद्धालु केवल वैध पंजीकरण और निर्धारित तिथि के अनुसार ही यात्रा करें, ताकि सभी को सुरक्षित ढंग से दर्शन का अवसर मिल सके।
 
कुल मिलाकर, अमरनाथ यात्रा 2026 केवल आस्था का नहीं बल्कि प्रबंधन, सुरक्षा और जनविश्वास की भी परीक्षा बन गई है। शुरुआती आंकड़े स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि यदि मौसम और सुरक्षा परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो इस वर्ष बाबा बर्फानी के दरबार में श्रद्धालुओं की संख्या नया इतिहास लिख सकती है।
लेखक के बारे में
सुरेश एस डुग्गर
सुरेश डुग्गर वेबदुनिया के लिए जम्मू कश्मीर से समाचार संकलन के लिए अधिकृत हैं। वे तीन दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।.... और पढ़ें
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