'एक प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया'... लोकसभा में अखिलेश यादव का बड़ा हमला
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि जब मंत्री (पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान) संसद पहुंचे, तो सदन के बाहर उनका स्वागत किया गया। सोचिए सदस्यों को कितनी बड़ी राहत मिली होगी और वे किस बड़े संकट से बच गए। एक 'प्रधान' को हटाकर, आपने 'प्रधानमंत्री' को बचा लिया। ALSO READ: पेपर लीक करने वालों की खैर नहीं! जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बताया कितना सख्त है नया कानून
अखिलेश यादव ने कहा कि जो चढ़ावा चोर को नहीं रोक पाए, वो पेपर लीक कैसे रोकेंगे? उन्होंने दावा किया कि भविष्य में भी NEET का पेपर लीक होगा, क्योंकि सरकार इसे रोकने में पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि 10वीं और 12वीं के पेपर भी लीक हुए, लेकिन सरकार के पास इसका कोई जवाब नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार आने के बाद से ही शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और सरकार की नीतियों के चलते पूरी व्यवस्था ध्वस्त होती जा रही है। अब तक 20 पेपर लीक हो चुके हैं।
सपा नेता ने कहा कि विपक्ष को डर है कि कहीं सरकार पूरे शासन को ही आउटसोर्स न कर दे। जब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) तक को आउटसोर्स किया गया है तो आखिर इसकी जवाबदेही किसकी है? ALSO READ: "छात्रों पर पैलेट गन किसके आदेश से चली?" लोकसभा में गौरव गोगोई के तीखे सवाल, NTA और सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने प्राथमिक स्कूलों को निशाना बनाकर बंद किया, जिससे गरीब और जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि RSS ने देश के शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों को बर्बाद कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने देश में नफरत की राजनीति होने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार किसी को न्याय दिलाने में सफल नहीं हुई है।
अखिलेश ने कहा कि सरकार के खिलाफ नारा लगा। सरकार को ईगो था कि सरकार झुकती नहीं, लेकिन नौजवानों ने नारा दिया कि झुकाने वाला चाहिये। उन्होंने कहा कि मंत्री जी लौटे तो सदन के बाहर उनका स्वागत हुआ। उन्होंने कहा कि जो आंदोलन शुरुआत में मजाक लग रहा था, वह इतना गंभीर हो गया कि सरकार को धरने की अनुमति देनी पड़ी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार युवाओं की सभी मांगों को स्वीकार करेगी।

