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इंडिया गठबंधन को अखिलेश यादव की नसीहत, कांग्रेस को सुनाई खरी-खरी

AKhilesh Yadav News
Akhilesh Yadav advice to Congress: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इंडिया गठबंधन की बैठक में कांग्रेस को सख्त संदेश देते हुए कहा कि उसे 'बड़ा दिल' दिखाना चाहिए। उन्होंने गठबंधन के सहयोगी दलों, खासकर क्षेत्रीय दलों का साथ देने और उन्हें उनकी ताकत वाले इलाकों में समर्थन देने की अपील की। यह नसीहत हालिया चुनावी झटकों और डीएमके के गठबंधन से अलग होने के संदर्भ में आई है। 
 
दिल्ली के संविधान क्लब में सोमवार (8 जून) को हुई इंडिया ब्लॉक की बैठक में 23-25 विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, आरजेडी के तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। अखिलेश यादव को बोलने का पहला मौका मिला, जहां उन्होंने कांग्रेस से बड़े दिल का रवैया अपनाने की बात कही। ALSO READ: अखिलेश यादव का नया 'अवतार', सफेद टी-शर्ट और पेंट में नजर आए, फैंस भी हुए दीवाने! (वीडियो)

सबको साथ लेकर चलना चाहिए

सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव ने बैठक में कहा कि कांग्रेस को सभी सहयोगियों को साथ लेकर चलना चाहिए। उन्होंने तमिलनाडु में डीएमके के गठबंधन से अलग होने और अन्य राज्यों में चुनावी नुकसान का जिक्र करते हुए विपक्ष पर बढ़ते दबाव की बात की। अखिलेश ने जोर दिया कि यूपी समेत आने वाले चुनावों में गठबंधन की सफलता सीटों के बंटवारे से ज्यादा जीत पर निर्भर करेगी। उन्होंने अपना पुराना नारा दोहराया- 'बात सीट की नहीं, जीत की है'। 

यूपी चुनाव 2027 पर असर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह बयान 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से सीधे जुड़ा है। सपा-कांग्रेस गठबंधन अभी भी जारी है, लेकिन सीट शेयरिंग पर मंथन चल रहा है। कांग्रेस 100-150 सीटों की मांग कर रही है, जबकि सपा अपनी मजबूत पकड़ वाली सीटों पर ज्यादा दावा करती दिख रही है। अखिलेश ने साफ किया कि गठबंधन में हर दल को अपनी जिताऊ क्षमता के अनुसार जगह मिलनी चाहिए। 
 
बैठक में अखिलेश यादव ने वोट चोरी, पश्चिम बंगाल में कथित धांधली और अन्य मुद्दों पर भी बात की। गठबंधन ने हर दो महीने में बैठक करने, संसद में समन्वय बढ़ाने और जन मुद्दों (जैसे NEET पेपर लीक, बेरोजगारी, महंगाई) पर एकजुट होने का फैसला किया। 
 
कांग्रेस की ओर से अभी औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन गठबंधन के अन्य नेताओं (जैसे तेजस्वी यादव) ने भी कांग्रेस से उदार रवैया अपनाने की अपील की। भाजपा ने इस बैठक को विपक्षी दलों की कमजोरी बताते हुए तंज कसा है। यह घटनाक्रम 2027 के यूपी चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर विपक्षी रणनीति में नई बहस छेड़ गया है। अखिलेश यादव का संदेश साफ है- गठबंधन टिके तो जीत संभव, वरना दबाव बढ़ेगा।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
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