हादसा या मर्डर, क्या है सिंगर जुबीन गर्ग की मौत का रहस्य, CID ने सौंपी चार्जशीट?
असम सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने शुक्रवार को गुवाहाटी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय में सिंगर जुबीन गर्ग की मौत मामले में चार्जशीट पेश की।
बता दें कि असम के रहने वाले सिंगर जुबीन गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में निधन हो गया था। आरोप है कि उनकी हत्या की गई है। इस घटना के लगभग तीन महीने बाद असम सीआईडी ने तीन बक्से भरकर दस्तावेज कोर्ट को सौंपे हैं।
बाद में हत्या का मामला भी जोड़ा : असम सीआईडी में एफआईआर संख्या 18/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 61 (आपराधिक साजिश), 105 (गैर इरादतन हत्या) और 106 (लापरवाही से मृत्यु का कारण बनना) के तहत मामला दर्ज किया गया था और बाद में बीएनएस की धारा 103 के तहत हत्या का मामला भी जोड़ा गया था।
300 गवाहों से हुई पूछताछ : बता दें कि इस मामले में व्यापक जांच की गई है, जिसमें एसआईटी टीम का सिंगापुर दौरा और लगभग 300 गवाहों से पूछताछ शामिल है। एसआईटी एक विस्तृत आरोप पत्र पेश करने के लिए तैयार है, जिसके लिए गवाहों से संबंधित 3,500 पन्नों की जांच की जा चुकी है।
बता दें कि सिंगापुर में कार्यक्रम के आयोजक श्यामकानु महंत, जुबीन के प्रबंधक सिद्धार्थ शर्मा, सह-गायिका अमृतप्रभा महंत, जुबीन के बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी, उनके चचेरे भाई (जो उनके साथ दौरे पर गए थे), निलंबित पुलिस अधिकारी संदीपान गर्ग और जुबीन के निजी सुरक्षा अधिकारी परेश बैश्य और नंदेश्वर बोरा सहित सात लोग महीनों से न्यायिक हिरासत में हैं।
क्या कहा था सीएम : इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने हाल ही में आयोजित असम विधानसभा के शीतकालीन सत्र में दावा किया था कि यह एक हत्या ही है और असम एसआईटी एक पुख्ता रिपोर्ट तैयार करेगी। अब एसआईटी ने शुक्रवार सुबह औपचारिक रूप से आरोप पत्र हासिल किया और फिर सुरक्षा घेरे में सीजेएम कोर्ट के लिए रवाना हुई। पूरे रास्ते में भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए थे, जो इस मामले की संवेदनशीलता और महत्व को दर्शाती है। गायक की असामयिक मौत के बाद से आम लोगों के मन में भी यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कैसे उनके प्रिय सिंगर की मौत हुई।
Edited By: Navin Rangiyal