अभिषक मनु सिंघवी पर 56 करोड़ का जुर्माना!
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और मशहूर वकील अभिषेक मनु सिंघवी पर आयकर विभाग के सेटलमेंट कमीशन (आईटीएससी) ने पिछले तीन सालों की उनकी प्रोफेशनल इनकम 91.95 करोड़ रुपए कम दिखाने के लिए 56.67 करोड़ का जुर्माना लगाया है। हालांकि, कमीशन के इस फैसले पर फिलहाल उन्हें कोर्ट से स्टे मिल गया है।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, सिंघवी अपने दावों के लिहाज से खर्चों के दस्तावेज जमा नहीं करा पाए थे। उन्होंने कमिशन को बताया था कि 2012 में उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट के ऑफिस में दीमकों ने 'हमला' कर दिया था और वे सारे दस्तावेज और वाउचर खा गए। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और कमिशन सिंघवी के इस दावे को भी नहीं पचा पाए थे कि उन्होंने अपने कर्मचारियों के लिए तीन वित्तीय वर्षों में 5 करोड़ के लैपटॉप खरीदे थे, इसलिए वह 30% डिप्रीशिएशन के हकदार हैं।
अखबार से बातचीत करते हुए सिंघवी ने कहा कि मैं वकील समुदाय में सबसे ज्यादा टैक्स जमा करने वाले लोगों में शुमार हूं। इस मामले में भी सारी इनकम चेक के द्वारा ली गई है और भुगतान भी इसी तरह किया गया है। यह अधिक खर्चे का केस है, लेकिन डिपार्टमेंट यह मानने को तैयार नहीं है। रिकॉर्ड नष्ट होने की वजह से मैं किसी सर्वे या जांच के शुरू होने से पहले ही खुद सेटलमेंट कमिशन के पास गया था। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की जांच शुरू होने से पहले रिकॉर्ड नष्ट होने के बारे में मैंने पुलिस को भी सूचना दी थी।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि जिन लोगों ने लोगों को काले धन पर प्रवचन दिया, उन लोगों के घर में काला धन का यह मामला टिप ऑफ द आइसबर्ग है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दिखाया है कि देश में किस तरह काला धन पैदा किया जा रहा है। हमारा प्रश्न है कि वो अपनी करीब 100 करोड़ रुपए की कमाई छिपा कर क्यों बैठे थे?