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नेपाल बाढ़ तबाही में कितने देशों के लोग शामिल, कहां गए 750 लोग, क्या फिर आएगा तांडव?

nepal flood
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद 130 से ज्यादा भारतीय लापता हैं और कई दूसरे लोग फंस गए हैं। इनमें मानसरोवर यात्रा पर गए कई तीर्थयात्री भी शामिल हैं। काठमांडू में भारतीय दूतावास और तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों ने प्रभावित भारतीयों और उनके रिश्तेदारों के लिए हेल्पलाइन शुरू की हैं। सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल एजेंसी ने कहा कि कम से कम 59 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीर्थयात्री थे। 
  

12:31 PM, 27th Aug
नेपाल बाढ़ में मृतकों का आंकड़ा 175 हुआ : नेपाल में बुधवार को आई त्रासदी में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 175 हो गया है। नेपाल सरकार के आंकड़ों के अनुसार, सैंकड़ों लोग लापता हैं, जिनमें 28 देशों के 476 विदेशी नागरिक शामिल हैं। नेपाल सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि लापता लोगों में नेपाली सेना के 44, नेपाली पुलिस के 28 और नेपाल सशस्त्र बलों के 13 जवान भी लापता हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने कहा है कि लापता लोगों में 579 पर्यटक है। नेपाल में आई बाढ़ से भारी तबाही हुई है। ऐसे में दुनिया के कई देश नेपाल की मदद के लिए आगे आए हैं। भारत ने बड़ी संख्या में राहत सामग्री नेपाल रवाना की है। वहीं अमेरिका ने नेपाल की आर्थिक मदद करने का एलान किया है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र भी नेपाल सरकार के साथ मिलकर नेपाल में राहत और बचाव अभियान चला रहा है। यूरोपीय संघ ने भी नेपाल की मदद की पेशकश की है। 

12:13 PM, 27th Aug
रात 12 से सुबह 6 तक बंद होगा Insta- Facebook: Meta अब अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंट्रोल करने जा रहा है। दरअसल, अमेरिका में बच्चों के लिए इसे लत बताया था। अब अमेरिका में बच्चों और किशोरों की सुरक्षा से जुड़े एक बड़े मुकदमे को खत्म करने के लिए समझौता किया है। मेटा इस मामले में करीब 17 अरब डॉलर का भुगतान करेगी और बच्चों के लिए अपने ऐप्स में कई बड़े बदलाव करेगी। इनमें फेसबुक और इंस्टाग्राम पर मिलाकर दिन में दो घंटे की डिफॉल्ट लिमिट और रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक इस्तेमाल पर रोक शामिल है। Meta ने समझौते में कोई गलती स्वीकार नहीं की है। अमेरिका के कई राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने 2023 में Meta पर मुकदमा किया था। आरोप था कि कंपनी ने Facebook और Instagram में ऐसे फीचर बनाए जिनसे बच्चों और किशोरों का इन ऐप्स का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा बढ़ता है। स्टेट्स का कहना था कि इससे बच्चों की मानसिक और शारीरिक सेहत पर नुकसान हो सकता है। कंपनी पर लोगों और माता-पिता को इन खतरों के बारे में गुमराह करने का भी आरोप लगा। मामले की सुनवाई अगस्त 2026 में कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में शुरू हुई थी। समझौता होने के बाद अब यह मुकदमा आगे ट्रायल के रूप में नहीं चलेगा हालांकि अंतिम मंजूरी अदालत को देनी है।

11:53 AM, 27th Aug
आपदा में अवसर खोज रहे लोग : इस त्रासदी के बीच मानवता का एक घिनौना चेहरा भी देखने को मिल रहा है। बाढ़ की त्रासदी झेल रहे नेपाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें लोग बाढ़ में बहकर आ रहे मलबे से सिलिंडर निकालते नजर आ रहे हैं। आपदा के समय एक-दूसरे के साथ हाथ-हाथ मिलाकर आगे बढ़ने के बजाय कुछ लोग सामान लूटते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा कि बाढ़ के पानी में घरेलू सिलिंडर, रेगूलेटर और पाइप बहकर जा रहे हैं। तभी वहां मौजूद कुछ लोगों ने इस आपदा में अवसर खोजते हुए पानी में छलांग लगाई और बहते सिलिंडरों को अपने साथ लेकर जाने लगे। सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो में बताया गया है कि रसुवा का बाढ़ का पानी अब चितवन के नारायणघाट तक पहुंच गया है। लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। एक अन्य वीडियो में बाढ़ का प्रकोप दिखाई दे रहा है। लोग नदी के पास से जान बचाने के लिए भागते नजर आ रहे हैं। वीडियो में स्कूली बच्चे पीठ पर स्कूल बैग लटकाए हुए जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं। सोशल मीडिया पर इन वीडियो को नेपाल का बताकर वायरल किया जा रहा है। हालांकि वेबदुनिया इन सोशल मीडिया के वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। भयानक बाढ़ के बीच जहां लोग अपनी जान बचाने के लिए जूझ रहे हैं, वहीं इसी मुश्किल वक्त में कुछ लोगों की मदद की जाना चाहिए, लेकिन उसकी जगह बहकर आया सामान लूटने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में कुछ लोग गैस सिलेंडर ले जाते हुए नजर आ रहे हैं। बाढ़ की तबाही के बीच सामने आए इस वीडियो ने लोगों को हैरान कर दिया है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इसकी लोकेशन और घटना की पूरी परिस्थितियों की पुष्टि जरूरी है।

10:01 AM, 27th Aug
चीन में भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन शुरू की : चीन में भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर तिब्बत-नेपाल बॉर्डर के इलाकों में अचानक आई बाढ़ में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए मदद पाने के लिए संपर्क करने की जानकारी दी। तिब्बत से शुरू हुई जबरदस्त बाढ़ ने मध्य नेपाल में कई कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया, जरूरी पुल बहा दिए और एक दर्जन हाइड्रोपावर प्रोजेक्टों को ठप कर दिया। दूतावास ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में हाल ही में आई बाढ़ को देखते हुए, आस-पास फंसे भारतीय नागरिक इन संपर्क बिंदुओं से मदद ले सकते हैं।" इसमें कहा गया है कि भारतीय नागरिक मौके पर मौजूद चीनी अधिकारियों से 0086 139 8999 0012 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। मिशन ने बताया कि वे बीजिंग में भारतीय दूतावास से 0086 185 1428 4905 नंबर पर और वाट्सऐप के जरिए और काठमांडू में भारतीय दूतावास से +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 नंबरों पर (इन दोनों पर WhatsApp के जरिए भी) संपर्क कर सकते हैं।

09:56 AM, 27th Aug
4.9 तीव्रता से आई भूकंप के कारण टूटा ग्लेशियर : नेपाल में आई इस विनाशकारी बाढ़ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की प्रमुख इकाई राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (NRSC) ने शुरुआती सैटेलाइट आधारित रिसर्च किया है। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय उपग्रहों से प्राप्त तस्वीरों का उपयोग करते हुए वैज्ञानिकों ने तबाही के पैमाने का आकलन किया और उन घटनाओं को समझने की कोशिश की, जिनके कारण हाल के सालों में हिमालयी क्षेत्र की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक सामने आई। वर्तमान में भारत के 56 उपग्रह पृथ्वी की कक्षा में सक्रिय हैं। NRSC के शुरुआती विश्लेषण के अनुसार, इस आपदा की शुरुआत तिब्बत के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्र में हुई। वैज्ञानिकों का मानना है कि 4.9 तीव्रता के भूकंप ने संभवतः एक सर्क ग्लेशियर (Cirque Glacier) को प्रभावित किया, जिसके बाद उसका एक बड़ा हिस्सा ढह गया। इस घटना से बर्फ और चट्टानों का विशाल हिमस्खलन हुआ, जो तेजी से नीचे घाटी की ओर बढ़ा। जो भारी मात्रा में पानी, मिट्टी, चट्टानें और मलबा लेकर अचानक नीचे की ओर बहा. इससे त्रिशूली नदी में भीषण बाढ़ आई, जिसने व्यापक तबाही मचाई। सैटेलाइट इमेज की स्टडी कर रहे वैज्ञानिकों का मानना है कि सर्क ग्लेशियर का ढहना और उसके बाद हुआ आइस-रॉक एवलॉन्च इस आपदा की सबसे संभावित वजह है।
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