प्राचीन ग्रीस में भी मदर्स डे जैसा उत्सव मनाया जाता था, जो देवताओं की माता 'रिया' (Rhea) को समर्पित था। 10 मई 2026 रविवार को मदर्स डे है। मदर्स डे के इस खास मौके पर, आइए जानते हैं इस दिन से जुड़े 5 बेहद रोचक और अनूठे तथ्य, जो शायद आप नहीं जानते होंगे।
1. अन्ना जार्विस: वह महिला जिन्होंने शुरुआत की
मदर्स डे की शुरुआत का श्रेय अमेरिका की एन्ना जार्विस (Anna Jarvis) को जाता है। अन्ना अपनी मां, एन रीव्स जार्विस से बहुत प्यार करती थीं। उनकी मां एक शांति कार्यकर्ता थीं जो गृहयुद्ध (Civil War) के दौरान घायल सैनिकों की सेवा करती थीं। उनकी इच्छा थी कि दुनिया में एक दिन ऐसा हो जो माताओं के बलिदान और उनके काम को समर्पित हो।
2. मई के दूसरे रविवार को मनाते हैं मदर्स डे
आज भारत सहित दुनिया के 40 से ज्यादा देशों में मई के दूसरे रविवार को ही मदर्स डे मनाया जाता है, हालाँकि कुछ देशों में इसकी तारीखें अलग भी हैं (जैसे ब्रिटेन में मार्च में)। अन्ना जार्विस की मां का निधन 9 मई 1905 को हुआ था, जो उस वर्ष मई का दूसरा रविवार था। इसलिए मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाते हैं।
3. टेलीफोन कॉल्स का सबसे बड़ा दिन
दुनिया भर में मदर्स डे के दिन फोन कॉल्स की संख्या में भारी बढ़ोतरी होती है। आंकड़ों के अनुसार, साल के किसी भी अन्य दिन की तुलना में मदर्स डे पर सबसे ज्यादा लॉन्ग डिस्टेंस कॉल किए जाते हैं। अकेले अमेरिका में इस दिन लगभग 122 मिलियन कॉल्स अपनी मां को की जाती हैं।
4. 'म' (M) अक्षर का वैश्विक संबंध
दुनिया की लगभग हर भाषा में 'मां' शब्द की शुरुआत 'म' (M) अक्षर से ही होती है। चाहे वह हिंदी में माँ, अंग्रेजी में Mother, स्पेनिश में Madre, या जर्मन में Mutter हो। विशेषज्ञों का मानना है कि 'म' की ध्वनि शिशुओं के लिए बोलना सबसे आसान होता है, इसलिए यह शब्द हर संस्कृति में समान रूप से उभरा।
5. फूलों का महत्व और परंपरा
मदर्स डे फूलों के व्यापार के लिए साल का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। आंकड़ों के अनुसार, पूरे वर्ष में बिकने वाले कुल फूलों और पौधों का लगभग 25% हिस्सा अकेले इसी दिन खरीदा जाता है। इस अवसर पर 'कार्नेशन' के फूलों की सबसे अधिक मांग रहती है। इसके पीछे एक विशेष परंपरा है।
सफेद कार्नेशन: अन्ना जार्विस ने इसे मां के शुद्ध प्रेम के प्रतीक के रूप में चुना था। आज यह स्वर्गवासी माताओं को याद करने के लिए उपयोग किया जाता है।
लाल कार्नेशन: यह जीवित माताओं के प्रति सम्मान और प्रेम प्रकट करने के लिए पहना या दिया जाता है।
6. अन्ना जार्विस और व्यवसायीकरण का विरोध
मदर्स डे की संस्थापक अन्ना जार्विस इस दिन को एक पवित्र और व्यक्तिगत भावना के रूप में देखती थीं। हालांकि, जैसे-जैसे इस दिन की लोकप्रियता बढ़ी, कंपनियों ने इसे कार्ड, उपहार और फूलों के व्यापार का जरिया बना लिया। अन्ना इस व्यावसायीकरण (Commercialization) के सख्त खिलाफ थीं। उन्होंने विरोध प्रदर्शन भी किए क्योंकि वह नहीं चाहती थीं कि मां के प्रति प्यार दिखाने के लिए लोग महंगे उपहारों का सहारा लें।
7. खान-पान और रेस्टोरेंट की लोकप्रियता
मदर्स डे पर परिवार के साथ बाहर जाकर खाना खाना अब एक वैश्विक परंपरा बन चुकी है। यह साल का वह दिन होता है जब रेस्टोरेंट्स में सबसे ज्यादा भीड़ देखी जाती है। इसके पीछे का मुख्य उद्देश्य मां को रसोई के दैनिक कार्यों से छुट्टी देना और उन्हें विशेष महसूस कराना होता है।
सार: यह जानकारी हमें बताती है कि मदर्स डे जहाँ एक तरफ भावनाओं और परंपराओं से जुड़ा है, वहीं दूसरी ओर यह वैश्विक स्तर पर व्यापार और सामाजिक व्यवहार का एक बड़ा हिस्सा बन चुका है।