शरद पवार की शिंदे के कक्ष में बैठक से महाराष्ट्र की राजनीति गरमाई, संजय राउत ने उठाए सवाल
Maharashtra Politics : विधान भवन में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कक्ष में शरद पवार द्वारा ली गई बैठक के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस मुलाकात को लेकर संजय राउत ने निशाना साधा, जबकि एकनाथ शिंदे और जितेंद्र आव्हाड ने सफाई दी। ALSO READ: देश के ईवी बाजार में 18% हुई UP की हिस्सेदारी, 30 फीसदी तक पहुंचने का लक्ष्य
मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र विधानसभा स्थित उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कक्ष में अपने विधायकों के साथ बैठक की। इस बैठक के बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। शिवसेना (शिंदे गुट) के कथित "ऑपरेशन टाइगर" प्रकरण के बाद अब शरद पवार की इस बैठक ने राजनीतिक हलकों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है।
इसी बीच केंद्रीय गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने संकेत दिए कि महाराष्ट्र में महायुति और राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए गठबंधन आने वाले दिनों में और मजबूत होगा। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद गुट) के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने इस बैठक को राजनीतिक रंग न देने की अपील की। ALSO READ: TMC को बड़ा झटका, सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक BJP में शामिल, राज्यसभा उपचुनाव के लिए बने उम्मीदवार
शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने इस बैठक पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस व्यक्ति ने महाविकास आघाड़ी सरकार गिराई, उसके कक्ष में पार्टी की बैठक करना एक वरिष्ठ नेता की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता किसी अन्य स्थान पर भी बैठक कर सकते थे।
शिंदे और पवार की मुलाकात के बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने कहा कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की महायुति और देश की एनडीए पहले से अधिक मजबूत नजर आएगी। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही कुछ बड़े राजनीतिक फैसलों की घोषणा हो सकती है।
संजय राउत के बयान पर पलटवार करते हुए योगेश कदम ने कहा कि "गुरु" एकनाथ शिंदे से मुलाकात होने के कारण "शिष्य" को बुरा लग गया होगा। शायद अब गुरु ने अपने शिष्य को सब कुछ बताना बंद कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि संजय राउत कभी शिवसेना के सदस्य नहीं रहे, बल्कि वे शरद पवार के शिष्य हैं। कदम ने दावा किया कि शिंदे और पवार की मुलाकात भविष्य की राजनीतिक घटनाओं की शुरुआत है और एकनाथ शिंदे बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा के आधार पर शिवसेना को आगे बढ़ा रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि शरद पवार महाराष्ट्र के वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं। वे उनके कक्ष में आए, इसलिए उन्होंने स्वयं जाकर उनका स्वागत किया। शिंदे ने कहा कि यही महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति है और हम इसे बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों को इस मुलाकात से "पेट दर्द" हो रहा है या जिनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है, वे मुंबई या ठाणे के "आपला दवाखाना" जाकर इलाज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी आलोचनाओं पर वे कोई ध्यान नहीं देते।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद गुट) के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि शरद पवार की सेहत और सुविधा को देखते हुए विधायकों की बैठक एकनाथ शिंदे के कक्ष में आयोजित की गई थी। इस बैठक के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था और इसे बेवजह राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।

