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रामायण और महाभारत की इन 10 समानताओं को जानकर चौंक जाएंगे

शुक्रवार,अप्रैल 10, 2020
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महाभारत के युद्ध के बाद बहुत से योद्धा बच गए थे। उनमें प्रमुख 18 थे। महाभारत के युद्ध के पश्चात कौरवों की तरफ से 3 और पांडवों की तरफ से 15 यानी कुल 18 योद्धा ही जीवित बचे थे जिनके नाम हैं- कौरव के : कृतवर्मा, कृपाचार्य और अश्वत्थामा, जबकि पांडवों की ...
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इसका सबसे बड़ा जवाब आप यह देख सकते हैं कि विष्णु का राम अवतार मर्यादा पुरुषोत्तम वाला था और कृष्ण अवतार पूर्णावतार था। श्रीकृष्ण संपूर्ण कलाओं में दक्ष थे। लेकिन हम यहां आपको कुछ अलग ही बताने जा रहे हैं।
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कुरुक्षेत्र के युद्ध में भारत का सबसे बड़ा युद्ध हुआ था। इस युद्ध में कौरव और पांडवों की सेना ने भाग लिया था। इस युद्ध को महाभारत का युद्ध कहते हैं। पांडवों के सबसे बड़े भाई युद्धिष्ठिर के उन 5 महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में जानते हैं जो कि महाभारत ...
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श्रीमद्भागवत गीता हमें जीवन के हर क्षेत्र और हर संकट के समाधान का रास्ता बताती है। संकट काल में हमें धर्म की शरण में रहना चाहिए। हालांकि श्रीकृष्ण कहते हैं कि संकट को संकट नहीं एक अवसार माना जाए। वर्तमान में यह खबरें सुनने में आई है कि लॉकडउन में ...
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महाभारत की शिक्षा हर काल में प्रासंगिक रही है। कोरोना वायरस से संकट की इस घड़ी में आप महाभारत से कुछ सबक ले सकते हैं।
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हिन्दू धर्म के एकमात्र धर्मग्रंथ है वेद। वेदों के चार भाग हैं- ऋग, यजु, साम और अथर्व। वेदों के सार को वेदांत या उपनिषद कहते हैं और उपनिषदों का सार या निचोड़ गीता में हैं। गीता हिन्दुओं का सर्वमान्य एकमात्र धर्मग्रंथ है।
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क्या कारण है कि रामायण को लोग पूजते हैं और कुछ लोग महाभारत को घरों में रखना भी वर्जित मानते हैं। रामायण प्रेम, त्याग, कर्तव्य, समभाव और आज्ञापालन जैसे कई आदर्श मूल्यों के साथ-साथ जोड़ने की प्रवृति सिखाती है। जबकि महाभारत इससे बिलकुल उलट है। राग, ...
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भगवान श्री कृष्ण की 8 ही पत्नियां थीं यथा- रुक्मणि, जाम्बवन्ती, सत्यभामा, कालिन्दी, मित्रबिन्दा, सत्या, भद्रा और लक्ष्मणा। आओ जानते हैं सत्यभामा के संबंध में 7 खास बातें।
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भगवान श्रीकृष्ण को हर समय एक देवी साथ देती थी। महाभारत के युद्ध के पूर्व भी श्रीकृष्ण ने माता की पूजा की थी। आओ जानते हैं कि वे कौनसी देवी थी।
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महाभारत की गाथा में कौरवों के मामाश्री शकुनि को अपनी कुटिल बुद्धि के लिए विख्‍यात माना जाता है। छल, कपट और दुष्कृत्यों में माहिर शकुनि ने युद्ध तक पांडवों के विनाश के लिए कई चालें चली। कहते हैं कि इन्हीं चालों के कारण पांडवों के जीवन में उथल पुथल ...
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कुंती एक अद्भुत महिला थीं। पति की मृत्यु के बाद कैसे उन्होंने अपने पुत्रों को हस्तिनापुर में दालिख करवाकर गुरु द्रोणाचार्य से शिक्षा दिलवाई और अंत में उन्हें राज्य का अधिकार दिलवाने के लिए प्रेरित किया यह सब जानना अद्भुत है। आओ जानते हैं कुंती के 6 ...
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महाभारत की घटनाओं और ज्ञान का रहस्य अभी भी बरकरार है। ऐसे में एक आश्चर्य और रहस्य आज भी बरकरार है कि आखिर महाभारत के युद्ध में जहां कृष्ण के साथ 8 अंक जुड़ा रहा वहीं इस युद्ध में 18 का अंक की समानता का रहस्य क्यों है?
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युद्ध का अंत हो चुका था और पांडु पुत्र भीम ने धृतराष्ट्र के पुत्र दुर्योधन का वध कर दिया था। इसको लेकर धृतराष्ट्र के मन में क्रोध और बदले की भावना प्रबल हो उठी थी। अत: मौका पाकर धृतराष्ट्र भीम को मार डालना चाहते थे।
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धृतराष्ट्र आंखों से ही नहीं मन और बुद्धि से भी अंधे थे। उन्होंने अपने जीवन में वैसे तो कई पाप किए थे लेकिन यहां जानिए उनके द्वारा किए गए 5 पापों के बारे में।
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पांडु के पांच में से दूसरे पुत्र का नाम भीम था जिन्हें भीमसेन भी कहते थे। कहते हैं कि भीम में दस हजार हाथियों का बल था और वह गदा युद्ध में पारंगत था। एक बार उन्होंने अपनी भुजाओं से नर्मदा का प्रवाह रोक दिया था। लेकिन वे हनुमानजी की पूंछ को नहीं उठा ...
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भगवान श्रीकृष्ण का धर्म महिलाओं का ही धर्म है। श्रीकृष्ण के माध्यम से हजारों महिलाओं ने मोक्ष को पाया था। आओ जानते हैं कि उन्होंने अपने जीवन में किन किन महिलाओं के सम्मान की रक्षा की, उनकी इच्छाओं की पूर्ति की और उनके जीवन को सुरक्षित बनाया।
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कर्ण में अच्छाइयां भी थी तो बुराइयां भी। यदि कर्ण थोड़ा बहुत सोचते तो कौरव पक्ष महाभारत का युद्ध जीत सकते थे। कर्ण के पास अर्जुन से ज्यादा शक्तिशाली धनुष और बाण थे और सबसे ज्यादा उसमें शक्तियां थीं। कर्ण के विजय धनुष में ऐसी खूबियां थीं, जो अर्जुन ...
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कर्ण एक महान योद्धा थे। वे चाहते तो युद्ध के पहले दिन ही पांडवों को मार देते लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सकता। इसका कारण दुर्योधन द्वारा घटोत्चक पर कर्ण को अमोघ अस्त्र चलाने का कहना, दूसरा कुंती का वचन और तीसरा कृष्ण की नीति। आओ जानते हैं संक्षिप्त में।
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इस युद्ध में कौरवों ने 11 अक्षौहिणी तथा पांडवों ने 7 अक्षौहिणी सेना एकत्रित कर लड़ाई लड़ी थी। कुल अनुमानित 45 लाख की सेना के बीच महाभारत का युद्ध 18 दिनों तक चला और इस युद्ध में कुल 18 योद्धा ही जीवित बचे थे। महाभारत के युद्ध के पश्चात कौरवों की तरफ ...
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