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Mahabharat : जब कर्ण ने श्रीकृष्ण से पूछा मेरा क्या दोष था ? जरूर जानिए श्रीकृष्ण का उत्तर

रविवार,अगस्त 2, 2020
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भगवान श्रीकृष्ण ने तत्काल उठकर अपना दक्षिण हस्त उठाया और हनुमानजी को स्पर्श करके सावधान किया : रुको ! तुम्हारे क्रोध करने का समय नहीं है।
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प्राचीन या पौराणिक काल में 5 सबसे महाप्रलयंकारी अस्त्र थे। पहला ब्रह्मास्त्र, दूसरा नारायणास्त्र, तीसरा पाशुपतास्त्र, चौथा वज्र और पांचवां सुदर्शन चक्र। आओ जानते हैं ब्रह्मास्त्र के बारे में 10 खास बातें।
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भीम द्रौपदी को सबसे ज्यादा प्रेम करते थे और उन्होंने द्रौपदी का हर कदम पर साथ दिया था। साथ ही वह द्रौपदी की हर इच्छा की पूर्ति करते थे। वैसे तो भीम ने द्रौपदी की कई जगह मदद की लेकिन यहां चर्चित 7 घटना का वर्णन।
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दुर्योधन की जिद, अहंकार और लालच ने लोगों को युद्ध की आग में झोंक दिया था इसलिए दुर्योधन को महाभारत का खलनायक कहा जाता है। महाभारत की कथा में ऐसा प्रसंग भी आया है कि दुर्योधन ने काम-पीड़ित होकर कुंवारी कन्याओं का अपहरण किया था।
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हिन्दू पौराणिक ग्रंथों में अनेकों अनेक वरदाना और श्रापों का वर्णन मिलता है। जहां तक श्राप का संबंध है जो हर एक के पीछे कोई कहानी और कारण मिलता है। वरदानों ने जितना घटनाक्रम को संचालित किया उससे कहीं ज्यादा श्रापों ने भविष्य में होने वाली घटनाओं को ...
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बड़े-बुजुर्गों से सुनते आए हैं कि महाभारत को घर में नहीं रखना चाहिए और ना ही इसका घर में पाठ करना चाहिए क्योंकि इससे घर में लड़ाई-झगड़े होते हैं। क्या यह धारणा सही है या नहीं? आओ जानते हैं इस संबंध में खास बात।
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महाभारत को महापुराण नहीं कहते हैं। इसे पंचम वेद का दर्जा मिला हुआ है और यह भारत का इतिहास ग्रंथ है। कुरुक्षेत्र युद्ध कौरवों और पाण्डवों के मध्य कुरु साम्राज्य के सिंहासन की प्राप्ति के लिए कुरुक्षेत्र में युद्ध लड़ा गया था। आओ जानते हैं ...
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कहते हैं कि जरासंध ने अपने पराक्रम से 86 राजाओं को बंदी बना लिया था। बंदी राजाओं को उसने पहाड़ी किले में कैद कर लिया था। यह भी कहा जाता है कि जरासंध 100 राजाओं को बंदी बनाकर किसी विशेष दिन उनकी बलि देना चाहता था जिससे कि वह चक्रवर्ती सम्राट बन सके। ...
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दुर्योधन की पत्नी का नाम भानुमति था। भानुमती के कारण ही यह मुहावरा बना है- कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा, भानुमती ने कुनबा जोड़ा। भानुमती काम्बोज के राजा चन्द्रवर्मा की पुत्री थी। भानुपति बहुत ही सुंदर, आकर्षक, बुद्धिमान और ताकतवर थी। उसकी सुंदरता और ...
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जब पितामह भीष्म बाणों की शैया पर लेते हुए थे तब श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर से कहा:- भीष्म जीवन और मृत्यु के बीच लटक रहे हैं। जाओ, उनसे जो कुछ पूछना है, पूछ लो।' युधिष्ठिर, कृष्ण, कृप और पाण्डवों के साथ कुरुक्षेत्र में पहुंचे। मृत्यु शय्या पर पड़े हुए ...
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हज़ार साल के युद्ध और तपस्या के बाद फिर एक कवच टूटा और नारायण की मृत्यु हो गयी। फिर नर ने आकर नारायण को पुनर्जीवित कर दिया, और यह चक्र फिर फिर चलता रहा।
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महाभारत के संबंध में हजारों कथाएं प्रचलित हैं। यह तो सभी जानते हैं कि युद्ध के पूर्व अर्जुन ने माता पार्वती की साधना कर उनसे युद्ध में विजयी होने के आशीर्वाद प्राप्त किया था लेकिन यह कम ही लोग जानते हैं कि एक बार भगवान शिव की किरात बनकर अर्जुन की ...
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महाभारत में आपने सिर्फ चक्रव्यूह का ही नाम सूना होगा। लेकिन महाभारत के युद्ध में कई प्रकार की व्यू रचना का उल्लेख मिलता है। युद्ध को लड़ने के लिए पक्ष या विपक्ष अपने हिसाब से व्यूह रचना करता था। व्यूह रचना का अर्थ है कि किस तरह सैनिकों को सामने खड़ा ...
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हिन्दू पुराण और महाभारत में कई रहस्य छिपे हुए हैं। उन्हें जानना और समझने बहुत ही कठिन है। पुराणों के जानकार मानते हैं कि वैवस्वत मनु, यमराज और शनिदेव और महाभारत के कर्ण भाई भाई थे।
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महाभारत में ऐसी कई घटनाएं घटी हैं जो व्यक्ति को भावुक कर देती हैं। जैसे बहुत ही कम उम्र में अभिमन्यु का छल से वध करना, द्रोणाचार्य और कर्ण का भी छल से वध कर देना। लेकिन यह तो युद्ध की घटनाएं हैं। युद्ध से अलग भी ऐसी कई कहानियां हैं जो हमें द्रवित कर ...
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महाभारत के युद्ध में 18 अक्षौहिणी सेना ने मिलकर युद्ध लड़ा था। एक अक्षौहिणी सेना में कितने हाथी, घोड़े, पैदल आदि होते हैं और कितने सैनिक होते हैं? इसके अलावा कौन कौन महारथी लड़े थे इस युद्ध में जानिए रोचक जानकारी।
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महाभारत युद्ध के दौरान कुरुक्षेत्र के विशालकाय मैदान में कौरव और पांडवों की सेना के शिविर कहां कहां लगे थे यह शोध का विषय हो सकता है। फिर भी विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी यहां प्रस्तुत है।
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बीआर चौपड़ा की महाभारत के 13 मई 2020 के सुबह और शाम के 93 और 94वें एपिसोड में दुर्योधन वध और अश्वत्थामा को श्राप देने के बाद धृतराष्ट्र के पास विदुरजी मिलने जाते हैं। रोते हुए धृतराष्ट्र कहते हैं कि तब के गए अब आ रहे हो अनुज? निश्चय भी शोक प्रकट ...
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बीआर चौपड़ा की महाभारत के 12 मई 2020 के सुबह और शाम के 91 और 92वें एपिसोड में दुर्योधन द्वारा कर्ण का दाह संस्कार करने के बाद पांडव अपनी बची हुई सेना के साथ रणभूमि में पहुंचते हैं। युधिष्ठिर पूछते हैं कि यह तो बड़े आश्चर्य की बात है कौरव सेना आज ...
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