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CM डॉ. मोहन यादव की राज्यपाल से मुलाकात के बाद कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज, कई मंत्रियों की होगी छुट्टी !
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्यपाल के साथ UCC समेत कई अहम विषयों की दी जानकारी
भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत में मोहन कैबिनेट के विस्तार की अटकलें तेज हो गई है। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अचानक लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मिलने को भी कैबिनेट के संभावित विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं पार्टी से जुड़े सूत्र बताते है कि कैबिनेट विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के बीच अंतिम दौर की चर्चा हो चुकी है।
हलांकि राज्यपाल से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज लोक भवन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल से भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल को प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने को लेकर 9 लाख से अधिक प्राप्त सुझावों, व्यापक जनसमर्थन एवं आगामी कार्ययोजना से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्यपाल के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान के सफल क्रियान्वयन, गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा में प्रस्तावित शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों, 4 कृषि उपजों को प्राप्त जीआई टैग से किसानों को मिलने वाले लाभ, सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार, एमएसएमई एवं स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन, औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन से जुड़े विभिन्न प्रयासों एवं उपलब्धियों पर भी चर्चा हुई।
कैबिनेट विस्तार की क्यों लग रही अटकलें?- मध्यप्रदेश में मोहन सरकार के ढ़ाई साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद अब पहले कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज हो गई है। खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कैबिनेट विस्तार के संकेत दे चुके है। शनिवार को जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिल स्टेशन बैतूल के कुकरु में पहुंचे तो इसके विस्तार से पहले मंथन से जोड़कर देखा गया। वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ होने से इन संभावनाओं को और बल मिल गया है।
आधा दर्जन नए चेहरों को मिलेगी एंट्री!- वर्तमान में मोहन कैबिनेट में मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों सहित कुल 31 सदस्य हैं। चूंकि विधानसभा की सदस्य संख्या के मुताबिक राज्य में अधिकतम 35 मंत्री बनाए जा सकते हैं, इसलिए इस समय चार पद पूरी तरह खाली हैं। ऐसे में मोहन सरकार के पहले कैबिनेट विस्तार में इन खाली पदों को भरने के साथ नॉन परफॉर्मर मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। कैबिनेट विस्तार में 4 से 6 मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है और 7 से 8 नए चेहरों को मौका मिल सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार का मुख्य आधार मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा और उनका रिपोर्ट कार्ड होने वाला है।
क्षेत्रीय और जातिगण समीकरण साधने की कवायद-मोहन सरकार का यह कैबिनेट विस्तार ऐसे समय होने जा रहा है, जब सरकार के ढाई साल पूरे हो चुकी है और अब सरकार और पार्टी 2027 में होने वाले नगरीय निकाय और पंचायत और 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। कैबिनेट विस्तार में पूरा फोकस क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने, महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने और आगामी नगरीय निकाय व 2028 के चुनावों के लिए जातिगत समीकरण साधने पर है।
कैबिनेट विस्तार में कई सीनियर मंत्रियों के साथ विवादों में रहने वाले मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। पहली बाहर विधायक के साथ मंत्री बने चेहरों पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है। वहीं कैबिनेट महिला प्रतिनिधित्व को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। महिला वोट बैंक और क्षेत्रीय समीकरण को साधने के लिए अर्चना चिटनीस को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही रीति पाठक भी दावेदार है। वहीं कैबिनेट में मौजूदा महिला चेहरे राज्यसभा मंत्री राधा सिंह और प्रतिमा बागरी की छुटटी हो सकती है।
इसके साथ सागर और बुंदेलखंड क्षेत्र की नाराजगी दूर करने के लिए सागर, दमोह या पन्ना क्षेत्र के वरिष्ठ विधायकों को जगह मिल सकती है। इसमें सागर के आने वाले पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के साथ पन्ना से आने वाले पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह की दोबारा सरकार में एंट्री हो सकती है। इसके साथ जातिगत समीकरण साधने के लिए सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी की दोबारा सरकार में एंट्री हो सकती है।
