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  4. Shriram Tiwari sends a ₹5 crore defamation notice to Jitu Patwari over the ₹500 crore land dispute involving the Veer Bharat Nyas.

वीर भारत न्यास जमीन विवाद मामले में बढ़ी जीतू पटवारी की मुश्किलें, श्रीराम तिवारी ने भेजा 5 करोड़ का मानहानि नोटिस

वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश मेहता बोले- वीर भारत न्यास निजी ट्रस्ट नहीं, सरकार द्वारा गठित सार्वजनिक न्यास; झूठे आरोपों से छवि धूमिल करने का प्रयास

Veer Bharat Nyas land dispute: Shriram Tiwari sends ₹5 crore defamation notice to Jitu Patwari
भोपाल। उज्जैन की कथित 500 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद अब मामला अदालत की चौखट तक पहुंचने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार एवं वीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश मेहता ने जीतू पटवारी को 5 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस भेजा गया है। 
 
भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश मेहता ने कहा कि दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जीतू पटवारी ने सरकारी भूमि को श्रीराम तिवारी से जुड़े एक निजी ट्रस्ट को कौड़ियों के दाम पर सौंप दिया गया। उन्होंने कहा कि यह आरोप पूरी तरह असत्य, भ्रामक और तथ्यों से परे हैं। मेहता ने स्पष्ट किया कि वीर भारत न्यास को निजी ट्रस्ट बताना तथ्यात्मक रूप से गलत है। उन्होंने कहा कि वीर भारत न्यास राज्य सरकार द्वारा गठित एक सरकारी संस्था है, जिसका संचालन शासन के निर्धारित नियमों और वैधानिक प्रावधानों के तहत होता है। ऐसे में इसे निजी संस्था बताकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया। 

वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि बिना किसी ठोस तथ्य के लगाए गए आरोपों से मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार एवं न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी की व्यक्तिगत, सामाजिक और सार्वजनिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची है। इसी कारण उनकी ओर से जीतू पटवारी को 5 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा गया है।
 
मेहता ने बताया कि नोटिस में जीतू पटवारी से सार्वजनिक रूप से अपने आरोप वापस लेने, माफी मांगने अथवा लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। यदि निर्धारित समय सीमा में ऐसा नहीं किया जाता, तो श्रीराम तिवारी की ओर से सक्षम न्यायालय में मानहानि का दावा सहित अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
 
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिवक्ता गुंजन चौकसे भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आरोप लगाने की स्वतंत्रता है, लेकिन तथ्यों के बिना किसी व्यक्ति या संस्था की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है और ऐसे मामलों में कानून अपना काम करेगा। उन्होंने कहा कि उन्ही के पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी जीतू पटवारी के आरोपों का खंडन कर चुके है। उन्होंने कहा कि अप्रैल 2013 में मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग ने वीर भारत न्यास की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि यह न्यास किसी निजी संस्था के रूप में नहीं बनाया गया था, बल्कि इसे सरकार ने सार्वजनिक उद्देश्य के लिए स्थापित किया था।

क्या था पटवारी का आरोप?-दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया था कि उज्जैन स्थित लगभग 500 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन न्यास के सचिव और मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी से जुड़े एक ट्रस्ट को बेहद कम कीमत पर आवंटित की गई। वीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी की और से  इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें निराधार बताया है और अब कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया है।
लेखक के बारे में
भोपाल ब्यूरो
वेबदुनिया भोपाल ब्यूरो मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण खबरों के प्रकाशन का प्रमुख केंद्र है। भोपाल ब्यूरो से प्रदेश की सियासत, अपराध, व्यापार, खेल,  धर्म-संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरें सटीकता और निष्पक्षता के साथ प्रकाशित की जाती हैं।.... और पढ़ें