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मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों के शामिल करने पर सियासत, विधायक आतिफ अकील के मेंबर बनने पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद खफा

Madhya Pradesh Waqf Board; political controversy over the inclusion of Hindu members in the Madhya Pradesh Waqf Board; Dr. Mohan Yadav; Chief Minister Dr. Mohan Yadav.
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड
भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करते हुए नई कार्यकारिणी का गठन कर दिया है। राजपत्र में जारी अधिसूचना के अनुसार डॉ. सनवर पटेल को वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है। बोर्ड में अध्यक्ष और आयुक्त समेत कुल 9 सदस्यों को शामिल किया गया है। सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि पहली बार बोर्ड में दो हिंदू सदस्यों मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव को सदस्य बनाया गया है। हिंदू सदस्यों को वक्त बोर्ड का सदस्य बनाए जाने पर मुस्लिम संगठनों ने विरोध दर्ज कराया है। वहीं कांग्रेस विधायक आतिफ अकील के वक्फ बोर्ड का सदस्य पर उन्हीं के पार्टी के विधायक आरिफ मसूद ने सवाल उठा दिए है।
 
मुस्लिम संगठनों ने उठाए सवाल-वक्फ बोर्ड में  इंदौर से आने वााले मनोज मालपानी और गुना के अनिमेष भार्गव को शामिल किए जाने पर मुस्लिम संगठनों ने विरोध जताया है। मुस्लिम स्कॉलर इमरान खोखर ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन लोगों को इस्लाम और वक्फ व्यवस्था की जानकारी नहीं है, उन्हें बोर्ड का सदस्य बनाकर सरकार क्या संदेश देना चाहती है। उन्होंने कहा कि क्या किसी मुस्लिम को महाकाल मंदिर समिति या राम मंदिर ट्रस्ट का सदस्य बनाया जा सकता है। उनके मुताबिक सरकार का यह फैसला सांप्रदायिक सोच को दर्शाता है और वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है।
 
कांग्रेस के मुस्लिम विधायकों मे दो फाड़-वहीं कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन का विरोध करते हुए कहा कि वह सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन से जुड़ा मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, ऐसे में सरकार ने इतनी जल्दबाजी क्यों की। मसूद ने सवाल उठाया कि जब संशोधन प्रक्रिया अभी जारी है तो दो की जगह तीन गैर-मुस्लिम सदस्य कैसे बनाए गए। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड एक ट्रस्ट है और धार्मिक मामलों में इस तरह की "सद्भावना" स्वीकार्य नहीं है। राम मंदिर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यदि वहां कोई मुस्लिम ट्रस्टी होता तो स्थिति अलग होती। कांग्रेस विधायक आतिफ अकील को सदस्य बनाए जाने के सवाल पर मसूद ने कहा कि उन्हें भी पहले हज कमेटी का सदस्य बनाए जाने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि आतिफ अकील ने सदस्यता क्यों स्वीकार की, इसका जवाब वही दे सकते हैं।
 
बीजेपी का दावा-नए वक्फ अधिनियम के तहत हुआ गठन- भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि वर्ष 2025 में लागू किए गए नए वक्फ अधिनियम के प्रावधानों के तहत मध्य प्रदेश सरकार ने बोर्ड का पुनर्गठन किया है। उनके अनुसार मध्य प्रदेश इस कानून के तहत सबसे पहले वक्फ बोर्ड का गठन करने वाला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को बोर्ड में शामिल किया गया है। शर्मा का कहना है कि वक्फ की जमीन देश की संपत्ति है और उसका उपयोग गरीबों के हित में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदू सदस्यों का उद्देश्य भी गरीबों का कल्याण करना है और इससे किसी मुस्लिम को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आपत्ति केवल उन लोगों को हो सकती है, जिन्होंने वक्फ संपत्तियों पर कब्जा कर रखा है।
 
हिंदू धर्मगुरु ने फैसले का किया समर्थन- हिंदू धर्मगुरु अनिलानंद महाराज ने बोर्ड में हिंदू सदस्यों को शामिल किए जाने का समर्थन करते हुए कहा कि इससे केवल उन लोगों को परेशानी हो रही है, जिन्होंने वक्फ की करोड़ों रुपये की जमीनों पर कब्जा कर रखा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में सनातन बोर्ड का गठन होता है और कोई मुस्लिम सनातन को अपनाता है, तो उसे भी उसमें शामिल किया जा सकता है।
 
लेखक के बारे में
भोपाल ब्यूरो
वेबदुनिया भोपाल ब्यूरो मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण खबरों के प्रकाशन का प्रमुख केंद्र है। भोपाल ब्यूरो से प्रदेश की सियासत, अपराध, व्यापार, खेल,  धर्म-संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरें सटीकता और निष्पक्षता के साथ प्रकाशित की जाती हैं।.... और पढ़ें
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