'नसबंदी में 40 लाख खर्च, फिर मेरे 6 बच्चे कैसे हो गए?' जनसुनवाई में 'डॉगी भाई' की अनोखी शिकायत, खंडवा नगर निगम पर सवाल
मध्यप्रदेश के खंडवा नगर निगम के विपक्षी पार्षदों/नेताओं ने कुत्तों की नसबंदी योजना में कथित भ्रष्टाचार की शिकायत को लेकर जनसुनवाई में पहुंचकर अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया था। इस दौरान एक व्यक्ति को कुत्ते का मुखौटा पहनाकर लाया गया।
मीडिया को भी दिया बयान
इसके जरिए कुत्तों की नसबंदी योजना में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की गई। विरोध के इस अनोखे तरीके की तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। इस प्रदर्शन के दौरान डॉगी भाई के तौर पर पेश किए गए व्यक्ति का बयान भी लोगों का ध्यान खींच रहा है। उसने मीडिया के माइक पर भी बयान दिया।
अब वायरल 'डॉगी भाई' का बयान भी सुनिए... इन लोगों ने कैरेक्टर को जिस तरीके से पकड़ा है, उस पर गौर कीजिए.
— Akshay Pratap Singh (@AkshayPratap94) August 19, 2026
(तस्वीरें उस वक्त की हैं, जब मध्य प्रदेश के खंडवा नगर निगम के विपक्ष के नेता एक जन सुनवाई में कुत्तों की नसबंदी के कार्यक्रम में "भ्रष्टाचार" की शिकायत लेकर पहुंचे. इस दौरान… pic.twitter.com/RFlavEXeYZ
अधिकारियों में मचा हड़कंप
खंडवा नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक 'मुल्लू' राठौर ने युवक को डॉगी का मुखौटा पहनाकर जनसुनवाई में पेश किया। ये देखकर जनसुनवाई में अफसरों के बीच हड़कंप मच गया। डॉगी का मुखौटा पहने युवक ने सवाल उठाया। शहर में कुत्तों के बधियाकरण का दावा किया जा रहा है तो मुझे 6 बच्चे कैसे पैदा हो गए।
और क्या कहा कहा मुखौटा पहने व्यक्ति ने
कुत्ते का मुखौटा पहनकर प्रदर्शन करने वाले व्यक्ति ने कहा कि मैंने यह न्याय के लिए किया है। हमें बदनाम किया जा रहा है, जबकि असली गलती नगर निगम की है। वे हमारे नाम पर भ्रष्टाचार कर रहे हैं, नसबंदी के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। हमें बदनाम किया जा रहा है, जबकि हम बेहद वफादार जानवर हैं।
#WATCH | Khandwa, Madhya Pradesh: Protester who wore a dog mask says, "I did this for justice. We are being defamed, but the real fault lies with the Nagar Nigam. They are committing corruption in our name, corruption in the name of sterilising us. We are being defamed. But we… https://t.co/ZqKB7wbTzG pic.twitter.com/1YNPWxY2Cg
— ANI (@ANI) August 19, 2026
हमारी नसबंदी के नाम पर फंड लिया गया, लेकिन नसबंदी नहीं की गई। इसके कारण हमारी आबादी बढ़ती चली गई। लोगों को लगता है कि हम उन्हें काटते हैं, लेकिन इसमें हमारी गलती नहीं है। पहले हमें खाने के लिए कुछ मिल जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होता। इसलिए जाहिर है कि हम लोगों के पीछे भागेंगे। हम कलेक्टर से न्याय की मांग करते हैं। हमारे नाम पर पैसा हड़पने वालों और हमें बदनाम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मुझे पता है कि मैं वायरल हो गया हूं। मुझे पूरा भरोसा है कि मुझे न्याय मिलेगा।

