1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. मध्यप्रदेश
  4. kailash vijayvargiya on bhojshala verdict sanatan faith victory

भोजशाला फैसले पर कैलाश विजयवर्गीय बोले- यह सनातन आस्था और सांस्कृतिक स्वाभिमान की जीत

Kailash Vijayvargiya statement
धार स्थित भोजशाला को लेकर आए फैसले पर मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने खुशी जताते हुए इसे ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने विस्तृत सुनवाई और प्रस्तुत साक्ष्यों के गहन परीक्षण के बाद भोजशाला को मंदिर स्वरूप स्वीकार किया है।
 
विजयवर्गीय ने एक्स पर लिखा कि यह फैसला करोड़ों लोगों की आस्था, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपरा के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह क्षण इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों में दर्ज होने वाला अविस्मरणीय अवसर है, जिसने समाज को गर्व और आत्मिक आनंद से भर दिया है।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय सत्य, श्रद्धा और इतिहास की पुनर्प्रतिष्ठा का महत्वपूर्ण पल है। विजयवर्गीय ने इसे भारतीय सभ्यता और सांस्कृतिक स्वाभिमान की जीत बताते हुए कहा कि भोजशाला को लेकर वर्षों से चल रही भावनाओं और संघर्ष को इस फैसले से नई पहचान मिली है। 
 
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि भोजशाला का मूल स्वरूप संस्कृत शिक्षा केंद्र का था। पुरातत्व एक विज्ञान है और कोर्ट वैज्ञानिक निष्कर्षों पर भरोसा कर सकती है। भोजशाला परिसर में एएसआई का संरक्षण जारी रहेगा। मुस्लिम पक्ष को नमाज के लिए धार जिले में अलग जमीन के लिए सरकार से संपर्क करने की छूट दी गई है। अदालत ने परिसर को सरस्वती मंदिर करार देते हुए यहां मुसलमानों के नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी।  Edited by : Sudhir Sharma-
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज़ टीम
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें
अगला लेख
Bhojshala : धार भोजशाला मंदिर ही है, MP हाईकोर्ट का फैसला आते ही हिन्दू पक्ष ने मनाई दीवाली