Harsha Richhariya बनीं हर्षानंद गिरि, उज्जैन में लिया किया संन्यास, संत क्यों आए विरोध में
प्रयागराज महाकुंभ से खूबसूरत साध्वी के रूप में चर्चित हुईं पूर्व मॉडल और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हर्षा रिछारिया ने अब सांसारिक जीवन त्यागकर संन्यास का मार्ग अपना लिया है। रविवार को मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित मौनी तीर्थ आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज ने उन्हें विधि-विधान के साथ संन्यास की दीक्षा दी।
दीक्षा के बाद परंपरा के अनुसार उनका नया नाम रखा गया है और अब वे हर्षानंद गिरि के रूप में जानी जाएंगी। हालांकि उनके संन्यास का कुछ संतों ने विरोध भी किया है।
बताया जा रहा है कि हर्षा रिछारिया ने सांसारिक जीवन से पूरी तरह विरक्ति जताते हुए विधिवत पिंडदान की प्रक्रिया पूरी की और खुद को मृत मानकर संन्यास मार्ग अपना लिया। उनके संन्यासी बनने पर बवाल मच गया है। कुछ संत इसके विरोध में आ गए हैं। संतों का कहना है कि नाचने वालों का हमारे सनातन में कोई स्थान नहीं है। संतों ने कहा कि उन्होंने सनातन धर्म छोड़ने का ऐलान किया था। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है। कई लोग इसे साहसिक कदम बता रहे हैं, तो कई इसे सनातन परंपराओं से छेड़छाड़ मान रहे हैं।
Edited by : Sudhir Sharma
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