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  4. Congress swings into action from Bhopal to Delhi to protest the rejection of Meenakshi Natarajan's nomination for the Rajya Sabha.

राज्यसभा के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करने के विरोध में भोपाल से दिल्ली तक एक्शन में कांग्रेस, चुनाव आयोग से रिटर्निंग अफसर की शिकायत

भोपाल में रोशनपुरा चौराहे पर कांग्रेस नेताओं का धरना, एकजुट नजर आए कांग्रेस के बड़े नेता

Rajya Sabha elections: Congress mobilizes from Bhopal to Delhi to protest the rejection of Meenakshi Natarajan's nomination; a Congress delegation met the Election Commission in Delhi
भोपाल। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के विरोध में कांग्रेस ने बुधवार को भोपाल से दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन किया है। दिल्ली में कांग्रेस के सीनियर नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर रिटर्निंग अफसर की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उसे फैसले को रद्द करने  की  मांग की । वहीं रोशनपुरा चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के अगुवाई में कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता एकजुट होकर भूख हड़ताल पर बैठे।
 
दिल्ली में निर्वाचन आयोग पहुंचा कांग्रेस का प्रनिधिमंडल-कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकर रद्द होने के  खिलाफ कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग पहुंचा। प्रतिनिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी से इस मामले पर मुलाकात की। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में  पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल और पार्टी के सीनियर नेता अभिषेक मनु सिंघवी, रणदीप सिंह सुरजेवाला, जयराम रमेश, भूपेश बघेल और मीनाक्षी नटराजन शामिल थे।
 
चुनाव आयुक्त से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हमने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों से मुलाकात की. हमने भारत के चुनाव आयोग के साथ विस्तार से चर्चा की और तथ्य व आंकड़े पेश किए। हमने उन्हें बताया और अपने हिसाब से बिना किसी शक या विवाद के यह साबित किया कि रिटर्निंग ऑफिसर ने गलत आदेश दिया है।
 
चुनाव आयोग के नियमों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के अपने कानून, 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम' की धारा 33A में कहा गया है कि जानकारी का खुलासा केवल उन मामलों में जरूरी है जहां सजा दो साल से अधिक हो, और सबसे बड़ी बात यह है कि केवल उन मामलों में जहां आरोप तय किए गए हों.उन्होंने कहा कि आरोप तय करने की प्रक्रिया एक न्यायिक प्रक्रिया है और जज ही आरोप तय करते हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा मीनाक्षी नटराजन को नामांकन जिस आधार पर निरस्त किया गया वह एख प्राइवेट शिकायत है.। प्राइवेट शिकायत बेबुनियाद हो सकती है और उसमें कोई दम नहीं हो सकता है. दूसरा कि मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लेना है, जो एक न्यायिक और स्वतंत्र प्रक्रिया है. नटराजन को केवल अदालत के सामने पेश होने और यह बताने के लिए नोटिस मिला था कि संज्ञान क्यों नहीं लिया जाना चाहिए. इसका मतलब है कि उन्हें जो नोटिस मिला, वह संज्ञान लिए जाने से पहले का था।
 
कांग्रेस प्रतिनिमंडल से मुलाकात के  बाद चुनाव आयोग ने अब तक कोई फैसला नहीं किया। वहीं कांग्रेस अब इस पूरे मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाने की भी तैयारी में है।
भोपाल मे रोशनपुरा चौराहे पर कांग्रेस नेताओं का धरना-उपवास- वहीं भोपाल में रोशनपुरा चौराहे पर कांग्रेस नेताओं ने रिटर्निग ऑफिसर के फैसले के खिलाफ भूख हड़ताल शुरु की। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय से रैली के रूप में निकले और निर्धारित स्थल पर धरने पर बैठ गए। रोशनपुरा चौक पर विरोध प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, विधायक आरिफ मसूद, आतिफ अकील सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। 
 
कांग्रेस नेताओं ने राज्यसभा चुनाव में  सीट चोरी का मुद्दा उठाते हुए रिटर्निंग ऑफिसर पर बीजेपी पर इशारे पर काम करने  का आरोप लगाया।  कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वह  इस मुद्दे पर वैधानिक लड़ाई लड़ने  के साथ जमीन पर भी लड़ाई लड़ेगी और पूरे प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पूरी  निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और नामांकन निरस्त करने के फैसले को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवारों को चुनावी मैदान से बाहर करने के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। नेताओं ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया जाना केवल एक व्यक्ति का मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी पारदर्शिता से जुड़ा मामला है।
 
वहीं दूसरी ओर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं नेनिर्वाचन आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और निर्वाचन अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की तथा नामांकन निरस्तीकरण के फैसले को वापस लेने की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
 
कांग्रेस ने कहा कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर उठाएगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिलना चाहिए और चुनावी प्रक्रिया पर जनता का विश्वास बनाए रखना निर्वाचन आयोग तथा प्रशासन की जिम्मेदारी है। वहीं, प्रशासन की ओर से नामांकन निरस्त किए जाने के संबंध में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के पालन की बात कही जा रही है।
 
लेखक के बारे में
भोपाल ब्यूरो
वेबदुनिया भोपाल ब्यूरो मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण खबरों के प्रकाशन का प्रमुख केंद्र है। भोपाल ब्यूरो से प्रदेश की सियासत, अपराध, व्यापार, खेल,  धर्म-संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरें सटीकता और निष्पक्षता के साथ प्रकाशित की जाती हैं।.... और पढ़ें
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