सम्बंधित जानकारी
- मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव में राहुल गांधी की होगी एंट्री, कर्नाटक शिफ्ट किए गए कांग्रेस विधायकों से हो सकती है मुलाकात!
- मध्यप्रदेश में ऑपरेशन लोटस से राज्यसभा चुनाव में खिलेगा कमल?
- राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के गेमप्लान में फंसी कांग्रेस, तीसरे उम्मीदवार की एंट्री से क्रॉस वोटिंग का खतरा
- MP को मिला ₹2000 करोड़ का बड़ा निवेश, पीथमपुर में लगेगी हेलियन ग्रुप की पहली फैक्ट्री, 1000 युवाओं को मिलेगा रोजगार
- नासिक को टक्कर दे रहा है बाबा महाकाल का शहर? उज्जैन में हो रही है सेब (Apple) की बंपर खेती, करोड़ों की कमाई का मौका
कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा के लिए नामांकन रद्द
भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया है। उन पर भाजपा ने जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है। भाजपा की ओर आपत्ति लगाने वाले अधिवक्ता संकेत गुप्ता ने कहा था कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ हैदाराबाद की कोर्ट में केस दर्ज है, जिसका जवाब भी उन्होंने दिया है, लेकिन इसकी जानकारी अपने नामांकन में नहीं दी है। इसलिए सुप्रीमकोर्ट के आदेशों के मुताबिक उनका नामांकन रद्द होना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?- मध्यप्रदेश में कांग्रेस के पास राज्यसभा की केवल एक सीट जीतने का मौका है और पार्टी इसके लिए हर संभव कोशिश कर रही है। लेकिन मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र में एक बड़ी चूक सामने आई है। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने नामांकन फॉर्म में अपने खिलाफ लंबित एक आपराधिक मामले का उल्लेख नहीं किया है, जो कानूनन अनिवार्य है। जिसको लेकर बीजेपी ने आपत्ति लगा दी है। नामांकन में आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने के बाद अब नामांकन रद्द हो सकता है।
कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ हैदराबाद की अदालत में चल रहे एक आपराधिक मामले को लेकर पूरा विवाद खड़ा हुआ है। इस मामले में हैदराबाद की अदालत ने मीनाक्षी नटराजन को अदालत में पेश होने और अपना पक्ष रखने के लिए बकायदा नोटिस भी जारी किया है। हालांकि, नटराजन की ओर से पेश किए गए जवाब में इन आरोपों को दुर्भावनापूर्ण और राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताते हुए खारिज करने की मांग की गई है, लेकिन यह जवाब उनके नामांकन को रद्द होने से बचाने के लिए पर्याप्त नहीं है, क्योंकि प्रकरण प्रचलन में है।
नामांकन पर संकट क्यों? - नियमों के मुताबिक, किसी भी उम्मीदवार को अपने नामांकन हलफनामे में सभी लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी देना अनिवार्य होता है। यदि मीनाक्षी नटराजन ने वाकई इस 'अभियुक्त' वाले मामले को अपने फॉर्म में नहीं दर्शाया है, तो तकनीकी आधार पर चुनाव आयोग उनका पर्चा निरस्त कर सकता है।
