1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. मध्यप्रदेश
  4. CM Dr. Mohan Yadav expressed happiness over the High Court's decision on Dhar Bhojshala

धार भोजशाला पर हाईकोर्ट के फैसले से सीएम डॉ. मोहन यादव गदगद, कहा यह क्षण हमारी सांस्कृतिक विरासत के सम्मान का

CM Dr. Mohan Yadav expressed happiness over the High Court's decision on Dhar Bhojshala
भोपाल। मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने मां वाग्देवी का मंदिर माना है। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कोर्ट के फैसले को भारतीय संस्कृति-आस्था के सम्मान का पल बताया है। उनका मानना है कि हमारी संस्कृति ने हमेशा सबको समरसता और भाईचारे की नजर से ही देखा है। हम न्यायालय के निर्णय का पूर्ण सम्मान करते हैं। हमारी सरकार सौहार्द, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक सद्भाव को और अधिक सशक्त बनाएगी। 
 
हाई कोर्ट के फैसले पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा धार की ऐतिहासिक भोजशाला को संरक्षित स्मारक एवं मां वाग्देवी की आराधना स्थली मानते हुए दिया गया निर्णय हमारी सांस्कृतिक विरासत, आस्था और इतिहास के सम्मान का महत्वपूर्ण क्षण है। एएसआई के संरक्षण एवं प्रबंधन में भोजशाला की गरिमा और अधिक सुदृढ़ होगी तथा श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना का अधिकार सुनिश्चित होगा। मां वाग्देवी की प्रतिमा को ब्रिटेन से भारत वापस लाने के संबंध में केंद्र सरकार को विचार करने का निर्देश स्वागतयोग्य है। इस दिशा में राज्य सरकार भी आवश्यक प्रयास करेगी।
 
सामाजिक सद्भाव को बनाएंगे और अधिक सशक्त-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी संस्कृति सदैव ‘सर्वधर्म समभाव’, सामाजिक समरसता और भाईचारे की वाहक रही है। हम न्यायालय के निर्णय का पूर्ण सम्मान करते हैं और प्रदेश में सौहार्द, सांस्कृतिक गौरव एवं सामाजिक सद्भाव को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। न्यायालय का यह निर्णय स्वागतयोग्य है। राज्य सरकार इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।
 
हाई कोर्ट का फैसला एक नजर में-गौरतलब है कि हाई कोर्ट ने कहा है कि भोजशाला एक संरक्षित स्मारक है। भोजशाला वाग्देवी का मंदिर है। यहां हिंदुओं को पूजा-अर्चना का अधिकार दिया गया है। जबकि, मुस्लिम समुदाय द्वारा नमाज अदा करने का अधिकार निरस्त कर दिया गया है। अब भोपाल शाला का प्रबंधन और नियंत्रण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) करेगा। इतना ही नहीं, हाई कोर्ट ने भारत सरकार को लंदन के संग्रहालय से मां वाग्देवी की प्रतिमा वापस लाने संबंधी प्रस्तुतिकरण पर विचार करने के निर्देश भी दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि मुस्लिम समुदाय अन्य उपयुक्त भूमि आवंटन के लिए सरकार के समक्ष प्रस्तुतिकरण दे सकता है।
लेखक के बारे में
भोपाल ब्यूरो
वेबदुनिया भोपाल ब्यूरो मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण खबरों के प्रकाशन का प्रमुख केंद्र है। भोपाल ब्यूरो से प्रदेश की सियासत, अपराध, व्यापार, खेल,  धर्म-संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरें सटीकता और निष्पक्षता के साथ प्रकाशित की जाती हैं।.... और पढ़ें
अगला लेख
भोजशाला कमाल मौला मस्जिद नहीं माता वाग्देवी मंदिर, हाईकोर्ट के फैसले की 8 बड़ी बातें