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राज्यसभा चुनाव: मध्यप्रदेश में तीनों सीटों पर BJP उम्मीदवार निर्विरोध जीते, कांग्रेस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को करेगा सुनवाई
भोपाल। राज्यसभा चुनाव में मध्यप्रदेश में बीजेपी ने तीनों सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल कर ली है। बीजेपी के तीनों उम्मीदवार तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को चुनाव आयोग ने निर्वाचन सर्टिफिकेट दे दिया है। इससे पहले शुक्रवार को दिन में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र को निरस्त किए जाने के मामले लेकर आज कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंची लेकिन सुप्रीम कोर्ट से उसे कोई राहत नहीं मिल सकी।
क्या हुआ सुप्रीम कोर्ट में?-राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से देर रात दायर याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में सुनवाई के दौरान कांग्रेस के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि राज्यसभा चुनाव में नामांकन वापसी के लिए आज दोपहर 3 बजे तक का ही समय है, इसलिए कोर्ट आज ही मामले की सुनवाई करे। इस पर चुनाव आयोग की ओर से याचिका की कॉपी नहीं मिलने और उसके अध्ययन करने की दलील दी गई। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई की तारीख तय की। वहीं कोर्ट में कांग्रेस की ओर से रिजल्ट घोषित नहीं किए जाने की दलील पर कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों पर कानून पहले से तय है।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल- वहीं कांग्रेस ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि चुनाव आयोग चाहता तो कल इस पर अपना निर्णय दे सकता था। वहीं हमारी शिकायत पर खारिज कर सकता था या स्वीकार कर सकता था। सवाल यह है जब चुनाव आयोग ने झारखंड में , हरियाणा में, गुजरात में हत्तक्षेप किया तो मध्यप्रदेश में क्यों नहीं किया।
वहीं उमंग सिंघार ने कहा कि झारखंड में बीजेपी उम्मीदवार का नामांकन वैलिड किया जा सकता है तो मीनाक्षी नटराजन के मामले पर क्यों नहीं लिय़ा। इससे साफ है कि चुनाव आयोग भाजपा के रबर स्टैंप के तौर पर काम कर रहा है। पहले रिटर्निंग अफसर ने नियमों की धज्जियां उड़ाई और अब चुनाव आयोग यहीं कर रहा है। हलांकि उमंग सिंघार ने सुप्रीम कोर्ट में कल होने वाली सुनवाई से न्याय मिलने की उम्मीद जताई है।
