दतिया उपचुनाव में अटकलों पर लगा विराम, अवधेश नायक ने किया कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह का समर्थन, चुनाव प्रचार के लिए उतरे
दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस में टिकट वितरण के बाद उठे घमासान के बाद अब दोनों ही सियासी दलों में डैमेज कंट्रोल होता दिख रहा है। कांग्रेस में घनश्याम सिंह का टिकट होने के बाद टिकट के प्रबल दावेदार रहे अवधेश नायक की नाराजगी और उनको लेकर लगाई जा रही तमाम सियासी अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया है। लंबे समय से नाराज चल रहे कांग्रेस नेता अवधेश नायक ने आखिरकार कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह का समर्थन करने का आधिकारिक एलान कर दिया है। बीजेपी में वापसी की अफवाहों के बीच अवधेश नायक ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक भावुक पोस्ट साझा की है, जिसने दतिया के चुनावी समीकरणों को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।
अवधेश नायक ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर अपने समर्थकों और जनता के नाम एक संदेश जारी करते हुए लिखा कि "आप सभी का स्नेह, विश्वास और निरंतर साथ ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। मैं हृदय की गहराइयों से आप सभी का धन्यवाद करता हूँ कि हर परिस्थिति में आपने मेरा साथ दिया। आपका यह विश्वास और समर्पण मुझे हमेशा जनसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। मैं विश्वास दिलाता हूँ कि आपके सम्मान, आपके विश्वास और जनता की सेवा के लिए सदैव पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करता रहूँगा"।
अवधेश नायक क्यों महत्त्वपूर्ण?-दतिया विधानसभा में अवधेश नायक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। अवधेश नायक लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी में रहे थे, लेकिन पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से राजनीतिक मतभेदों के चलते उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया था।
साल 2023 के विधानसभा चुनाव में अवधेश नायक को कांग्रेस से टिकट दिया गया था लेकिन राजेंद्र भारती समर्थकों के बड़े विरोध के बाद उनका टिकट काट दिया गया और राजेंद्र भारती चुनाव लड़े और जीते थे। अवधेश नायक ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह के इशारे पर उनका टिकट काटा गया वहीं अभी हो रहे उपचुनाव के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मंच से सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि 2023 में नायक का टिकट कटवाने में उनकी भूमिका थी और इसके लिए उन्होंने नायक से माफी भी मांगी थी।
उपचुनाव में टिकट न मिलने से थे नाराज-वर्तमान उपचुनाव में कांग्रेस द्वारा पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद अवधेश नायक और उनके समर्थक एक बार फिर आहत महसूस कर रहे थे। अवधेश नायक की नाराजगी की खबर मिलते ही भाजपा खेमे में हलचल तेज हो गई थी। भाजपा के घोषित उम्मीदवार आशुतोष तिवारी और पार्टी के कई बड़े नेताओं ने अवधेश नायक के घर जाकर बंद कमरे में उनसे मुलाकात की थी, जिससे उनके दोबारा भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई थीं। तमाम कयासों को धता बताते हुए अवधेश नायक ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की मौजूदगी में आयोजित जनसभा में हिस्सा लिया और मंच साझा कर कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह को जिताने का संकल्प लिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अवधेश नायक के इस फैसले से दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की स्थिति मजबूत हो गई है, जहां एक तरफ भाजपा पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उतारे जाने के बाद आंतरिक गुटबाजी से जूझ रही है, वहीं अवधेश नायक का कांग्रेस के पाले में मजबूती से डटे रहना घनश्याम सिंह के लिए संजीवनी साबित हो सकता है।

