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Marine Le Pen Verdict: कोर्ट ने घटाई सजा, फ्रांस राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का रास्ता साफ

Marine Le Pen Sentence Reduced
निखिल रंजन 
फ्रांस की धुर दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन की सजा घटा कर कोर्ट ने उनके चुनाव लड़ने के राह की बाधा मिटा दी है। हालांकि उनकी चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। ALSO READ: ब्रिटेन का शाही परिवार कहां से और कैसे धन कमाता है
 
मरीन ले पेन के राजनीतिक भविष्य को लेकर मंगलवार को कोर्ट का फैसला आने के बाद भी ऊहापोह जारी है। उनकी सजा तो कम हो गई है लेकिन इसके साथ ही एक साल तक कोहनी पर एक इलेक्ट्रॉनिक टैग लगाने की शर्त लगा दी गई है। इससे अगले साल राष्ट्रपति चुनाव में उनकी पार्टी की जीत की प्रबल उम्मीदों को झटका लग सकता है।
 
पिछले साल फ्रांस में एक निचली अदालत ने ले पेन को पांच साल तक सार्वजनिक पद हासिल करने पर रोक लगा दी थी। इसके साथ ही उन्हें यूरोपीय संसद के फर्जी नौकरी घोटाले में 2 साल के जेल की भी सजा सुनाई थी। ऐसे में तीन बार से राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवारी ठोक रही मरीन ले पेन की उम्मीदें बिखर गई थीं। पेरिस की अपील अदालत ने ले पेन को इस घोटाले का दोषी माना है हालांकि उनकी सजा घटा दी गई है। सार्वजनिक पद हासिल करने पर लगी रोक 15 महीने तक ही रहेगी जबकि एक साल के जेल की सजा वह कोहनी पर इलेक्ट्रॉनिक टैग लगा कर काट सकती हैं।
 
मार्च, 2025 से शुरू हुई सजा इस साल खत्म हो जाने के आसार है। ऐसे में सैद्धांतिक रूप से वह अगले साल अप्रैल-मई में होने वाले चुनाव में हिस्सा ले सकती हैं। पिछले हफ्ते टीवी पर प्रसारित एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, "जब आप राष्ट्रपति पद के उम्मीवार हैं तो आपको पूरी तरह से मुक्त हो कर घूमना होगा। मैं रैली में जाने की अनुमति के लिए मजिस्ट्रेट के आदेश पर निर्भर नहीं रह सकती।" ऐसी स्थिति में कयास लग रहे थे कि मरीन ले पेन उम्मीदवारी पार्टी के नेता जॉर्डन बार्देला को सौंप सकती हैं। हालांकि मंगलवार शाम उन्होंने चुनाव में उतरने का ऐलान किया और अपना प्रचार अभियान शुरू कर दिया।  ALSO READ: मिस्र के रेगिस्तान में मिला सैंकड़ों साल पुराना शहर
 

फर्जी नौकरी घोटाला

ले पेन पर आरोप है कि यूरोपीय संसद के जिस धन का इस्तेमाल संसदीय सहायकों के लिए किया जाना था वह उन्होंने अपने राजनीतिक दल के कर्मचारियों को वेतन देने में किया। फ्रांस की इन्वेस्टिगेटिव न्यू वेबसाइट मीडियापार्ट ने 2013 में खबर दी थी की ले पेन ने अपनी पार्टी के दो हाई रैंक वाले कर्मचारियों को संसदीय सहायक के रूप में नियुक्त किया। जांच अधिकारियों ने बाद में पता लगाया कि ये नियुक्तियां अकेले मामले नहीं थे बल्कि ये एक फर्जी नौकरियों के व्यापक तंत्र का हिस्सा थे।
 
यूरोपीय संघ के सांसदों ने संसदीय सहायकों को वेतन देने के लिए फंड जारी किए थे लेकिन इनका इस्तेमाल पार्टी की गतिविधियों के लिए नहीं हो सकता था। सात साल की जांच के बाद 2023 में ले पेन को इस मामले में दो दर्जन और लोगों के साथ धन के दुरुपयोग मामले में मुकदमे का सामना करने के लिए कहा गया। ले पेन और उनकी पार्टी ने इन्हें चुनौती दी। ALSO READ: नया रक्षा बैंक क्यों बनाना चाहता है नाटो का सदस्य कनाडा
 

अदालत का फैसला

मार्च 2025 में पेरिस की एक अदालत ने फैसला दिया कि करीब 40 लाख यूरो के फंड के दुरुपयोग मामले में मरीन ले पेन की "मुख्य भूमिका" थी। ले पेन को पांच साल के लिए सार्वजनिक पद के चुनाव में खड़े होने पर रोक लगा दी गई। इसके अतिरिक्त चार साल के जेल की सजा भी सुनाई गई जिसमें दो साल की निलंबित सजा और बाकी के दो साल नजरबंदी में बिताने को कहा गया। इतना ही नहीं, उन पर 1 लाख यूरो का जुर्माना भी लगाया गया। अदालत ने उनकी पार्टी पर भी 20 लाख का जुर्माना लगाया, जिसका आधा हिस्सा निलंबित कर दिया गया। ले पेन के साथ ही यूरोपीय संघ के 8 पूर्व सांसद और 12 संसदीय सहायकों को भी फंड के दुरुपयोग का दोषी करार दिया गया।
 
यूरोप की धुर दक्षिणपंथी पार्टियों के बीच प्रमुख चेहरा रहीं मरीन ले पेन के लिए यह काफी बड़ा झटका था। 2027 के फ्रांस के चुनावों के लिए उन्हें प्रमुख दावेदारों में गिना जा रहा था। मरीन ली पेन ने इसके बाद अपील कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी।
 

ले पेन का बचाव 

ले पेन ने इस मामले को राजनीतिक प्रताड़ना करकार दिया। पहली सुनवाई के दौरान ले पेन ने दावा किया कि पैसा का उपयोग पूरी तरह वैध था और अभियोजकों ने संसदीय सहायकों के कार्य की बहुत संकीर्ण परिभाषा को लागू किया है।
 
यह रणनीति नाकाम रही। पीठासीन जज ने इसे खारिज करते हुए कहा कि ले पेन और दूसरे आरोपियों का अफसोस नहीं जाहिर करना उन प्रमुख कारणों में था जिसकी वजह से अदालत ने उनके चुनाव में हिस्सा लेने पर तुरंत रोक लाने का फैसला किया।
 
अपील के दौरान ले पेन ने अपने रुख में बदलाव किया और संयमित लहजा अपनाया। उन्होंने अदालत से कहा, "अगर कोई गलती हुई है तो मैं चाहती हूं कि अदालत यह समझे कि हमें बिल्कुल भी यह अहसास नहीं था कि हम कुछ गलत कर रहे हैं।" हालांकि उनकी रणनीति में कोई खास बदलाव नहीं हुआ और वह आरोपों को खारिज करती रहीं।
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