जर्मनी का सख्त फैसला: टैक्स चोरी पर 15 साल की जेल, AI करेगा निगरानी, कंपनियों के लिए नए नियम लागू
निखिल रंजन
टैक्स चोरी और वित्तीय गड़बड़ी करने वालों पर नकेल कस कर जर्मन सरकार अरबों यूरो का राजस्व हासिल करना चाहती है। इसे रोकने के लिए नए नियम बनाए गए हैं। ALSO READ: एआई प्रेमियों से बिछड़ने के गम में डूबे चीन के यूजर
टैक्स चोरी और वित्तीय गड़बड़ियां रोकने के लिए लिए सरकार ने 26 बिंदुओं वाला एक पैकेज तैयार किया है। इसमें जुर्माना बढ़ाने से लेकर जालसाजी रोकने में मदद के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल तक की योजना है।
टैक्स चोरी की सजा 15 साल की कैद
इन उपायों से कितना अतिरिक्त राजस्व हासिल होगा इसका पूरा ब्यौरा जर्मनी के वित्त मंत्रालय ने नहीं दिया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे अरबों यूरो हासिल होंगे। जर्मन वित्त मंत्री लार्स क्लिंगबाइल का कहना है, "ईमानदार लोगों को बेवकूफ नहीं समझा जाना चाहिए। यही वजह है कि हम जालसाजी के खिलाफ मुहिम में जांच का दबाव बढ़ा रहे हैं।"
इस पैकेज में अघोषित काम पर लगाम कसने के लिए ज्यादा चेकिंग, टैक्स से जुड़े अपराधों के लिए अधिकतम सजा की अवधि को 10 साल से बढ़ा कर 15 साल करने और टैक्स से बचने को चूक की बजाय अपराध माना जाना शामिल है।
सरकार ने इसके साथ ही कस्टम सेवाओं के पूल को और मजबूत बनाने की भी योजना बनाई है। फिलहाल इस विभाग में लगभग 49,000 लोग काम करते हैं। अब कर्मचारियों की संख्या में 1,500 की वृद्धि करने की तैयारी है। जर्मन सरकार एक डाटा एनालिसिस सेंटर भी बनाएगी और जर्मनी के संघीय राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर केंद्र राज्य के बीच सहयोग को मजबूत करेंगे। ALSO READ: सूरज के मरने पर पृथ्वी का क्या होगा?
15 साल तक रखना होगा खातों का रिकॉर्ड
जर्मनी की न्याय मंत्री स्टेफानी ह्यूबिष का कहना है, "कर अपराध हम सबको नुकसान पहुंचाते हैं। यह हमारे संवैधानिक राष्ट्र की निष्पक्षता में भरोसे को कमजोर करते हैं। यह स्पष्ट हो जाना चाहिए कि कर अपराध से फायदा नहीं है।"
नई व्यवस्था में कंपनियों को भी नए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के तहत वैल्यू ऐडेड टैक्स की रिपोर्ट ज्यादा मुस्तैदी से देनी होगी। इसके साथ ही खातों के रिकॉर्ड को 15 साल तक रखना होगा। पहले यह समय सीमा दस साल थी। इसकी मदद से अभियजकों के पास सबूत जुटाने के लिए ज्यादा समय होगा। मंत्रालय का कहना है कि नगदी के ज्यादा इस्तेमाल वाले कारोबार में इलेक्ट्रॉनिक कैश रजिस्टर के नियम को अनिवार्य किया जा रहा है।
सरकार ने नई व्यवस्था में स्वैच्छिक घोषणा के मौजूदा तरीके को भी हटाने का फैसला किया है। इसमें टैक्स चोरी करने वाले बाद में चोरी किए टैक्स और सरचार्ज का भुगतान कर अभियोग से बच जाते थे। अधिकारियों को संदिग्ध संपत्तियों की पहचान और उसे जब्त करने के लिए ज्यादा अधिकार मिलेंगे। इतना ही नहीं टैक्स से बचने में शामिल कंपनियों पर जुर्माना भी बढ़ाया जा रहा है। ALSO READ: ईरान और अमेरिका समझौते के रास्ते से क्यों भटक गए?
1 अरब यूरो का अतिरिक्त कर राजस्व
सरकार व्हिसलब्लोअर की कानूनी सुरक्षा मजबूत करने के लिए भी योजना बना रही है। इसके साथ ही टैक्स से जुड़े आंकड़ों की व्यवस्थित खरीदारी को भी बढ़ाया जाएगा। कंपनियां कर व्यवस्था की जिन कमियों के जरिए टैक्स बचाती हैं उन कमियों को भी दूर करने की तैयारी है। क्लिंगबाइल ने 2027 में कर जालसाजी पर लगाम लगा कर 1 अरब यूरो के अतिरिक्त राजस्व का अनुमान लगाया है। जर्मन सरकार के अगले साल के लिए 555.4 अरब यूरो के खर्च का प्रस्तावित बजट तैयार किया है।
जर्मनी के संघीय सांख्यिकी कार्यालय के मुताबिक यहां 4.3 करोड़ लोग टैक्स देते हैं। देश की आबादी आठ करोड़ से थोड़ी ज्यादा है। 2025 में जर्मन सरकार को टैक्स से हासिल हुआ राजस्व करीब 989.8 अरब यूरो था। यह आंकड़ा संघ, राज्य और नगरपालिकाओं की हिस्सेदारी अलग करने से पहले का है। इसके एक साल पहले यानी 2024 में यह राशि 861.1 अरब यूरो थी। क्लिंगबाइल ने जो एक अरब यूरो अतिरिक्त राजस्व का अनुमान लगाया है, वो जर्मनी के कुल कर राजस्व का लगभग 0.1 प्रतिशत है।

