बर्लिन हमले का संदिग्ध पुलिस मुठभेड़ में मारा गया
विवेक कुमार
बर्लिन प्राइड परेड पर हुए घातक हमले के मुख्य संदिग्ध अब्दुल बल्लूत को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। अधिकारियों ने हमले को इस्लामवादी आतंकवादी कृत्य बताते हुए कहा कि घटना में एक महिला की मौत हुई और 29 लोग घायल हुए। ALSO READ: जंगल की आग के सामने लाचार होते फ्रांस और स्पेन
जर्मनी की राजधानी बर्लिन में प्राइड परेड के दौरान हुए घातक हमले के मुख्य संदिग्ध को पुलिस ने रविवार को मार गिराया। अधिकारियों के अनुसार इस हमले को इस्लामिक आतंकवादी हमला माना जा रहा है। शनिवार रात हुए इस हमले में एक महिला की मौत हो गई थी जबकि 29 अन्य लोग घायल हुए थे।
बर्लिन पुलिस ने बताया कि 21 वर्षीय अब्दुल बल्लूत को रविवार शाम करीब छह बजे पश्चिमी बर्लिन के श्पान्डाउ जिले में स्थित एक कॉलोनी क्षेत्र में खोज लिया गया। पुलिस के अनुसार जब अधिकारियों ने उसे घेरने की कोशिश की तो वह धारदार हथियार लेकर उनकी ओर दौड़ा। इसके बाद पुलिस ने गोली चलाई। पुलिस ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर बताया कि गोली लगने से संदिग्ध गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे बचाने के प्रयास किए गए, लेकिन घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।
इससे पहले अभियोजकों ने कहा था कि अब्दुल बल्लूत लेबनानी मूल का जर्मन नागरिक था और तथाकथित इस्लामिक स्टेट (आईएस) समूह का समर्थक रह चुका था। उसके खिलाफ कई आपराधिक मामलों में दोष सिद्ध हो चुका था, जिनमें सबसे हालिया मामला इसी साल मई का था। ALSO READ: स्विस बैंक की पोल पट्टी खोलने वाले जर्मन वकील पर मुकदमा
पहली बार एलजीबीटीक्यू प्लस समुदाय पर हमला
शनिवार का हमला यूरोप की सबसे बड़ी प्राइड परेड में से एक क्रिस्टोफर स्ट्रीट डे (सीएसडी) समारोह के दौरान हुआ। इस आयोजन में सैकड़ों हजार लोग शामिल हुए थे। यह पहली बार था जब जर्मनी की राजधानी में एलजीबीटीक्यू प्लस समुदाय के इस आयोजन को इस तरह के हमले का निशाना बनाया गया।
घटना शनिवार रात करीब 10 बजे हुई, जब एक सफेद मिनीवैन मध्य बर्लिन के टियरगार्टन पार्क के दक्षिणी हिस्से में लोगों की भीड़ में घुस गई। इसके बाद वाहन एक पेड़ से टकरा गया। गृह मंत्री आलेक्जांडर डोब्रिंट ने कहा कि इसके बाद संदिग्ध ने छुरे से भी लोगों पर हमला किया।
डोब्रिंट ने कहा कि इस घटना में कुल 29 लोग घायल हुए। इनमें से कई गंभीर रूप से घायल थे। हालांकि जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने रविवार शाम कहा कि अब किसी भी घायल की जान को खतरा नहीं है। हमला सीएसडी परेड मार्ग के अंतिम हिस्से और ब्रांडेनबुर्ग गेट के पास स्थित मुख्य मंच से कुछ सौ मीटर की दूरी पर हुआ। ALSO READ: जहां जन्मा था हिटलर, वहां बना पुलिस स्टेशन
संदिग्ध का अपराधिक रिकॉर्ड
गृह मंत्री ने बताया कि संदिग्ध पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड में था और उसके खिलाफ बड़ी संख्या में आपराधिक मामले दर्ज थे। उन्होंने कहा कि उपलब्ध तथ्यों से स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि यह एक इस्लामिक आतंकवादी हमला था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार अब्दुल बल्लूत को 2019 में मारपीट और जबरन वसूली के मामलों में दोषी ठहराया गया था। 2020 में उसे डकैती के एक मामले में भी सजा मिली थी। जांचकर्ताओं का कहना है कि 2024 में उसने इंस्टाग्राम पर आईएस का प्रचार-प्रसार करने वाली सामग्री साझा की थी। इसके बाद 2025 में वह लेबनान गया था, जहां उसका उद्देश्य सीरिया में सक्रिय एक उग्रवादी समूह के लिए लड़ना था।
लेबनान में उसे गिरफ्तार कर तीन महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी। नवंबर में जर्मनी लौटने पर उसे फिर गिरफ्तार किया गया और मई में "गंभीर हिंसा की तैयारी" के मामले में दोषी ठहराया गया। हालांकि अदालत ने एक साल और दस महीने की जेल की सजा सुनाने के बावजूद सजा को निलंबित कर दिया था। इसके पीछे लेबनान में बिताई गई हिरासत, पूर्व हिरासत और अपराध स्वीकार करने और आईएस से दूरी बनाने को कारण माना गया था।
एएफडी ने कहा, नीतियों की विफलता
हमले के बाद बर्लिन के ब्रांडेनबुर्ग गेट पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सैकड़ों लोग इंद्रधनुषी झंडे और फूल लेकर पहुंचे। लोगों ने मृतक के प्रति संवेदना और घायलों के समर्थन में संदेश छोड़े। 23 वर्षीय छात्रा लूका ने कहा कि वह उम्मीद करती हैं कि इस घटना का इस्तेमाल इमिग्रेशन विरोधी दक्षिणपंथी राजनीति को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जाएगा, खासकर सितंबर में होने वाले चुनावों से पहले। सितंबर में जर्मनी के कई राज्यों में चुनाव होने हैं, जहां धुर दक्षिणपंथी पार्टी एएफडी की स्थिति काफी मजबूत है। एएफडी इमिग्रेशन की नीतियों का विरोध करती रही है। एएफडी के सांसद मार्टिन हेस ने इस हमले को सरकार की सुरक्षा नीतियों की विफलता बताया है।
वोल्फ्सबुर्ग के 49 वर्षीय कलाकार आर्मिन डुएनहोल्टर हमले के समय मुख्य मंच के पीछे मौजूद थे। उन्होंने कहा कि वह अब भी सदमे में हैं, लेकिन अगले साल भी सीएसडी में भाग लेने लौटेंगे। उन्होंने कहा, "यह हमला हमें डरा नहीं पाएगा।"
इस हमले ने जर्मनी में हाल के वर्षों में हुई ऐसी ही घटनाओं की यादें ताजा कर दी हैं। 2016 में बर्लिन के क्रिसमस बाजार में एक ट्रक हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2024 में माग्देबुर्ग के एक क्रिसमस बाजार में कार से कुचलकर छह लोगों की हत्या कर दी गई थी और 300 से अधिक लोग घायल हुए थे।

