इंटरनेट में प्यार ढूंढें, ठग नहीं

DW| पुनः संशोधित बुधवार, 18 जून 2014 (11:21 IST)
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इंटरनेट में इन दिनों डेटिंग वेबसाइटों की भरमार है। बस एक देख कर लोग एक दूसरे से संपर्क करते हैं और फिर कर हो जाता है। कभी कभी तो सब ठीक रहता है, लेकिन कभी यह प्यार महंगा भी पड़ सकता है।


ऑस्ट्रेलिया के लोगों को पिछले साल इंटरनेट पर ढाई करोड़ डॉलर का चूना लगा है। करीब 90 हजार लोगों ने माना है कि उन्हें ठगा गया। ये सब लोग वर्चुअल दुनिया में प्यार और दोस्ती तलाश रहे थे। दोस्त मिली भी, कई दिन तक उनके साथ चैटिंग के जरिए अपने दिल का हाल भी बांटा। कुछ लोगों ने तो कई महीने, यहां तक कि कई साल तक अपने रिश्ते को निभाया।

इंटरनेट की वर्चुअल दुनिया में वे अपने इन दोस्तों को छू तो नहीं सकते थे, पर महसूस जरूर कर सकते थे। कई दोस्तियां ऐसी, जो सात समंदर पार की हैं। चैटिंग पर मुलाकातों ने इतना भरोसा दिला दिया कि अपने सुख दुख सब बांटने लगे। सिर्फ सोशल मीडिया की तस्वीरें और स्टैटस ही नहीं, अपना बैंक अकाउंट भी बांटने लगे और यहीं गलती हो गयी।

ऑस्ट्रेलिया की कॉम्पिटिशन एंड कंज्यूमर कंजंप्शन (एसीसीसी) की ताजा रिपोर्ट बताती है कि औसतन हर व्यक्ति को 19,000 डॉलर का नुकसान हुआ है। यह पिछले साल की तुलना में आठ फीसदी ज्यादा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अनजान लोगों से चैटिंग करने वाले 43 प्रतिशत लोगों को इस तरह का नुकसान उठाना पड़ा है। पर जिसके साथ धोखा होता है, उसे केवल पैसे के जाने का ही गम नहीं होता।

इतना वक्त किसी के साथ बातें कर एक जज्बाती रिश्ता भी बन जाता है। इस रिश्ते को खोने का अफसोस भी होता है। एसीसीसी के उपाध्यक्ष डेलिया रिकार्ड कहती हैं, "वे लोगों की भावनाओं से खेलना जानते हैं। वे कई हफ्तों, महीनों या फिर सालों तक भरोसा जीतने में लगे रहते हैं और उसके बाद जा कर पैसा मांगते हैं।"

ऐसा ही एक महिला के साथ हुआ, जो कई सालों तक एक फेक व्यक्ति से चैटिंग करती रहीं। वह यही मानती रही कि चैटिंग करने वाला अमेरिका का नागरिक है और अफगानिस्तान में काम करता है। जब उस आदमी ने कहा कि उसकी बेटी को एक ऑपरेशन के लिए पैसों की सख्त जरूरत है, तो महिला का दिल पसीज गया। उन्होंने धीरे धीरे दसियों हजार डॉलर भेज डाले। ऐसा बार बार होता रहा। आखिरकार महिला को शक हुआ और उसने पैसे भेजना बंद कर दिया। बस फिर क्या था, इसके साथ साथ चैटिंग होना भी बंद हो गया। महिला की लाख कोशिशों के बावजूद वह व्यक्ति लौटा नहीं और असली दुनिया में उसे ढूंढने का कोई जरिया भी नहीं।
एसीसीसी का कहना है कि चार हजार फ्रॉड लोगों की पहचान की जा चुकी है लेकिन अधिकतर मामलों में उनके ठिकानों के बारे में सटीक जानकारी नहीं है। ऐसे में उन्हें पकड़ना काफी मुश्किल काम है। इसलिए इंटरनेट में सतर्क रहने की जरूरत है। इंटरनेट में प्यार खोजें, लेकिन ठगों से बचें।

- आईबी/एमजे (डीपीए)



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