चौथे टेस्ट से पहले टीम इंडिया ने नेट प्रैक्टिस में बहाया पसीना (वीडियो)

Last Updated: बुधवार, 3 मार्च 2021 (19:29 IST)
टेस्ट इतिहास में कोई टेस्ट इतना महत्वपूर्ण साबित नहीं हुआ होगा जितना भारत और इंग्लैंड के बीच गुरूवार से यहां नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शुरू होने वाला चौथा और अंतिम स्टेडियम बन गया है जिस पर आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की दूसरी टीम का भविष्य टिका हुआ है।

यही कारण है कि टीम इंडिया किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने के विचार में नहीं है क्योंकि एक जीत या ड्रॉ भारत को फाइनल में पहुंचाने के लिए काफी होगी। यही कारण है कि आज टीम ने नेट्स में जमकर पसीना बहाया।

बीसीसीआई ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से टीम इंडिया की बल्लेबाजी, गेंदबाजी और कैचिंग प्रैक्टिस की कुछ झलकियां एक वीडियो के माध्यम से शेयर की।
वीडियो की शुरुआत होती है अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा से जो सीढियों से उतरकर मैदान पर दौड़ लगाना शुरु करते हैं। इसके बाद कोच रवि शास्त्री विकेटकीपर ऋषभ पंत को बल्लेबाजी का गुर सिखाते हुए पाए गए। पहले टेस्ट की पहली पारी के बाद पंत बल्लेबाजी में कुछ खास नहीं कर सके हैं।

उमेश यादव के हाथ में लाल गेंद देख कर यह लगा कि शायद वह चौथे टेस्ट मैच में टीम इंडिया की प्लेइंग 11 का हिस्सा हो सकते हैं। कप्तान विराट कोहली स्ट्रेचिंग करते हुए पाए गए और बाकि के तेज गेंदबाज जोगिंग कर वार्म अप कर रहे थे। यही नहीं कुलदीप यादव भी मैदान के चक्कर लगाते हुए पाए गए।

इसके अलावा खिलाड़ी कैचिंग और फील्डिंग का अभ्यास करते हुए देखे गए। अनुभवी आर अश्विन और नए प्रभावी गेंदबाज अक्षर पटेल भी अपनी गेंदबाजी को नेट्स में और पैना बना रहे थे।

विराट कोहली ने योजनाबद्ध तरीके से बैटिंग प्रैक्टिस की। उन्होंने कुछ रक्षात्मक तो कुछ आक्रमक शॉट्स लगाए। वीडियो के अंत में सिराज की गुड लेंग्थ देखकर यह लगा कि शायद वह कल टीम इंडिया के अंतिम ग्यारह में उमेश यादव के साथ गेंदबाजी करते हुए दिखें।

दोनों टीमें जानती हैं कि चौथे टेस्ट में उनका सामना एक और स्पिनिंग ट्रैक से होगा। इंग्लैंड के विकेटकीपर बेन स्टोक्स कह चुके हैं कि चौथे टेस्ट की पिच में तीसरे टेस्ट से ज्यादा टर्न होगा जबकि भारतीय उपकप्तान अजिंक्या रहाणे ने कहा है कि चौथे टेस्ट की पिच दूसरे और तीसरे टेस्ट जैसी ही होगी।

इस बार फर्क इतना ही होगा कि चौथे टेस्ट में गुलाबी नहीं लाल बॉल होगी जिससे स्पिनरों की गेंद में उतनी तेजी नहीं होगी जितनी गुलाबी बॉल से थी। तीसरे टेस्ट में गुलाबी बॉल से 12 खिलाड़ी पगबाधा हुए थे जबकि आठ खिलाड़ी बोल्ड हुए थे। चेन्नई टेस्ट में लाल बाल से सात खिलाड़ी पगबाधा हुए थे जबकि पांच खिलाड़ी बोल्ड हुए थे। इसलिए माना जा रहा है कि चौथे टेस्ट में टर्न तो होगा लेकिन गेंद में उतनी तेजी नहीं होगी।(वेबदुनिया डेस्क)



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