स्टीफन फ्लेमिंग इंग्लैंड की टेस्ट टीम के अगले मुख्य कोच बनने से बहुत करीब
न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग इंग्लैंड की टेस्ट टीम के अगले मुख्य कोच बनने के लिए इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) की पहली पसंद हैं। फ्लेमिंग ने इसी महीने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के मुख्य कोच पद से इस्तीफा दिया था, इसके कुछ समय बाद ही ब्रैंडन मक्कलम को इंग्लैंड की टेस्ट टीम के मुख्य कोच पद से हटा दिया गया था।
अब ईसीबी के प्रबंध निदेशक रॉब की के साथ बातचीत के बाद फ्लेमिंग अपने हमवतन मक्कलम की जगह लेने के लिए सबसे मजबूत दावेदार नजर आ रहे हैं। उन्होंने CSK को पांच आईपीएल खिताब जिताए हैं और एसए20 व एमएलसी में भी सीएसके की सहयोगी टीमों के मुख्य कोच रह चुके हैं।
वह समय-समय पर अल्पकालिक आधार पर न्यूजीलैंड टीम के सलाहकार कोच की भूमिका भी निभा चुके हैं। इसके अलावा मिडिलसेक्स, यॉर्कशायर और नॉटिंघमशायर के लिए खिलाड़ी और सदर्न ब्रेव के कोच के रूप में काम करने के कारण उन्हें इंग्लैंड क्रिकेट का भी लंबा अनुभव भी है। मक्कलम अभी अगले साल के आखिर तक अपने अनुबंध की अवधि पूरी होने तक इंग्लैंड की सीमित ओवर टीम के मुख्य कोच बने रहेंगे। ऐसे में अपने पूर्व कीवी साथी के साथ फ्लेमिंग के संबंध भी अहम पहलू होंगे।
फ्लेमिंग और मक्कलम करीबी दोस्त हैं और दोनों ने साथ में कारोबारी साझेदारी भी की है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि फ्लेमिंग 19 अगस्त से हेडिंग्ली में पाकिस्तान के खिलाफ शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले टीम की कमान संभाल पाएंगे या नहीं। ईसीबी की सबसे बड़ी प्राथमिकता सही उम्मीदवार को नियुक्त करना है, जो अगले साल होने वाली ऐशेज सीरीज में इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत दिलाने में मदद कर सके। जरूरत पड़ने पर बोर्ड इंतजार करने के लिए भी तैयार है।
फ्लेमिंग के सामने सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक नया टेस्ट कप्तान चुनना होगा। बेन स्टोक्स ने पिछले महीने अपने अचानक संन्यास के बाद अपने उपकप्तान हैरी ब्रूक का समर्थन किया था। हालांकि ब्रूक पहले से ही इंग्लैंड की सीमित ओवर टीमों के कप्तान हैं और ईसीबी अंतरिम आधार पर यह जिम्मेदारी फिर से जो रूट को सौंपने पर भी विचार कर रहा है।
कोचिंग के अन्य दावेदारों में टॉम मूडी, रिचर्ड डॉसन और जोनाथन ट्रॉट के नाम भी शामिल थे, लेकिन फ्लेमिंग सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। ईसीबी डॉसन या ट्रॉट में से किसी एक को भी इंग्लैंड के कोचिंग सेटअप में भूमिका दे सकता है। डॉसन ने ग्लैमॉर्गन के मुख्य कोच बनने के बाद से इंग्लैंड टीम प्रबंधन को काफी प्रभावित किया है। इससे पहले वह सीमित ओवर क्रिकेट में मैथ्यू मोट के सहायक कोच भी रह चुके हैं। वहीं ट्रॉट अफगानिस्तान की टीम से अलग होने के बाद फिलहाल किसी टीम से नहीं जुड़े हैं। इस पद के लिए जिन अन्य नामों की चर्चा हुई थी, उनमें जस्टिन लैंगर भी शामिल थे। हालांकि उन्होंने ईसीबी का उनसे संपर्क का खंडन किया था।
इंग्लैंड को ऐशेज से पहले दस टेस्ट मैच खेलने हैं। इनमें पाकिस्तान के खिलाफ तीन (अगस्त-सितंबर), दक्षिण अफ्रीका में तीन (दिसंबर-जनवरी), बंगलादेश में दो (फरवरी), मेलबर्न में 150वीं वर्षगांठ टेस्ट (मार्च) और मई में घरेलू मैदान पर बंगलादेश के खिलाफ एक टेस्ट शामिल है। इंग्लैंड ने इस ऐशेज सीरीज को खास लक्ष्य बनाया है, क्योंकि उन्होंने आखिरी बार 2015 में ऐशेज जीती थी।
वह समय-समय पर अल्पकालिक आधार पर न्यूजीलैंड टीम के सलाहकार कोच की भूमिका भी निभा चुके हैं। इसके अलावा मिडिलसेक्स, यॉर्कशायर और नॉटिंघमशायर के लिए खिलाड़ी और सदर्न ब्रेव के कोच के रूप में काम करने के कारण उन्हें इंग्लैंड क्रिकेट का भी लंबा अनुभव भी है। मक्कलम अभी अगले साल के आखिर तक अपने अनुबंध की अवधि पूरी होने तक इंग्लैंड की सीमित ओवर टीम के मुख्य कोच बने रहेंगे। ऐसे में अपने पूर्व कीवी साथी के साथ फ्लेमिंग के संबंध भी अहम पहलू होंगे।
Stephen Fleming has extensive experience within English cricket after spells with Middlesex, Yorkshire and Nottinghamshire as a player and Southern Brave as a coach
— Cricinfo (@cricinfo) July 30, 2026
Full story: https://t.co/84q3RQsRKo pic.twitter.com/cWeX1DCRse
फ्लेमिंग और मक्कलम करीबी दोस्त हैं और दोनों ने साथ में कारोबारी साझेदारी भी की है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि फ्लेमिंग 19 अगस्त से हेडिंग्ली में पाकिस्तान के खिलाफ शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले टीम की कमान संभाल पाएंगे या नहीं। ईसीबी की सबसे बड़ी प्राथमिकता सही उम्मीदवार को नियुक्त करना है, जो अगले साल होने वाली ऐशेज सीरीज में इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत दिलाने में मदद कर सके। जरूरत पड़ने पर बोर्ड इंतजार करने के लिए भी तैयार है।
फ्लेमिंग के सामने सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक नया टेस्ट कप्तान चुनना होगा। बेन स्टोक्स ने पिछले महीने अपने अचानक संन्यास के बाद अपने उपकप्तान हैरी ब्रूक का समर्थन किया था। हालांकि ब्रूक पहले से ही इंग्लैंड की सीमित ओवर टीमों के कप्तान हैं और ईसीबी अंतरिम आधार पर यह जिम्मेदारी फिर से जो रूट को सौंपने पर भी विचार कर रहा है।
कोचिंग के अन्य दावेदारों में टॉम मूडी, रिचर्ड डॉसन और जोनाथन ट्रॉट के नाम भी शामिल थे, लेकिन फ्लेमिंग सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। ईसीबी डॉसन या ट्रॉट में से किसी एक को भी इंग्लैंड के कोचिंग सेटअप में भूमिका दे सकता है। डॉसन ने ग्लैमॉर्गन के मुख्य कोच बनने के बाद से इंग्लैंड टीम प्रबंधन को काफी प्रभावित किया है। इससे पहले वह सीमित ओवर क्रिकेट में मैथ्यू मोट के सहायक कोच भी रह चुके हैं। वहीं ट्रॉट अफगानिस्तान की टीम से अलग होने के बाद फिलहाल किसी टीम से नहीं जुड़े हैं। इस पद के लिए जिन अन्य नामों की चर्चा हुई थी, उनमें जस्टिन लैंगर भी शामिल थे। हालांकि उन्होंने ईसीबी का उनसे संपर्क का खंडन किया था।
इंग्लैंड को ऐशेज से पहले दस टेस्ट मैच खेलने हैं। इनमें पाकिस्तान के खिलाफ तीन (अगस्त-सितंबर), दक्षिण अफ्रीका में तीन (दिसंबर-जनवरी), बंगलादेश में दो (फरवरी), मेलबर्न में 150वीं वर्षगांठ टेस्ट (मार्च) और मई में घरेलू मैदान पर बंगलादेश के खिलाफ एक टेस्ट शामिल है। इंग्लैंड ने इस ऐशेज सीरीज को खास लक्ष्य बनाया है, क्योंकि उन्होंने आखिरी बार 2015 में ऐशेज जीती थी।

