क्रिकेट के मैदान पर कुछ मुकाबले सिर्फ स्कोरकार्ड तक सीमित नहीं रहते, वे इतिहास और दिलों में दर्ज हो जाते हैं। 11 फरवरी को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में अफगानिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया मुकाबला भी ऐसा ही एक रोमांचक अध्याय बन गया। यह मैच दूसरे सुपर ओवर तक पहुंचा और आखिरकार दक्षिण अफ्रीका ने चार रन से जीत दर्ज की।
इस मुकाबले के हीरो रहे अफगानिस्तान के सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज (Rahmanullah Gurbaz), जिन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी से मैच को आखिरी गेंद तक जिंदा रखा, लेकिन किस्मत उनके साथ नहीं थी।
187 रन का पीछा और गुरबाज का आक्रामक अंदाज़
दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 187 रन बनाए। जवाब में अफगानिस्तान की शुरुआत बेहद धमाकेदार रही। गुरबाज ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाए।
उन्होंने लुंगी एनगिडी और कगिसो रबाडा जैसे तेज गेंदबाजों पर बेखौफ शॉट खेले। तीसरे ओवर में रबाडा की गेंद पर लगाया गया छक्का दर्शकों के लिए खास पल बन गया। शुरुआती चार ओवर में ही अफगानिस्तान ने बिना विकेट खोए 50 रन बना लिए थे।
गुरबाज ने महज 26 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। यह उनके टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का 14वां अर्धशतक था, जिससे उन्होंने इब्राहिम जादरान के रिकॉर्ड की बराबरी की।
पहला सुपर ओवर भी टाई, बढ़ा रोमांच
निर्धारित 20 ओवरों के बाद मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ और मैच सुपर ओवर में पहुंचा। लेकिन रोमांच यहीं खत्म नहीं हुआ। पहला सुपर ओवर भी टाई रहा, जिससे मुकाबला दूसरे सुपर ओवर में चला गया।
दूसरे सुपर ओवर में दक्षिण अफ्रीका ने 24 रन का लक्ष्य रखा। अफगानिस्तान की ओर से एक बार फिर उम्मीदों का बोझ गुरबाज के कंधों पर था।
तीन छक्के और फिर आखिरी गेंद का दर्द
24 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए अफगानिस्तान ने शुरुआत में विकेट गंवा दिया। इसके बाद गुरबाज ने कमाल कर दिया। उन्होंने लगातार तीन गेंदों पर तीन छक्के जड़ दिए और मैच का रुख बदल दिया। स्टेडियम में मौजूद हर दर्शक की सांसें थम गईं।
आखिरी गेंद पर जीत के लिए पांच रन चाहिए थे। एक वाइड गेंद के बाद समीकरण थोड़ा आसान हुआ, लेकिन अंतिम गेंद पर गुरबाज बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में आउट हो गए। गेंद सीधे फील्डर के हाथों में चली गई और अफगानिस्तान की उम्मीदें टूट गईं। दक्षिण अफ्रीका ने चार रन से रोमांचक जीत दर्ज की।
भावुक हुए गुरबाज
आउट होने के बाद गुरबाज का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। वह पिच पर ही खड़े रह गए, निराशा उनके चेहरे पर साफ झलक रही थी। डगआउट की ओर लौटते समय उन्होंने अपना चेहरा हाथों से ढक लिया। यह सिर्फ एक हार नहीं थी, बल्कि उस संघर्ष और मेहनत का टूटना था जो उन्होंने पूरी पारी में दिखाई थी।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों ने भी उनके प्रयास की सराहना की। डेविड मिलर ने उन्हें सांत्वना दी, लेकिन उस पल की कसक कम नहीं हो सकी।
सेमीफाइनल की राह हुई मुश्किल
इस हार के साथ अफगानिस्तान की स्थिति ग्रुप डी में कमजोर हो गई है। इससे पहले टीम न्यूजीलैंड से भी हार चुकी है। अब सुपर-8 या अगले दौर में पहुंचने के लिए अफगानिस्तान को अपने बचे हुए मुकाबलों में यूएई और कनाडा को बड़े अंतर से हराना होगा।
साथ ही उन्हें यह भी उम्मीद करनी होगी कि न्यूजीलैंड या दक्षिण अफ्रीका में से कोई एक टीम अपने आगामी मैच हार जाए।
आईपीएल में भी चमक रहे हैं गुरबाज
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ-साथ गुरबाज ने इंडियन प्रीमियर लीग में भी अपनी पहचान बनाई है। कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते हुए उन्होंने कई अहम पारियां खेली हैं। 2024 में टीम की खिताबी जीत में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, निडर रवैया और विकेटकीपिंग कौशल उन्हें आधुनिक टी20 क्रिकेट का खास खिलाड़ी बनाते हैं।