मौजूदा भारतीय टीम को सबसे छोटे प्रारूप में रोकना मुश्किल लगता है और उसके अंदर का माहौल उस टीम से अलग है जिसने 19 महीने पहले बारबाडोस में आईसीसी खिताब का लंबा इंतजार खत्म किया था।
2024 में टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से शीर्ष क्रम में टीम की अगुआई की जिससे भारत को आखिरकार सबसे छोटे प्रारूप में सफलता हासिल करने वाला संयोजन मिल गया था।
यह कहना सही होगा कि मौजूदा टीम ने उस रवैये को आगे बढ़ाया और भारत के टी20 खेल को अगले स्तर तक पहुंचाया। ऐसा लगता है कि अगर टीम का दिन बहुत खराब रहे तभी वह घर पर ट्रॉफी जीतने से रूक सकती है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम के आठ सदस्य कैरेबियाई सरजमीं पर ट्रॉफी जीतने वाली टीम का हिस्सा थे।
बारबाडोस में 2024 के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वापसी करते हुए जीत हासिल करने के बाद राष्ट्रीय टीम में अभिषेक शर्मा और वरुण चक्रवर्ती को शामिल किया गया है जो फिलहाल क्रमश: आईसीसी बल्लेबाजी और गेंदबाजी रैंकिंग में शीर्ष पर हैं।
तिलक वर्मा का भी टीम में शामिल होना अच्छा है जिन्होंने पिछले साल एशिया कप में अपनी पहचान बनाई थी। शिवम दुबे 2024 चरण का हिस्सा थे, अब वह बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों के तौर पर अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह दो मुख्य तेज गेंदबाज हैं और अगर जरूरत पड़ी तो हर्षित राणा एक काबिल बैक-अप के तौर पर उपलब्ध हैं जिन्होंने हाल में बल्ले और गेंद दोनों से प्रभाव डाला है।
ईशान किशन को विश्व कप टीम में बैक-अप विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर शामिल करना हैरानी भरा था लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला में यादगार वापसी के बाद अमेरिका के खिलाफ पहले मैच में उनका खेलना तय है।
भारत 48 घंटे से भी कम समय में टी20 विश्व कप में अपना खिताब बचाने के अभियान की शुरुआत करेगा तो सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर के काम के रिश्ते पर नजर डालना बनता है जो कम से कम नतीजों के हिसाब से तो शानदार रहा है — 39 मैच में 31 जीत और जीत का प्रतिशत 79.48।
कमजोरी -भारतीय टीम की कमजोरी ढूंढते ढूंढते विपक्षी टीमें थक गई। हालांकि न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका ने जो एकमात्र मैच जीते उसमें ज्यादा से ज्यादा यह कहा जा सकता है कि भारतीय गेंदबाजों को अगर आपने पीट दिया और 200 से ज्यादा रनों का लक्ष्य दे दिया और उम्मीद करे कि भारतीय बल्लेबाजी ना करें। तब कहीं जाकर जीत की आशा हो सकती है।
भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती।