इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर यंगिस्तान ने जीता छठा अंडर 19 विश्वकप
ENGvsIND इंग्लैंड को 100 रनों से बड़ी हार थमा कर भारतीय अंडर 19 टीम ने रिकॉर्ड छठे विश्वकप पर कब्जा जमा लिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी कर 411 रनों का रिकॉर्ड स्कोर बनाया। इंग्लैंड बेहतर शुरुआत के बाद भी इस स्कोर का पीछा नहीं कर पाई।
इंग्लैंड 20 ओवर तक मैच में भी थी लेकिन अचानक मध्यक्रम बल्लेबाजी के बिखरने के कारण इंग्लैंड ने सिर्फ मैच खेलना जारी रखा। भारत के लिए दूसरा अंडर 19 विश्वकप खेलने वाले आयुष म्हात्रे ने दूसरे मौके को जाया नहीं होने दिया। भारतीय टीम बिना एक मैच हारे इस विश्वकप को जीतने में सफल रही।
21वीं सदी में भारत ने इस विश्वकप को जीतने की शुरुआत की थी। मोहम्मद कैफ की अगुवाई में साल 2000 में भारत ने पहला अंडर 19 विश्वकप अपने नाम किया था। साल 2008 में विराट कोहली ने भारत को अंडर 19 विश्वकप जिताया। उन्मुक्त चंद ने भारत को साल 2012 में विजायी बनाया। पृथ्वी शॉ की टीम साल 2018 में विजयी हुई। अंतिम बार भारत 2022 में विजयी हुई थी जिसकी कप्तानी यश धुल ने की थी। दिलचस्प बात यह है कि उस समय भी भारत के खिलाफ इंग्लैंड ही थी।
412 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं हुई और उसने पांचवें ही ओवर में जोसेफ मूर्स (17) का विकेट गंवा दिया।इसके बाद बल्लेबाजी करने आये बेन मेयस ने बीजे डॉवकिंस ने दूसरे विकेट के लिए 74 रन जोड़े। 13वें ओवर में खिलन पटेल ने बीजे डॉवकिंस को आउट कर इंग्लैंड को दूसरा झटका दिया। बीजे डॉवकिंस ने 28 गेंदों में सात चौके और दो छक्के लगाते हुए 45 रन बनाये। कप्तान थॉमस रियू (31) को कनिष्क चौहान ने आउट किया। इसके बाद 21वें ओवर में भारत ने इंग्लैंड के तीन विकेट झटककर अपनी जीत पक्की कर ली।
रलफी एलबर्ट (शून्य) रनआउट, फरहान अहमद (एक) और सेबेस्तियन मॉर्गन (शून्य) को दीपेश देवेंद्रन ने आउट किया। कैलेब फाल्कनर (115 ), जेम्स मिंटो (28 ) रन बनाकर आउट हुए। इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवरों में 311 रन ही बना सकी और 100 रनों से मुकाबला हार गई। भारत के लिए दीपेश देवेंद्रन ने दो विकेट लिये। अम्ब्रिश को दो विकेट मिले,कनिष्क चौहान ने दो विकेट लिए,खिलन पटेल और आयुष म्हात्रे ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।