RO-KO को लेकर गंभीर का दांव पड़ा उल्टा, मीटिंग अब कोच के प्रदर्शन पर
रोहित शर्मा और विराट कोहली को लेकर गौतम गंभीर की सारी योजनाएं धरी की धरी रह गई हैं। रोहित शर्मा ने जहां 51 गेंदो में 57 रनों की पारी खेली तो विराट कोहली ने 120 गेंदो में 135 रन बनाए। दोनों ही बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी वनडे सीरीज का वाइटवॉश बचाया था।
गौरतलब है कि सीरीज शुरु होने से पहले यह सुगबुगाहट थी कि दोनों ही दिग्गज बल्लेबाजों को उनके भविष्य को लेकर बोर्ड बातचीत करने वाला था। लेकिन दोनों की शानदार पारियों से कोच और बोर्ड का मूड बदल गया है।
मीडिया सूत्रों की मानें तो अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सकैया कोच गौतम गंभीर और टीम प्रबंधन के अन्य सदस्यों की रिव्यू मीटिंग होगी लेकिन टेस्ट सीरीज में सफाए पर ना कि इन दोनों दिग्गज बल्लेबाजों के भविष्य पर।
इससे पहले आलोचनाओं से घिरे भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा था कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में मिली करारी हार के बाद उनके भविष्य पर फैसला भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) को करना है लेकिन इसके साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि उनके कार्यकाल में टीम ने कितनी सफलता हासिल की है।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 0-2 से हार के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि गौतम गंभीर को कम से कम टेस्ट क्रिकेट में मुख्य कोच के पद से हाथ धोना पड़ेगा लेकिन भारतीय क्रिकेट क्ंट्रोल बोर्ड के विश्वसनीय सूत्रों से आ रही खबर के मुताबिक उनका पद सुरक्षित है और वह साल 2027 तक हर प्रारुप में भारत के कोच बने रहेंगे।
भले ही बोर्ड ने गौतम गंभीर को 2027 तक की लंबी रस्सी दे दी है। लेकिन यह बैठक इस बात का संकेत है कि अब सब कुछ कोच की मनमानी पर नहीं होगा।
अधिकारी ने नाम ना बताने की शर्त पर कहा, "घरेलू टेस्ट सत्र के दौरान, मैदान पर और मैदान के बाहर कन्फ्यूजिंग टैक्टिक्स के मामले सामने आए हैं। हम क्लैरिटी और आगे की प्लानिंग चाहते हैं, खासकर अगली टेस्ट सीरीज़ आठ महीने दूर होने के कारण।" अधिकारी ने आगे कहा, "भारत अगले साल T20 वर्ल्ड कप बचाने के लिए फेवरेट होगा और उसके बाद ODI वर्ल्ड कप का मजबूत दावेदार होगा, इसलिए हम चाहते हैं कि ये मुद्दे जल्दी सुलझें।"