कैसे BGT 19-20 के बाद अजिंक्य रहाणे की टेस्ट कप्तानी खा गए थे रोहित शर्मा
अजिंक्य रहाणे ने बतौर कप्तान भारत को ऑस्ट्रेलिया की धरती पर 2019-20 में एतिहासिक 2-1 से सीरीज जीत दिलवाई लेकिन इसके बाद उन्हें कप्तानी से तो क्या धीरे धीरे टीम से अलग कर दिया गया। यह बात सही है कि उनका फॉर्म बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज के बाद लगातार ढलान की ओर गया लेकिन अगर बतौर कप्तान ही उनको टीम की बागडोर थमा दी जाती तो शायद भारतीय टेस्ट टीम को नई ऊंचाइया मिलती।
साल 2020 में एडिलेड टेस्ट में जब भारत 36 रनों पर ऑलआउट हुआ था तो कप्तान विराट कोहली पितृत्व अवकाश के लिए भारत लौट गए थे। इसके बाद सबका यह मानना था कि यह दौरा भारत के लिए बहुत कठिन होने वाला है लेकिन जब दौरा खत्म हुआ तो भारत 2-1 से विजयी रहा था।इसका काफी कुछ श्रेय अजिंक्य रहाणे की कप्तानी को मिला जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर युवाओं पर विश्वास दिखाया।
विराट कोहली के कप्तानी के इस्तीफे के बाद अजिंक्य रहाणे की जगह रोहित शर्मा को टेस्ट की कप्तानी दी गई जिसकी सजा भारतीय टेस्ट क्रिकेट आज तक भुगत रहा है। लेकिन समय का फेर कुछ ऐसा रहा कि रणजी ट्रॉफी में रोहित शर्मा को करियर के अंतिम पड़ाव पर अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में खेलना पड़ा।
खराब फॉर्म के बाद अजिंक्य रहाणे ने बल्ले से 2023 में कमाल की वापसी की।अजिंक्य रहाणे ने 18 महीने बाद विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023 फाइनल में टेस्ट टीम में जगह बनाई थी। उन्होंने पहली पारी में 89 और दूसरी पारी में 46 रन बनाए थे और कुल 165 रन बनाकर उन्होंने एक बार फिर अपनी जगह पक्की की। कैरिबियाई दौरे पर अजिंक्य रहाणे पुनः टेस्ट टीम के उपकप्तान बने। उपकप्तान बनाने के पीछे टीम ने एक बार फिर इशारा किया कि शायद वह फिर कप्तान बन जाए लेकिन ऐसा हो ना सका और वह टेस्ट टीम से किनारे कर दिए गए।
इससे पहले अजिंक्य रहाणे अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू धरती पर टेस्ट मैच में भारत की अगुवाई कर चुके हैं जिसमें भारत महज 3 दिनों में यह मैच जीत चुका था।
टेस्ट टीम से बाहर होकर भी बतौर कप्तान मुंबई को दिलाई रणजी ट्रॉफी
अजिंक्य रहाणे के लिए बल्ले से रणजी ट्रॉफी का 2024 सत्र बेहद ही खराब रहा था लेकिन वह वानखेड़े स्टेडियम में वह सबसे खुश खिलाड़ी थे, जिनकी कप्तानी में टीम 42वीं बार शीर्ष घरेलू टूर्नामेंट की चैम्पियन बनीं। मुंबई ने विदर्भ को 169 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया था।Ajinkya Rahane ने इस दौरान सत्र में महज 214 रन बनाये।
विराट कोहली के कप्तानी के इस्तीफे के बाद अजिंक्य रहाणे की जगह रोहित शर्मा को टेस्ट की कप्तानी दी गई जिसकी सजा भारतीय टेस्ट क्रिकेट आज तक भुगत रहा है। लेकिन समय का फेर कुछ ऐसा रहा कि रणजी ट्रॉफी में रोहित शर्मा को करियर के अंतिम पड़ाव पर अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में खेलना पड़ा।
खराब फॉर्म के बाद अजिंक्य रहाणे ने बल्ले से 2023 में कमाल की वापसी की।अजिंक्य रहाणे ने 18 महीने बाद विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023 फाइनल में टेस्ट टीम में जगह बनाई थी। उन्होंने पहली पारी में 89 और दूसरी पारी में 46 रन बनाए थे और कुल 165 रन बनाकर उन्होंने एक बार फिर अपनी जगह पक्की की। कैरिबियाई दौरे पर अजिंक्य रहाणे पुनः टेस्ट टीम के उपकप्तान बने। उपकप्तान बनाने के पीछे टीम ने एक बार फिर इशारा किया कि शायद वह फिर कप्तान बन जाए लेकिन ऐसा हो ना सका और वह टेस्ट टीम से किनारे कर दिए गए।
इससे पहले अजिंक्य रहाणे अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू धरती पर टेस्ट मैच में भारत की अगुवाई कर चुके हैं जिसमें भारत महज 3 दिनों में यह मैच जीत चुका था।
टेस्ट टीम से बाहर होकर भी बतौर कप्तान मुंबई को दिलाई रणजी ट्रॉफी
अजिंक्य रहाणे के लिए बल्ले से रणजी ट्रॉफी का 2024 सत्र बेहद ही खराब रहा था लेकिन वह वानखेड़े स्टेडियम में वह सबसे खुश खिलाड़ी थे, जिनकी कप्तानी में टीम 42वीं बार शीर्ष घरेलू टूर्नामेंट की चैम्पियन बनीं। मुंबई ने विदर्भ को 169 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया था।Ajinkya Rahane ने इस दौरान सत्र में महज 214 रन बनाये।

