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काबुल अस्पताल पर हमले से मचा हाहाकार, राशिद खान सहित अफगान क्रिकेटरों का फूटा गुस्सा
काबुल के मशहूर ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट अस्पताल पर हुए हमले ने पूरे अफगानिस्तान को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना में सैकड़ों लोगों की मौत और बड़ी संख्या में घायल होने की खबर ने देश में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। सबसे दर्दनाक बात यह रही कि इस हमले का शिकार वे युवा बने, जो नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए अस्पताल में भर्ती थे। इस घटना के बाद पूरे देश में मातम का माहौल है और लोग इसे मानवता के खिलाफ बड़ा अपराध बता रहे हैं।
मोहम्मद नबी का भावुक बयान
अफगानिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर मोहम्मद नबी ने इस घटना पर बेहद भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि काबुल के इस अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर आए युवाओं की जिंदगी एक झटके में खत्म हो गई। उन्होंने उस दर्दनाक दृश्य का जिक्र किया, जहां मांएं अस्पताल के बाहर अपने बेटों का नाम पुकार रही थीं। उनका यह बयान तेजी से वायरल हो गया और लोगों के दिलों को छू गया।
Tonight in Kabul, hope was extinguished at a hospital. Young men seeking treatment were murdered in a bombing by the Pakistani military regime. Mothers waited at the gates, calling their sons names. On the 28th night of Ramadan, their lives were cut short. pic.twitter.com/p12617D4de
— Mohammad Nabi (@MohammadNabi007) March 16, 2026
राशिद खान ने कहा- यह युद्ध अपराध
अफगान टीम के स्टार स्पिनर Rashid Khan ने इस हमले को सीधे तौर पर “युद्ध अपराध” करार दिया। उन्होंने कहा कि नागरिक इलाकों, स्कूलों या अस्पतालों पर हमला करना किसी भी हालत में सही नहीं ठहराया जा सकता। राशिद ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की और भरोसा जताया कि अफगानिस्तान एक बार फिर मजबूती से खड़ा होगा।
I am deeply saddened by the latest reports of civilian casualties as a result of Pakistani airstrikes in Kabul. Targeting civilian homes, educational facilities or medical infrastructure, either intentional or by mistake, is a war crime. The sheer disregard for human lives,… pic.twitter.com/DbFRRh2qAJ
— Rashid Khan (@rashidkhan_19) March 16, 2026
नवीन-उल-हक का तीखा बयान
तेज गेंदबाज नवीन-उल-हक ने भी इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के हमलों में कोई फर्क नहीं दिखता, चाहे वह कहीं भी हो। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छेड़ दी और लोगों ने भी इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।
इब्राहिम जादरान की भावुक अपील
युवा ओपनर इब्राहिम जादरान ने भी इस घटना को लेकर दुख जताया। उन्होंने बताया कि काबुल में धमाके के बाद आसमान में उठती आग की लपटें देखना बेहद भयावह था। उन्होंने कहा कि जो लोग अगले दिन रोजा रखने की तैयारी कर रहे थे, वे अब इस दुनिया में नहीं रहे। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
वफादार मोमंद ने उठाया मानवता का सवाल
क्रिकेटर वफादार मोमंद ने कहा कि अस्पताल वह जगह होती है जहां लोगों की जान बचाई जाती है, लेकिन वहां खून बहाना इंसानियत के सभी मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने इस घटना को पूरी तरह अमानवीय बताया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा दबाव
इस हमले के बाद अफगानिस्तान में शोक और गुस्से का माहौल है। अफगान क्रिकेट बोर्ड ने भी इस घटना की निंदा की है। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मामले को लेकर चिंता जताई जा रही है। संयुक्त राष्ट्र ने नागरिकों और अस्पतालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
रमजान के पवित्र महीने में हुए इस हमले ने लोगों की भावनाओं को और ज्यादा आहत किया है। अफगान क्रिकेटरों के बयानों से साफ है कि पूरा देश एकजुट होकर न्याय की मांग कर रहा है और इस घटना को भुला पाना आसान नहीं होगा।
